जयपुर में IT कंपनी संचालकों का सनसनीखेज अपहरण: 1 करोड़ की फिरौती के लिए 11 घंटे तक दौड़ाया, गलता के जंगलों में मिली रिहाई
Jaipur Crime News: जयपुर के मुहाना इलाके में गुरुवार शाम एक ऐसी वारदात हुई जिसने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जयपुर क्राइम न्यूज़ (Jaipur Crime News) में आज सबसे बड़ी खबर जगतपुरा के दो आईटी कंपनी संचालकों के अपहरण की है। बदमाशों ने बड़ी चालाकी से USDT (क्रिप्टोकरंसी) में निवेश का झांसा देकर उन्हें जाल में फंसाया और फिर परिजनों से 1 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की।
कैसे शुरू हुआ किडनैपिंग का ये पूरा खेल?
सच तो ये है कि अपराधी अब पुराने तरीकों के बजाय डिजिटल लालच का सहारा ले रहे हैं। SHO (मुहाना) गुर भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि जगतपुरा निवासी राहुल और दिनेश, जो इस्कॉन मंदिर के पास अपनी आईटी कंपनी चलाते हैं, उन्हें गुरुवार शाम करीब 6 बजे एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने उन्हें USDT इन्वेस्टमेंट के बहाने मिलने के लिए बुलाया।
दोनों व्यवसायी शाम करीब 7 बजे इस्कॉन मंदिर के पास पहुंचे। यहीं लोग अक्सर गलती करते हैं और अनजान कॉल्स पर सुनसान जगहों पर मिलने पहुँच जाते हैं। वहां पहले से घात लगाए बैठे 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने हथियारों के दम पर दोनों को उनकी ही कार में किडनैप कर लिया।
1 करोड़ की डिमांड और पुलिस का 11 घंटे तक पीछा
अपहरण के तुरंत बाद बदमाशों ने राहुल और दिनेश के ही मोबाइल फोन से उनके परिजनों को कॉल किया। बदमाशों ने धमकी देते हुए 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी और पैसे लेकर गोनेर आने को कहा।
परिजनों ने समझदारी दिखाई और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। मुहाना थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए जाल बिछाया। पुलिस की टीमें फिरौती देने के बहाने बदमाशों की लोकेशन को ट्रैक करने लगीं। ध्यान रखें, पुलिस का बढ़ता दबाव ही अक्सर ऐसे मामलों में जान बचाने का काम करता है।
गोनेर से बस्सी और फिर गलता के जंगल: रात भर चली लुका-छिपी
बदमाश पुलिस की मौजूदगी भांपते ही लोकेशन बदलते रहे। पुलिस की जांच में सामने आया कि किडनैपर्स ने इन रास्तों का इस्तेमाल किया:
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सबसे पहले बदमाश गोनेर पहुंचे।
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वहां से लोकेशन हिंगोनिया गौशाला और इंदिरा गांधी नगर की ओर शिफ्ट हुई।
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इसके बाद खो नागोरियान और कानोता होते हुए बदमाश बस्सी की ओर निकल गए।
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पूरी रात पुलिस की टीमें इनके पीछे लगी रहीं, जिसके कारण किडनैपर्स नायला और जामड़ोली के जंगलों में छिपते फिर रहे थे।
सुरक्षित रिहाई और बरामदगी
लगातार 11 घंटे तक पुलिस के पीछा करने और नाकाबंदी के भारी दबाव के चलते बदमाश घबरा गए। शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे बदमाशों ने दोनों आईटी संचालकों को उनकी कार सहित गलता के घने जंगलों में छोड़ दिया और पैदल ही फरार हो गए।
पुलिस ने गलता के जंगलों से कार को जब्त कर लिया है। मौके पर FSL (Forensic Science Laboratory) की टीम को बुलाया गया जिसने फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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