Khatu Shyam and Vaishno Devi Darshan by One Train: बाड़मेर-जम्मू स्पेशल ट्रेन का पूरा शेड्यूल
खाटू श्याम और वैष्णो देवी के भक्तों के लिए बड़ी खबर: एक ही ट्रेन से करें दोनों धामों के दर्शन! राजस्थान के भक्तों के लिए रेलवे ने एक बहुत ही खास तोहफा दिया है। अब एक ही ट्रेन से दो बड़े धार्मिक स्थलों, खाटू श्याम और वैष्णो देवी, के दर्शन करना आसान हो गया है। हाल ही में बाड़मेर से जम्मूतवी के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई, जो रास्ते में रींगस स्टेशन पर रुककर खाटूश्याम जी के दर्शन का मौका देती है और सीधे वैष्णो देवी का रास्ता भी दिखाती है। यह उन सभी लोगों के लिए खुशखबरी है जो सड़क यात्रा से बचना चाहते हैं।खाटू श्याम और वैष्णो देवी दर्शन by one train
उत्तर पश्चिम रेलवे ने बाड़मेर-जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन की घोषणा करके रेगिस्तान में रहने वाले भक्तों को खुशी से भर दिया। जिन लोगों को खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए लंबी बस या गाड़ी की यात्रा करनी पड़ती थी, अब वे आराम से ट्रेन से जा सकते हैं। यह स्पेशल ट्रेन न सिर्फ रींगस स्टेशन पर रुकेगी (जो खाटूश्याम मंदिर से सिर्फ 17 किलोमीटर दूर है) बल्कि देश के सबसे बड़े तीर्थस्थल वैष्णो देवी तक पहुंचने का रास्ता भी आसान बनाएगी। गंदे हेलमेट को चमकाने का Best way to clean helmetट्रेन का पूरा शेड्यूल और रूट
रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशि किरण के अनुसार, ट्रेन नंबर 04818 (बाड़मेर-जम्मूतवी एकतरफा स्पेशल) 17 सितंबर (बुधवार) को दोपहर 12:30 बजे बाड़मेर से चलेगी। यह रात 10:58 बजे रींगस पहुंचेगी, जहाँ यह 3 मिनट रुककर रात 11:01 बजे जम्मू के लिए रवाना होगी। अगले दिन, 18 सितंबर (गुरुवार) को दोपहर 3:30 बजे यह जम्मूतवी पहुंचेगी।किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी यह स्पेशल ट्रेन?
यह स्पेशल ट्रेन सीकर जिले के रींगस स्टेशन के अलावा श्रीमाधोपुर, कांवट, नीमकाथाना और डाबला जैसे छोटे-बड़े स्टेशनों पर भी रुकेगी। रास्ते में यह बायतू, बालोतरा, समदड़ी, लूनी, जोधपुर, गोटन, मेडता रोड, डेगाना, मकराना, कुचामन सिटी, नावां सिटी, फुलेरा, रेनवाल, नारनौल, रेवाड़ी, रोहतक, जींद, लुधियाना, जालंधर सिटी, और पठानकोट कैंट जैसे कई बड़े स्टेशनों पर भी यात्रियों को लेने-उतारने का काम करेगी। यह एक लंबी यात्रा है, लेकिन भक्तों को एक साथ दो बड़े धार्मिक स्थलों पर जाने का मौका देगी।ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं हैं?
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए, रेलवे ने इस ट्रेन को 23 डिब्बों से जोड़ा है। इसमें 2 फर्स्ट कम सेकंड एसी, 2 सेकंड एसी, 4 थर्ड एसी, 8 स्लीपर, 5 जनरल और 2 गार्ड डिब्बे शामिल हैं। यानी, यह एक बहुत लंबी ट्रेन है जो रेगिस्तान से लेकर हिमालय तक की यात्रा को आरामदायक बना देगी।रींगस से खाटू श्याम मंदिर का रास्ता
रींगस स्टेशन पर उतरने के बाद भक्तों को खाटू श्याम मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी और बसों की सुविधा आसानी से मिल जाएगी। सिर्फ 17 किलोमीटर का यह छोटा सा सफर तय करके आप सीधे बाबा श्याम के दरबार पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, यही ट्रेन पठानकोट और जालंधर होते हुए सीधे जम्मू तक जाएगी, जिससे वैष्णो देवी जाने वालों के लिए भी सफर बहुत सुविधाजनक हो जाएगा। यह ट्रेन खासकर मासिक मेले और त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी। उम्मीद है कि भक्तों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने पर रेलवे भविष्य में भी इस तरह की और ट्रेनें चलाएगा, ताकि khatu shyam and vaishno devi darshan by one train का सपना सच हो सके। तो अगर आप भी खाटू श्याम और वैष्णो देवी के दर्शन एक साथ करना चाहते हैं, तो यह ट्रेन आपके लिए सबसे बढ़िया मौका थी। अगले त्योहारों और मेलों के दौरान ऐसी ट्रेनों की जानकारी पर नजर रखें। Maruti Brezza GST कटौती के बाद कितने रुपये सस्ती हो जाएगी, यहां जानें पूरी डिटेलFAQs
Q1. क्या एक ही ट्रेन से खाटू श्याम और वैष्णो देवी के दर्शन करना संभव है?
A: जी हां, रेलवे ने बाड़मेर-जम्मूतवी स्पेशल ट्रेन चलाई थी जो रींगस (खाटू श्याम) और जम्मूतवी (वैष्णो देवी) दोनों जगह जाती है। इससे भक्तों के लिए एक ही यात्रा में दोनों तीर्थों के दर्शन करना संभव हो गया है।Q2. यह स्पेशल ट्रेन किन-किन स्टेशनों पर रुकती है?
A: यह ट्रेन बाड़मेर, जोधपुर, जयपुर के पास फुलेरा, और रींगस जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है। इसके अलावा, यह रेवाड़ी, रोहतक और लुधियाना जैसे स्टेशनों से होकर जम्मूतवी पहुंचती है।Q3. रींगस स्टेशन से खाटू श्याम मंदिर कितनी दूर है?
A: रींगस स्टेशन से खाटू श्याम मंदिर की दूरी सिर्फ 17 किलोमीटर है, जिसके लिए स्टेशन के बाहर टैक्सी और बस की सुविधा उपलब्ध है।Q4. क्या यह ट्रेन नियमित रूप से चलती है?
A: फिलहाल यह एक स्पेशल ट्रेन थी जो मासिक मेले और त्योहारों के लिए चलाई गई थी। लेकिन भक्तों की अच्छी प्रतिक्रिया मिलने पर रेलवे भविष्य में ऐसी और ट्रेनें चला सकता है।Q5. इस ट्रेन में किस तरह के कोच उपलब्ध थे?
A: भक्तों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में एसी, स्लीपर और जनरल कोच सभी तरह के डिब्बे उपलब्ध थे।
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