Income Tax Return Rules: ITR भरने से पहले जान लें सेक्शन 87A के ये नियम, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

Section 87A Rebate क्या है, कैसे क्लेम करें, कब नहीं मिलती — नए और पुराने टैक्स सिस्टम के नियम आसान भाषा में। ITR भरने से पहले एक बार जरूर पढ़ें।

April 27, 2026 9:11 AM
Income Tax Return Rules | Section 87A Rebate: ₹12 लाख तक टैक्स जीरो — पूरा नियम जानें

Income Tax Return Rules | Section 87A Rebate: ₹12 लाख तक टैक्स जीरो — पूरा नियम जानें

Income Tax Return Rules Update: CBDT ने AY 2026-27 के लिए ITR फॉर्म 31 मार्च 2026 को notified कर दिए हैं। इस बार समय पर notified हुए हैं — पिछले साल अप्रैल के आखिर में आने की वजह से deadline extend करनी पड़ी थी। सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए ITR-1 की eligibility भी बढ़ी है — अब दो house properties वाले भी ITR-1 भर सकते हैं।

अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने जा रहे हैं, तो सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली टैक्स रिबेट आपके काफी काम आ सकती है। यह खासतौर पर कम और मध्यम आय वाले टैक्सपेयर्स के लिए बनाई गई है, जिससे उनकी टैक्स देनदारी कम हो जाती है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

Section 87A Rebate क्या है और किसे मिलती है?

रिबेट का मतलब है कि आपके द्वारा कैलकुलेट किए गए टैक्स में से एक निश्चित रकम घटा दी जाती है। यानी अगर आपकी आय एक तय सीमा के अंदर है, तो आपको टैक्स में सीधी राहत मिलती है।

लेकिन रुकिए — यह बात अलग तरह से कहता हूं। यह कोई डिडक्शन नहीं है जो आपकी आय से घटे। यह सीधे आपके टैक्स बिल से घटती है। फर्क बड़ा है।

कितनी छूट मिलती है — नए और पुराने टैक्स सिस्टम में?

पुराना टैक्स सिस्टम (Old Regime): अगर आपकी सालाना आय ₹5 लाख तक है, तो अधिकतम ₹12,500 तक की रिबेट मिल सकती है।

नया टैक्स सिस्टम (New Regime): अगर आपकी आय ₹12 लाख तक है, तो ₹60,000 तक की रिबेट मिल सकती है।

इसका मतलब है कि कई मामलों में आपकी टैक्स देनदारी पूरी तरह जीरो भी हो सकती है।

और यह सिर्फ कागज़ पर नहीं है — AY 2026-27 में लाखों मध्यम वर्गीय टैक्सपेयर्स को सच में शून्य टैक्स देना होगा। बस सही तरीके से ITR भरनी होगी।

रिबेट कैसे लागू होती है?

रिबेट सीधे आपके कुल टैक्स पर लागू होती है। ध्यान रखें कि यह हेल्थ एंड एजुकेशन सेस (4%) जोड़ने से पहल लागू होती है। यानी पहले टैक्स कैलकुलेट होगा, फिर रिबेट घटेगी, और उसके बाद सेस लगेगा।

क्या आप इस क्रम को नोट कर रहे हैं? यही वह जगह है जहां ज्यादातर लोग गलती करते हैं।

ITR में सेक्शन 87A रिबेट कैसे क्लेम करें?

ITR भरते समय ये स्टेप्स फॉलो करने होते हैं:

  1. अपनी कुल आय (Gross Income) जोड़ें।
  2. उसमें से डिडक्शन (जैसे 80C आदि) घटाएं।
  3. टैक्सेबल इनकम निकालें।
  4. अगर आपकी आय सीमा के अंदर है, तो सेक्शन 87A के तहत रिबेट क्लेम करें।

यह सुविधा ITR-2 और ITR-3 फॉर्म में भी उपलब्ध होती है। And अच्छी बात यह है — अगर आप eligibility के अंदर हैं, तो portal खुद-ब-खुद रिबेट कैलकुलेट कर देता है।

मार्जिनल रिलीफ क्या है — और यह क्यों जरूरी है?

नए टैक्स सिस्टम में एक खास नियम मार्जिनल रिलीफ है। अगर आपकी आय ₹12 लाख से थोड़ी ज्यादा है, तो टैक्स अचानक बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा।

उदाहरण के तौर पर — अगर आपकी आय ₹12.15 लाख है, तो लिमिट से सिर्फ ₹15,000 ज्यादा है। ऐसे में आपका टैक्स भी लगभग इसी अतिरिक्त राशि के आसपास सीमित किया जाता है। इससे आपको हजारों रुपये की राहत मिल सकती है।

बस ₹15,000 ज्यादा आय पर पूरा टैक्स नहीं देना — यही मार्जिनल रिलीफ का असली फायदा है।

कब नहीं मिलती सेक्शन 87A रिबेट?

सेक्शन 87A रिबेट का फायदा हर तरह की आय पर नहीं मिलता। AY 2026-27 से यह नियम और सख्त हो गया है। आप इन स्थितियों में क्लेम नहीं कर सकते:

  • शेयर से होने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) — Section 112A के तहत
  • शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) — Section 111A के तहत
  • लॉटरी या गेम शो से हुई कमाई
  • कंपनियां और HUF
  • NRI (Non-Resident Indians)

AY 2026-27 के लिए खास बात: Budget 2025 में साफ कर दिया गया कि special rate income (STCG, LTCG जैसी) पर नए टैक्स सिस्टम में रिबेट नहीं मिलेगी। पहले इस पर विवाद था — अब नियम तय है।

रिबेट, डिडक्शन और एक्जम्पशन में फर्क

तीनों अलग हैं। इन्हें मिलाने की गलती बहुत लोग करते हैं।

Deduction: आपकी आय से घटती है (जैसे 80C)।

Exemption: कुछ आय पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।

Rebate: सीधे आपके टैक्स बिल से घटती है।

सेक्शन 87A रिबेट छोटे और मध्यम आय वाले टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत है। सही तरीके से ITR भरकर आप अपनी टैक्स देनदारी को काफी हद तक कम या खत्म भी कर सकते हैं। ITR फाइल करते समय इस छूट का ध्यान जरूर रखें।

FAQs 

Q: क्या सैलरीड व्यक्ति को सेक्शन 87A रिबेट अलग से क्लेम करनी पड़ती है? A: नहीं, अगर आपकी टैक्सेबल इनकम तय सीमा के अंदर है तो ITR पोर्टल खुद-ब-खुद रिबेट कैलकुलेट कर देता है। बस आय और डिडक्शन सही भरें — रिबेट अपने आप लागू हो जाती है।

Q: AY 2026-27 में सेक्शन 87A रिबेट की लिमिट क्या है? A: नए टैक्स सिस्टम में ₹12 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर ₹60,000 तक की रिबेट मिलती है। पुराने सिस्टम में ₹5 लाख तक की आय पर ₹12,500 की रिबेट है। दोनों सिस्टम में यह रिबेट सेस से पहले लागू होती है।

Q: अगर मेरी आय ₹12 लाख से थोड़ी ज्यादा है तो क्या पूरा टैक्स देना होगा? A: नहीं, इसीलिए मार्जिनल रिलीफ का नियम है। अगर आपकी आय ₹12 लाख से थोड़ी ऊपर है, तो आपका टैक्स उतना ही लगेगा जितनी आपकी extra income है — अचानक बड़ा टैक्स नहीं बनेगा।

Q: क्या शेयर से STCG हो तो भी 87A रिबेट मिलेगी? A: AY 2026-27 से नहीं। Budget 2025 में यह साफ कर दिया गया कि STCG (Section 111A) और LTCG (Section 112A) जैसी special rate income पर नए टैक्स सिस्टम में सेक्शन 87A रिबेट नहीं मिलेगी।

Q: NRI सेक्शन 87A रिबेट क्लेम कर सकते हैं? A: नहीं। यह रिबेट सिर्फ भारत में resident individual टैक्सपेयर्स के लिए है। NRI, HUF और कंपनियां इस रिबेट के लिए eligible नहीं हैं।

 

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