Senior Citizen Saving Scheme 2026: बुजुर्गों को हर साल ₹2,46,000 देने वाली पोस्ट ऑफिस स्कीम

Post Office SCSS में 8.2% ब्याज दर पर ₹30 लाख निवेश करने पर सालाना ₹2,46,000 मिलते हैं। अप्रैल-जून 2026 में दर अपरिवर्तित। टैक्स छूट, पात्रता, और पूरा हिसाब यहां देखें।

May 18, 2026 10:27 PM
Post Office Senior Citizen Saving Scheme 2026

Senior Citizen Saving Scheme 2026: ब्याज दर, निवेश, और टैक्स फायदे

अगर आप बिना किसी जोखिम के हर साल बंपर कमाई करना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) आपके लिए सबसे सही रास्ता है. केंद्र सरकार ने अप्रैल से जून 2026 की तिमाही के लिए इस बचत योजना पर 8.2 फीसदी की सालाना ब्याज दर बरकरार रखी है. देश के करोड़ों बुजुर्ग अपनी जमा पूंजी सुरक्षित रखने और हर महीने खर्च चलाने के लिए इस सरकारी गारंटी वाली योजना पर पूरा भरोसा करते हैं. वित्त मंत्रालय के ताजा नियमों के मुताबिक यह बुजुर्गों को टैक्स छूट के साथ एक तय कमाई की गारंटी देती है.

Senior Citizen Saving Scheme क्या है?

Senior Citizen Saving Scheme (SCSS) केंद्र सरकार की एक सुरक्षित बचत योजना है, जिसे खास तौर पर 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाया गया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद बुजुर्गों को नियमित कमाई का जरिया देना है. इसमें जमा पैसे पर सरकार की सुरक्षा मिलती है और डाकघर के जरिए इसका संचालन होता है.

योजना की अवधि कितनी होती है?

इस सरकारी स्कीम में आपको 5 साल के लिए पैसा जमा करना होता है. अगर आपको आगे भी स्कीम का फायदा लेना है, तो मैच्योरिटी के बाद इसे 3 साल के लिए और आगे बढ़ा सकते हैं. इस तरह यह योजना कुल 8 साल तक सुरक्षित रिटर्न दे सकती है.

अधिकतम कितना पैसा जमा होगा?

निवेश की शर्तें नियम और सीमाएं
न्यूनतम निवेश राशि ₹1,000
अधिकतम निवेश सीमा ₹30,000,000 (30 लाख रुपये)
खाता खोलने का विकल्प सिंगल या जॉइंट (पति-पत्नी)
जॉइंट अकाउंट में निवेश सीमा ₹30 लाख प्रति खाता

इस खाते में आप कम से कम 1,000 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. अधिकतम निवेश की सीमा 30 लाख रुपये तय की गई है. पति और पत्नी मिलकर एक साथ संयुक्त खाता भी खोल सकते हैं या चाहें तो दोनों अलग-अलग खाता रखकर 30-30 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं.

Senior Citizen Saving Scheme — Key Facts

  • इस योजना में सीनियर सिटीजंस को फिलहाल 8.2% की दर से सालाना ब्याज मिल रहा है.

  • सरकार हर तीन महीने में इस बचत योजना की ब्याज दरों की समीक्षा करके इसे तय करती है.

  • अधिकतम 30 लाख रुपये जमा करने पर बुजुर्गों को हर तिमाही ₹61,500 का ब्याज मिलता है.

  • सरकार के नियमों के मुताबिक इस खाते में निवेश की अवधि 5 साल तय की गई है.

  • अतिरिक्त पैसा जमा होने पर डाकघर उसे वापस करेगा और उस अवधि का साधारण ब्याज देगा.

  • टैक्स नियमों के तहत बुजुर्गों को ब्याज पर ₹50,000 तक की छूट का लाभ मिलता है.

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तय सीमा से ज्यादा पैसा जमा होने पर क्या होगा?

अगर भूलवश या किसी वजह से खाते में तय सीमा से अधिक रकम जमा हो जाती है, तो पोस्ट ऑफिस वह एक्स्ट्रा पैसा खाताधारक को वापस लौटा देगा. इसके साथ ही, जिस तारीख को पैसा जमा हुआ था और जब तक उसकी वापसी होगी, उस दौरान की अवधि के लिए डाकघर के सामान्य बचत खाते वाला ब्याज उस एक्स्ट्रा रकम पर जोड़कर दिया जाएगा.

ब्याज का भुगतान कब होता है?

इस योजना में साल भर के ब्याज को चार हिस्सों में बांटकर हर तिमाही में आपके खाते में भेज दिया जाता है. साल में चार बार सीधे आपके पास पैसा पहुंचता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद रोजमर्रा के खर्च चलाने में कोई दिक्कत नहीं आती. जो लोग पेंशन के अलावा एक बंधी-बधाई आय चाहते हैं, उनके लिए यह व्यवस्था सबसे कारगर है.

टैक्स में कितनी छूट मिलेगी?

इस स्कीम से होने वाली ब्याज की कमाई पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं होती है, बल्कि यह टैक्स के दायरे में आती है. राहत की बात यह है कि आयकर कानून की धारा 80TTB के तहत सीनियर सिटीजंस को एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है. सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए यह एक बड़ा सहारा है.

Key Takeaways

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FAQ

Q: सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में 30 लाख जमा करने पर कितना ब्याज मिलेगा?

A: अगर आप इस योजना में अधिकतम 30 लाख रुपये जमा करते हैं, तो आपको हर तीन महीने में ₹61,500 का ब्याज मिलेगा. सालाना आधार पर यह कमाई लगभग 2,46,000 रुपये बैठती है. यह राशि सीधे आपके खाते में ट्रांसफर की जाती है.

Q: क्या SCSS में अवधि खत्म होने के बाद इसे आगे बढ़ाया जा सकता है?

A: हां, इस योजना की शुरुआती अवधि 5 साल की होती है. अगर खाताधारक चाहे तो मैच्योरिटी पूरी होने के बाद इस खाते को अगले 3 साल के लिए और विस्तार दे सकता है. इसके लिए आपको डाकघर में आवेदन करना होगा.

Q: क्या पति और पत्नी दोनों अलग-अलग SCSS खाता खोल सकते हैं?

A: हां, पति और पत्नी दोनों इस योजना के तहत अपना अलग-अलग स्वतंत्र खाता खोल सकते हैं. इसके अलावा दोनों को एक साथ संयुक्त खाता खोलने की सुविधा भी मिलती है. प्रत्येक व्यक्तिगत खाते में अधिकतम 30 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं.

Q: इस योजना में कम से कम कितना पैसा जमा करना जरूरी है?

A: इस सरकारी योजना में बेहद कम रकम से भी निवेश शुरू किया जा सकता है. आप मात्र 1,000 रुपये से अपना खाता खुलवा सकते हैं. यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो धीरे-धीरे अपनी बचत को सुरक्षित करना चाहते हैं.

Q: क्या SCSS से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है?

A: हां, इस स्कीम से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री नहीं है और यह आपकी कुल आय में जुड़ता है. हालांकि, आयकर की धारा 80TTB के तहत बुजुर्गों को ₹50,000 तक की ब्याज आय पर टैक्स में सीधी कटौती का लाभ मिलता है.

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