Nescod Cooling: बिना बिजली AC से ज्यादा ठंडक
बिना बिजली के मिलेगी ठंडक
अब एयर कंडीशनर चलाने के लिए महंगे बिजली बिल की चिंता खत्म होने वाली है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक खोज निकाली है जो बिना किसी पावर सप्लाई के घर को बर्फ जैसा ठंडा कर देगी। इस नई खोज को ‘Nescod’ का नाम दिया गया है। इसकी सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह बिना एक यूनिट बिजली जलाए 25 डिग्री के तापमान को सीधे 3 डिग्री तक ला सकती है।
आज पूरी दुनिया में जितनी बिजली पैदा होती है, उसका करीब 10 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ एसी चलाने में खप जाता है। ऐसे में Nescod नाम का यह तरीका आने वाले समय में ऊर्जा संकट को सुलझाने के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह उन इलाकों के लिए सबसे बड़ी राहत बनेगा जहां भयंकर गर्मी पड़ती है पर बिजली की पहुंच कम है।(REF.)
क्या है Nescod Technology
इस पूरे सिस्टम के पीछे एक बहुत ही कॉमन केमिकल का हाथ है जिसे अमोनियम नाइट्रेट (ammonium nitrate) कहते हैं। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ खेती-किसानी में खाद के तौर पर जानते हैं। लेकिन अब यह आपके कमरों को ठंडा रखेगा। यह एंडोथर्मिक सिद्धांत पर काम करता है। जब इस खास नमक को पानी में मिलाया जाता है, तो यह जादू की तरह अपने चारों तरफ मौजूद गर्मी को सोखना शुरू कर देता है।

लैब में जब इसका टेस्ट हुआ तो नतीजे चौंकाने वाले थे। अमोनियम नाइट्रेट और पानी के घोल ने केवल 20 मिनट के अंदर पारे को 25°C से गिराकर 3.6°C तक पहुंचा दिया। इसमें न तो किसी शोर करने वाली मोटर की जरूरत है और न ही भारी भरकम कंप्रेसर की।
Key Facts
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Nescod तकनीक बिना बिजली के तापमान को 3 डिग्री तक गिरा सकती है।
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इस सिस्टम में अमोनियम नाइट्रेट नामक साधारण रसायन का उपयोग होता है।
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यह तकनीक केवल 20 मिनट में भारी कूलिंग देने में सक्षम है।
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सोलर पावर की मदद से केमिकल को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
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दुनिया की 10% बिजली की खपत अकेले एयर कंडीशनर करते हैं।
सोलर पावर बचाएगी बिजली
रिपोर्ट्स के अनुसार,(REF.) Nescod की सबसे बड़ी ताकत इसका दोबारा इस्तेमाल होना है। जब नमक पानी में पूरी तरह घुलकर अपना काम कर देता है, तो उस पानी को फेंकने की जरूरत नहीं पड़ती। सूरज की रोशनी यानी सोलर पावर का इस्तेमाल करके उस पानी को भाप बनाकर उड़ा दिया जाता है। पीछे फिर से नमक के दाने (क्रिस्टल) बच जाते हैं जिन्हें आप अगली बार कूलिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
यह एक ऐसा चक्र है जो सालों-साल चलता रहेगा। आपको बार-बार केमिकल खरीदने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। बस सूरज की गर्मी ही इस कूलिंग सिस्टम को रीचार्ज करने के लिए काफी है। यह तकनीक उन लोगों के लिए सबसे काम की है जो हर महीने बिजली के हजारों रुपये के बिल से परेशान रहते हैं।

पर्यावरण के लिए बड़ा वरदान
बिजली की बचत के साथ-साथ यह धरती को बचाने का भी एक तरीका है। एसी से निकलने वाली गर्मी और बिजली की भारी डिमांड को यह तकनीक झटके में कम कर सकती है। यह सिर्फ अमीर घरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन गरीब परिवारों के लिए भी जीवन रक्षक बनेगी जो महंगे एसी और बिजली का खर्च नहीं झेल सकते।

घर ठंडा रखने के अलावा इसका बड़ा इस्तेमाल मेडिकल सेक्टर में भी हो सकता है। जीवन रक्षक दवाइयां और वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए यह तकनीक बिना किसी पावर कट के डर के काम करेगी। साथ ही, किसान अपने अनाज और सब्जियों को खराब होने से बचाने के लिए भी इस कम लागत वाले तरीके को अपना सकेंगे।
FAQ
Q: क्या Nescod चलाने के लिए सच में बिल्कुल बिजली नहीं चाहिए?
A: हां, बिल्कुल सही सुना आपने। इस तकनीक का पूरा बेस एक केमिकल रिएक्शन है। जब खास तरह का नमक पानी में मिलता है, तो वो अपने आप ठंडक पैदा करता है। इसमें बिजली का कोई काम नहीं है। बस उस नमक को वापस पाने के लिए धूप की जरूरत पड़ती है ताकि पानी उड़ सके और आप उसे दोबारा इस्तेमाल कर सकें।
Q: क्या अमोनियम नाइट्रेट घर में इस्तेमाल करना सुरक्षित है?
A: देखिए, यह वही चीज है जो खाद में इस्तेमाल होती है। इसे एक बंद सिस्टम या मशीन के अंदर रखा जाता है ताकि यह सीधे आपके संपर्क में न आए। जब तक आप इसे सही तरीके से डिवाइस के अंदर रखते हैं, यह आपको कोई नुकसान नहीं पहुंचाता। बस यह अपना काम शांति से करता रहता है।
Q: यह तकनीक आम एसी से बेहतर कैसे है?
A: सबसे बड़ी बात तो पैसा है भाई। एसी खरीदने के बाद बिल का जो झटका लगता है, वो इसमें नहीं है। दूसरी बात, एसी चलाने के लिए आपको मोटर और गैस चाहिए होती है जो शोर करती है और हवा गर्म करती है। इसमें ऐसा कुछ नहीं है, यह एकदम शांत और सस्ता जुगाड़ है।
Q: क्या इससे फ्रिज का काम भी लिया जा सकता है?
A: बिल्कुल लिया जा सकता है। चूंकि यह तापमान को 3 डिग्री तक नीचे ले जाता है, तो आप इसे खाना या सब्जियां रखने वाले बॉक्स में सेट कर सकते हैं। गांव-देहात के इलाकों में जहां बिजली नहीं आती, वहां यह दवाइयां और दूध जैसी चीजें सुरक्षित रखने के लिए सबसे बढ़िया तरीका साबित होगा।
Q: क्या यह तकनीक भारत में आसानी से मिल जाएगी?
A: अभी इस पर बहुत तेजी से काम चल रहा है। जिस तरह के इसके नतीजे आए हैं, उम्मीद है कि आने वाले कुछ समय में यह मार्केट में दिखने लगेगी। चूंकि इसमें इस्तेमाल होने वाला सामान सस्ता है, तो यह हर किसी की जेब के हिसाब से फिट बैठेगी।
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