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सरकार दे रही है फ्री AI ट्रेनिंग — 15,000 क्रिएटर्स को मिलेगा गूगल सर्टिफिकेट, अभी करें अप्लाई

Aryan Tank
By Aryan Tank On March 25, 2026
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फ्री AI कोर्स: सरकार दे रही है AI टूल्स की मुफ्त ट्रेनिंग, क्रिएटर्स और मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए सुनहरा मौका

Free AI Training: गूगल और यूट्यूब के साथ हाथ मिलाकर भारत सरकार ने कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स और मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए एक ‘नेशनल एआई स्किलिंग प्रोग्राम’ लॉन्च किया है — और यह पूरी तरह मुफ्त है। इस पहल के तहत 15,000 युवाओं को एडवांस एआई टूल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। मकसद साफ है — बदलते डिजिटल दौर में स्किल्स अपग्रेड हों और कंटेंट पहले से कहीं बेहतर बने।

एआई की दुनिया में भारत के कदम अब तेज हो रहे हैं। हाल ही में देश ने ‘एआई इंपैक्ट समिट’ आयोजित किया — दुनिया का सबसे बड़ा एआई आयोजन। और अब इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने टेक दिग्गजों के साथ एक बड़ी पार्टनरशिप का ऐलान किया है। यूट्यूबर हो, कंटेंट क्रिएटर हो, या मीडिया से जुड़े प्रोफेशनल — यह खबर सभी के लिए है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने IICT (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज) के साथ मिलकर ‘नेशनल एआई स्किलिंग प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। 15,000 प्रोफेशनल्स को बिल्कुल फ्री एआई ट्रेनिंग दी जाएगी इस प्रोग्राम में। और यह भी जान लीजिए — गूगल और यूट्यूब इसमें पार्टनर हैं, और ट्रेनिंग सेशन्स देश के प्रमुख शहरों में होंगे।

किसके लिए है यह प्रोग्राम?

क्रिएटिव फील्ड में कुछ नया करने की चाहत रखने वालों को ध्यान में रखकर यह ट्रेनिंग डिजाइन की गई है — और यह सबसे अहम बात है। उभरते यूट्यूबर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया, एंटरटेनमेंट या डिजिटल स्टोरीटेलिंग से जुड़े प्रोफेशनल्स को इसका सीधा फायदा होगा। एनिमेशन और गेमिंग में करियर बना रहे युवा भी इसमें शामिल हो सकते हैं। साथ ही, हर वो डिजिटल एंथूसियास्ट जो एआई की ताकत से अपने कंटेंट को अगले स्तर पर ले जाना चाहता है — उसके लिए भी यह एक बेहतरीन मौका है।

इस ट्रेनिंग में आपको क्या-क्या मिलेगा?

काफी कुछ मिलेगा — सिर्फ एक-दो नहीं, कई फायदे एक साथ। 15,000 स्कॉलरशिप्स की व्यवस्था है प्रतिभागियों के लिए। कंटेंट क्रिएशन में काम आने वाले एआई टूल्स के खास मॉड्यूल्स भी सीखने को मिलेंगे। नए प्लेटफॉर्म्स की जानकारी भी इसका हिस्सा होगी — जैसे WAVES OTT पर क्रिएटर्स के लिए लॉन्च हुए ‘MyWAVES’ प्लेटफॉर्म के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। DD फ्री डिश को बेहतर बनाने के लिए इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर और एडवांस प्रोग्राम गाइड जैसे नए फीचर्स पर भी ज़रूरी चर्चा होगी।

यह पहल क्यों है जरूरी?

एआई का इस्तेमाल देश में तेजी से फैल रहा है। वीडियो, कंटेंट और इमेज बनाने का तरीका पहले जैसा नहीं रहा — यह सच्चाई है। भारत में बहुत से क्रिएटर्स के पास एआई टूल्स की पहुंच तो है, लेकिन उनका सही और असरदार इस्तेमाल नहीं आता। तो यह प्रोग्राम सिर्फ बेसिक जानकारी नहीं देगा — बल्कि एक पूरी स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग मिलेगी। एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट में एआई के बेहतर इस्तेमाल पर इसका फोकस है। ट्रेनिंग के बाद क्रिएटर्स न सिर्फ बेहतर क्वालिटी का काम कर पाएंगे, बल्कि एआई की मदद से ऑनलाइन अपनी पहुंच भी बढ़ा सकेंगे।

कोर्स का स्ट्रक्चर और टाइमलाइन

मार्च 2026 से दिसंबर 2026 के बीच यह ट्रेनिंग दो मुख्य चरणों में पूरी होगी। 23 मार्च से 30 जून 2026 तक चलने वाला पहला चरण एआई के बेसिक्स से शुरू होगा — गूगल करियर सर्टिफिकेट्स और गूगल क्लाउड जनरेटिव एआई लर्निंग पर मुख्य फोकस रहेगा। जुलाई से दिसंबर 2026 तक का दूसरा चरण एडवांस लेवल का होगा, जो मीडिया इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है — इसमें प्रतिभागियों से असली प्रोजेक्ट्स पर प्रैक्टिकल काम करवाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि जेमिनी 3, नैनो बनाना, वियो और वर्टेक्स एआई जैसे दुनिया के सबसे एडवांस एआई टूल्स की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग मिलेगी — ताकि क्रिएटर्स भविष्य में पहले से कहीं ज्यादा आकर्षक कंटेंट बना सकें।

दो चरणों में होगी पूरी ट्रेनिंग

यह पहल दो चरणों में चलती है — और दोनों का अपना-अपना काम है।

पहला चरण (बेसिक लर्निंग और सर्टिफिकेट): शुरुआती फेज में चुने गए सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन कोर्सेज के जरिए एआई की बेसिक बातें सिखाई जाएंगी। एआई कैसे काम करता है और कंटेंट बनाने में कैसे मदद करता है — यह क्रिएटर्स समझेंगे। कोर्स पूरा होने पर सर्टिफिकेट भी मिलेगा।

दूसरा चरण (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और रियल प्रोजेक्ट्स): यह चरण पूरी तरह प्रैक्टिकल है। असली प्रोजेक्ट्स पर काम करना, कहानी बुनना और एडवांस एआई टूल्स का इस्तेमाल — यह सब यहां सिखाया जाएगा। यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से ग्रो करने के टिप्स भी मिलेंगे। ट्रेनिंग ऑनलाइन के साथ-साथ देश के बड़े शहरों में ऑफलाइन भी आयोजित होगी।

इस प्रोग्राम में IICT का क्या रोल है?

पूरे एआई प्रोग्राम को देश भर में IICT यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज लीड करेगा। प्रोग्राम को लागू कैसे करना है, ट्रेनिंग का स्ट्रक्चर कैसा होगा — यह सब IICT के हाथों में है। और यह भी जानना जरूरी है — गूगल और यूट्यूब के साथ मिलकर IICT ने यह कोर्स खास तौर पर डिजाइन किया है, ताकि क्रिएटर्स को वही स्किल्स मिलें जिनकी आज इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा मांग है।

भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट

डिजिटल क्रिएटर्स की भारत में कोई कमी नहीं — लेकिन क्वालिटी और कमाई का स्तर सबका एक जैसा नहीं है। सही एआई ट्रेनिंग से क्रिएटर्स अपने काम को सुधार सकेंगे और ग्लोबल लेवल पर दुनिया भर के क्रिएटर्स को टक्कर दे सकेंगे। भारत की डिजिटल इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के बड़े लक्ष्य का यह हिस्सा भी है। बेहतर स्किल्स वाले क्रिएटर्स जब हाई-क्वालिटी कंटेंट बनाएंगे, तो ग्लोबल ऑडियंस उनकी ओर खिंचेगी — और कमाई में भी इजाफा होगा।

भविष्य के लिए तैयार हो रहे हैं क्रिएटर्स

तो क्यों मायने रखता है यह प्रोग्राम? क्योंकि भारत अब सिर्फ एआई पर बातें नहीं करता — रियल स्किल्स बनाने पर फोकस कर रहा है, और यही सबसे बड़ा फर्क है। यह प्रोग्राम उसका सबसे अच्छा उदाहरण है। अगर यह ट्रेनिंग सही से काम कर गई, तो भारत में कंटेंट बनाने का पूरा तरीका ही बदल जाएगा।

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Aryan Tank is an experienced SEO Content Writer with over 2 years of expertise in digital news writing. He has been consistently contributing high-quality content to DeshTak for the past two years. Aryan specializes in writing on topics such as politics, government schemes, trending news, technology, and viral stories.

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