New Traffic Challan Rules: ऐसे टू-व्हीलर्स को दूर से ही पहचान जा रहे पुलिसवाले, फिर ₹10000 तक का काट रहे चालान; जानिए वजह
अक्सर हम बाइक की आवाज बढ़ाने के लिए साइलेंसर बदलवा लेते हैं या बेहतर लुक के लिए तेज रोशनी वाली हेडलाइट लगवा लेते हैं। लेकिन, New Traffic Challan Rules (नए मोटर व्हीकल एक्ट 2019) के तहत अब ये शौक आपको भारी मुसीबत में डाल सकते हैं।
क्या आप भी अपनी बाइक या स्कूटर को ‘कूल’ दिखाने के लिए उसमें मनचाहे बदलाव करवाते हैं? अगर ऐसा है तो सावधान हो जाइए। अक्सर हम बाइक की आवाज बढ़ाने के लिए साइलेंसर बदलवा लेते हैं या बेहतर लुक के लिए तेज रोशनी वाली हेडलाइट लगवा लेते हैं। लेकिन, नए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत अब ये शौक आपको भारी मुसीबत में डाल सकते हैं।
सरकार ने वाहनों में होने वाले गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन पर सख्ती बढ़ा दी है। यानी बिना अप्रूवल वाले पार्ट्स के साथ सड़क पर निकलने पर 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक जुर्माना लग सकता है। आइए जानते हैं पूरी खबर को विस्तार से।
ऑटोमोबाइल अपडेट: पसंदीदा मॉडल्स पर सीमित समय की शानदार डील का फायदा उठाते समय भी यह सुनिश्चित करें कि गाड़ी के सारे पार्ट्स ओरिजिनल हों।
अब लगेगा भारी जुर्माना: New Traffic Challan Rules के सख्त नियम
सच तो यह है कि आजकल चौराहों पर खड़ी ट्रैफिक पुलिस दूर से ही गाड़ियों की तेज आवाज और आंखों में चुभने वाली लाइट्स देखकर उन्हें पहचान लेती है।
अगर आपने अपनी गाड़ी में ऐसे पार्ट्स लगवाए हैं जो ARAI (Automotive Research Association of India) द्वारा अप्रूव्ड नहीं हैं, तो पुलिस का चालान कट सकता है। इसमें आवाज करने वाले साइलेंसर, मॉडिफाइड रियर-लाइट, हेडलाइट, अलग तरह के टायर या सस्पेंशन सब कुछ शामिल हैं।
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आप पहली बार पकड़े जाते हैं, तो आपको 5,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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अगर आपने वही गलती दोबारा दोहराई, तो यह जुर्माना 10,000 रुपये तक जा सकता है।
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इतना ही नहीं, पुलिस आपकी गाड़ी को सीज भी कर सकती है या उसका रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किया जा सकता है।
सेफ्टी है सबसे बड़ी प्राथमिकता (Safety & RTO Guidelines)
सरकार का चालान काटने के पीछे असली मकसद ‘सड़क सुरक्षा’ है। जब हम बाइक के इंजन या उसकी बनावट के साथ छेड़छाड़ करते हैं, तो वह गाड़ी कंपनी के सुरक्षा मानकों से बाहर हो जाती है।
तेज आवाज वाले साइलेंसर से ध्वनि प्रदूषण होता है और मॉडिफाइड हेडलाइट्स सामने वाले ड्राइवर की आंखों को चकाचौंध कर देती हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि बाइक में लगा हर छोटा-बड़ा पार्ट ARAI द्वारा प्रमाणित होना चाहिए।
ध्यान रखें: कई बार लोग फैंसी नंबर प्लेट या प्रेशर हॉर्न भी लगवा लेते हैं, जो सीधा मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है। इन पर भी भारी जुर्माना तय किया गया है।
गैराज मालिकों पर भी होगी कार्रवाई: मैकेनिक भी रडार पर
यहां लोग गलती करते हैं कि वो कुछ पैसे बचाने या लोकल जुगाड़ के चक्कर में गली-मोहल्ले के मैकेनिक से अपनी गाड़ी को मॉडिफाई करवा लेते हैं।
नियम केवल बाइक मालिकों के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए भी हैं जो ये पार्ट्स बेचते या फिट करते हैं। अगर कोई गैराज या डीलर बिना अप्रूवल वाले पार्ट्स बेचते या गाड़ी में फिट करते हुए पाया जाता है, तो उन पर 25,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
यानी अगर आप किसी मैकेनिक से गैर-कानूनी काम करवाते हैं, तो उन्हें भी कानून का सामना करना पड़ेगा। यानी आप अपनी बाइक को स्टाइलिश बनाने की चाहत में नियमों को नजरअंदाज न करें।
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FAQs
1. क्या बुलेट (Royal Enfield) में साइलेंसर बदलना गैर-कानूनी है?
हां, अगर आपने कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल साइलेंसर को हटाकर आफ्टर-मार्केट ‘पटाखा’ (loud) साइलेंसर लगवाया है जो ARAI अप्रूव्ड नहीं है, तो यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है और इस पर चालान कट सकता है।
2. न्यू ट्रैफिक रूल्स के तहत मॉडिफाइड बाइक का चालान कितने का है?
बिना अप्रूवल के बाइक में मॉडिफिकेशन करवाने पर पहली बार में 5,000 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये तक का चालान कट सकता है।
3. मेरी बाइक में कौन-कौन से मॉडिफिकेशन लीगल (वैध) हैं?
आप अपनी बाइक में छोटे-मोटे बदलाव कर सकते हैं जो गाड़ी के मूल ढांचे (chassis), इंजन, या वजन को प्रभावित न करें। जैसे- सीट कवर बदलना, टैंक पैड लगाना या ARAI अप्रूव्ड एक्सेसरीज का इस्तेमाल करना।
4. क्या मैं RTO की परमिशन के बिना अपनी बाइक का रंग बदल सकता हूं?
नहीं। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, अगर आप अपनी गाड़ी का रंग बदलते हैं, तो आपको सबसे पहले अपने स्थानीय RTO (Regional Transport Office) से मंजूरी लेनी होगी और इसे अपनी RC (Registration Certificate) में अपडेट करवाना होगा।
5. अगर पुलिस मेरी मॉडिफाइड बाइक को सीज कर दे तो क्या करें?
अगर आपकी गाड़ी सीज हो जाती है, तो आपको कोर्ट या RTO ऑफिस जाकर चालान की राशि जमा करनी होगी। इसके अलावा, आपको हलफनामा देना पड़ सकता है कि आप गाड़ी से सभी गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन हटा देंगे।
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