LPG सिलेंडर और PNG दोनों हैं तो सरेंडर करें अभी — सरकार का सख्त आदेश, 1 मई से और कड़े नियम
अपडेट (30 अप्रैल 2026): 1 मई 2026 से LPG के नए नियम लागू हो रहे हैं — OTP-बेस्ड डिलीवरी अनिवार्य, eKYC जरूरी, और PNG वाले इलाकों में 3 महीने में कनेक्शन न छोड़ने पर LPG सप्लाई बंद हो सकती है।
क्या आपके घर में LPG सिलेंडर और PNG पाइपलाइन दोनों हैं? सरकार ने अब ‘एक घर, एक कनेक्शन’ का नियम सख्ती से लागू कर दिया है। ग्लोबल एनर्जी संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसके चलते अब डबल कनेक्शन रखना गैरकानूनी हो गया है। क्या आपने अपना LPG सिलेंडर सरेंडर किया? जानिए सरकार के इस नए आदेश का आप पर क्या असर होगा और क्यों नए गैस कनेक्शन देने पर रोक लगी है।
PNG भी है, LPG भी है — तो यह खबर आपके लिए है
क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिनके घर में पाइप वाली गैस यानी PNG भी लगी है, और कोने में एक LPG सिलेंडर भी रखा है? अगर हां, तो यह खबर खास आपके लिए है, क्योंकि सरकार अब इस डबल फायदे पर लगाम लगाने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
दिल्ली से आई ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अब उन घरों की पहचान कर रही है जहां LPG और PNG दोनों कनेक्शन एक साथ चल रहे हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि गैस की कालाबाजारी रुक सके और सब्सिडी का लाभ उन लोगों तक पहुंच सके जिन्हें इसकी वाकई ज़रूरत है।
पेट्रोलियम मंत्रालय का 14 मार्च का आदेश — क्या कहता है नियम
सरकार ने पिछले महीने ही एक कड़ा आदेश जारी किया था जिसमें साफ़ कहा गया था कि जिन घरों में पाइप से रसोई गैस यानी PNG पहुंच रही है, वे अब सब्सिडी वाला घरेलू LPG सिलेंडर नहीं रख सकते। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 14 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत पुराने नियमों में बदलाव करते हुए यह अनिवार्य कर दिया है — PNG कनेक्शन है तो घरेलू LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा।
इस फैसले के पीछे का बड़ा कारण दुनिया भर में चल रहा ऊर्जा संकट है। सरकार चाहती है कि PNG का इस्तेमाल बढ़े और LPG सिलेंडरों पर से दबाव कम हो सके।
और 1 मई से यह और सख्त हो रहा है।
तेल कंपनियों और डीलरों पर भी पड़ा असर — रिफिल भी बंद
इस नए नियम का असर केवल ग्राहकों पर ही नहीं, बल्कि तेल कंपनियों और गैस डिस्ट्रिब्यूटर्स पर भी पड़ेगा। अब सरकारी तेल कंपनियों और उनके डीलरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे किसी भी ग्राहक को नया LPG कनेक्शन न दें या सिलेंडर रिफिल न करें जिसके घर में पहले से PNG की सप्लाई मौजूद है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि अभी इस बात का आकलन किया जा रहा है कि देश में कुल कितने ऐसे परिवार हैं जो दोनों सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।
43,000 ने खुद छोड़ा — लेकिन सरकार को लाखों की तलाश है
आंकड़ों की बात करें तो सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 43,000 से ज़्यादा ऐसे लोग सामने आए हैं जिन्होंने PNG होने के कारण अपना LPG कनेक्शन खुद ही सरेंडर कर दिया है।
लेकिन सरकार का मानना है कि यह संख्या अभी बहुत कम है।
असल में ऐसे लाखों लोग हो सकते हैं जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं। सरकार अब डेटा के जरिए ऐसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि जो लोग खुद कनेक्शन नहीं छोड़ रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जा सके।
भारत 88% कच्चा तेल बाहर से मंगाता है — इसीलिए यह संकट
सरकार के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को प्राथमिकता देना है जिनके पास PNG की सुविधा नहीं है। भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% LPG विदेशों से आयात करता है।
तो जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई तनाव होता है, भारत में गैस और तेल की सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है। पश्चिम एशिया में चल रहे हालातों की वजह से सप्लाई चैन में काफी दिक्कतें आ रही हैं, जिसे देखते हुए घरेलू संसाधनों का सही इस्तेमाल करना ज़रूरी हो गया है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ बंद हुआ तो LPG संकट और गहरा होगा
सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से भारत की 85-90% LPG आती है। हाल ही में ईरान और इज़रायल के बीच हुए तनाव के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़’ का रास्ता प्रभावित हुआ है, जहां से भारत का अधिकांश ईंधन गुज़रता है।
भारत ने रूस जैसे देशों से तेल खरीदकर कच्चे तेल की कमी को तो काफी हद तक संभाल लिया है। लेकिन गैस की सप्लाई अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी संकट को देखते हुए सरकार ने फिलहाल नए LPG कनेक्शन देने पर भी रोक लगा दी है।
होटल, रेस्टोरेंट और इंडस्ट्री — सब पर पड़ा असर
इस पूरी स्थिति का असर केवल आम जनता पर ही नहीं, बल्कि कमर्शियल सेक्टर पर भी दिख रहा है। गैस की कमी की वजह से होटलों और रेस्टोरेंट्स को दी जाने वाली LPG की सप्लाई में कटौती की गई है, और इंडस्ट्रियल यूनिट्स के लिए भी गैस की उपलब्धता कम हो गई है।
सरकार का मानना है कि जब तक ग्लोबल मार्केट में हालात सामान्य नहीं होते, एक व्यक्ति को एक ही गैस कनेक्शन की सुविधा दी जाएगी — ताकि देश के हर कोने में रसोई जलती रहे और किसी को भी ईंधन की किल्लत का सामना न करना पड़े।
FAQs — LPG PNG double connection rule India 2026
Q: अगर मेरे घर में PNG है तो क्या मुझे LPG सिलेंडर तुरंत सरेंडर करना होगा? A: हां। पेट्रोलियम मंत्रालय के 14 मार्च 2026 के आदेश के अनुसार, जिन घरों में PNG कनेक्शन है, उन्हें घरेलू LPG कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य है। 1 मई 2026 से PNG वाले इलाकों में 3 महीने के भीतर कनेक्शन न छोड़ने पर LPG सप्लाई बंद की जा सकती है।
Q: LPG कनेक्शन सरेंडर कैसे करें? A: अपने नज़दीकी LPG डिस्ट्रिब्यूटर से संपर्क करें या Indane, Bharat Gas, HP Gas के official app पर जाकर surrender request डालें। सिलेंडर और रेगुलेटर वापस करना होगा और सिक्योरिटी डिपॉज़िट वापस मिलेगी।
Q: क्या PNG वाले इलाके में भी LPG रखा जा सकता है? A: नहीं। सरकार के नए ‘एक घर, एक कनेक्शन’ नियम के तहत PNG कनेक्शन होने पर सब्सिडी वाला घरेलू LPG सिलेंडर रखना गैरकानूनी है। तेल कंपनियों को ऐसे घरों में रिफिल देने से भी मना किया गया है।
Q: LPG की कीमत मार्च 2026 से कितनी बढ़ी है? A: 14.2 kg का घरेलू सिलेंडर मार्च 2026 में ₹60 महंगा हुआ है। 19 kg कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में एक ही महीने में तीन बार बढ़ोतरी हुई — कुल मिलाकर ₹300 से ज़्यादा का इज़ाफा।
Q: मेरे इलाके में PNG नहीं है तो क्या LPG कनेक्शन बंद होगा? A: नहीं। यह नियम केवल उन इलाकों पर लागू होता है जहां PNG इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद है। जहां PNG उपलब्ध नहीं है या तकनीकी रूप से इंस्टॉलेशन संभव नहीं है, वहां LPG कनेक्शन पहले की तरह जारी रहेगा।
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