Friday, May 8, 2026
HomeIndiaविजय की शपथ पर ग्रहण! VCK ने रखी बड़ी शर्त, IUML का...

विजय की शपथ पर ग्रहण! VCK ने रखी बड़ी शर्त, IUML का बड़ा दांव

विजय CM बनने से कितनी दूर? VCK की शर्त, IUML का इनकार — शपथ की तारीख अधर में

तमिलनाडु में TVK प्रमुख विजय का मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना अभी भी तय नहीं है। राज्यपाल के पास अभी दो पार्टियों — VCK और IUML — के समर्थन पत्र नहीं पहुंचे हैं। और यहीं से असली सियासी खेल शुरू होता है।

शपथ शनिवार को होनी थी — अब क्या हुआ?

पहले खबर थी कि विजय शनिवार सुबह 11 बजे शपथ लेंगे। लेकिन वो नहीं हुआ।

सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने अभी तक शपथग्रहण की कोई आधिकारिक तारीख और समय घोषित नहीं किया है। वजह साफ है — उनके पास अभी वो दो जरूरी पत्र नहीं आए हैं जिनका वो इंतजार कर रहे हैं।

VCK की शर्त, IUML की सफाई

VCK ने समर्थन पत्र भेजने से पहले डिप्टी मुख्यमंत्री का पद मांगा है। यह कोई नई बात नहीं — गठबंधन की राजनीति में हर सहयोगी अपनी कीमत वसूलता है।

दूसरी तरफ IUML ने साफ कह दिया है — वो TVK के साथ नहीं, बल्कि MK स्टालिन के साथ हैं। यानी IUML ने TVK को समर्थन देने से इनकार कर दिया।

यहां विडंबना यह है कि विजय ने 108 सीटें जीतने के बाद भी अपनी सरकार बनाने के लिए दो छोटी पार्टियों का इंतजार करना पड़ रहा है। इतिहास में यह पहली बार नहीं है जब सबसे बड़ी पार्टी का नेता इस पड़ाव पर फंसा हो।

तमिलनाडु सरकार गठन 2026: Key Facts at a Glance

  • TVK को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में 108 सीटें मिली हैं, सबसे बड़ी पार्टी के रूप में।
  • बहुमत के लिए 234 सदस्यीय विधानसभा में 117 सीटें जरूरी हैं।
  • विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा — TVK (107), कांग्रेस (5), CPI-CPM (4)।
  • VCK और IUML के समर्थन पत्र अभी तक राज्यपाल को नहीं मिले हैं।
  • VCK ने समर्थन के लिए डिप्टी CM पद की शर्त रखी है; IUML ने TVK को समर्थन देने से इनकार किया।
  • AMMK महासचिव TTV दिनाकरन ने राज्यपाल को पत्र देकर AIADMK के पलनीस्वामी का समर्थन किया है।

विजय के पास असल में कितने विधायक हैं?

TVK को 108 सीटें मिली हैं, लेकिन विजय दो सीटों से लड़े थे — इसलिए उन्हें एक सीट छोड़नी होगी।

यानी TVK के विधायकों की असल संख्या होगी 107। इन पर कांग्रेस के 5 और CPI-CPM के 4 विधायक जोड़ें तो कुल 116 बनते हैं — बहुमत के आंकड़े 117 से एक कम। एक विधायक का अंतर — और यही वो जगह है जहां VCK की अहमियत बढ़ जाती है।

AMMK ने खड़ा किया पलनीस्वामी का झंडा

इस बीच AMMK के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने राज्यपाल को एक अलग पत्र सौंपा।

उन्होंने AIADMK के महासचिव एडप्पाडी के. पलनीस्वामी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की बात कही है। यह कदम विपक्ष की तरफ से एक संदेश है — खेल अभी खत्म नहीं हुआ।

असली सवाल यह नहीं है कि विजय शपथ लेंगे या नहीं — वो लेंगे। असली सवाल यह है कि उन्हें कितनी कीमत चुकानी होगी और कौन सी कुर्सी किसे देनी होगी।

‘5 साल नहीं, लंबे वक्त तक CM रहेंगे विजय’

इन सब घटनाओं के बीच TVK विधायक मैरी विल्सन ने चेन्नई में एक बड़ा बयान दिया।

उन्होंने कहा कि विजय सिर्फ एक कार्यकाल के लिए नहीं बल्कि लंबे समय तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहेंगे। साथ ही सहयोगी दलों का धन्यवाद किया और कहा कि देर से मिला समर्थन भी पार्टी को मंजूर है।

विजय के सामने अब क्या चुनौतियां हैं?

शपथ के बाद भी असली परीक्षा बाकी है।

जनता को विजय से रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और निवेश की बड़ी उम्मीदें हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अभिनेता से नेता बनी छवि को अब प्रशासनिक नतीजों से साबित करना होगा। TVK की पहली सभाओं में उमड़ी भीड़ — अब उसी भीड़ के सवालों का जवाब देने का वक्त आ गया है।

फिल्मी सफर में विजय की इमेज बनी थी — ‘common man का नायक।’ अब देखना यह है कि असल राजनीति में वो उस इमेज को जिंदा रख पाते हैं या नहीं।

Q1: तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें चाहिए और TVK के पास अभी कितनी हैं?

A: तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं, इसलिए बहुमत के लिए 117 विधायकों का समर्थन जरूरी है। TVK के पास 107 विधायक हैं — क्योंकि विजय दो सीटों से जीते और उन्हें एक छोड़नी होगी। कांग्रेस के 5 और CPI-CPM के 4 विधायकों को जोड़ने पर कुल 116 बनते हैं — बहुमत से ठीक एक कम। इसीलिए VCK और IUML का समर्थन निर्णायक है।

Q2: VCK ने TVK को समर्थन देने के लिए क्या शर्त रखी है?

A: सूत्रों के मुताबिक VCK ने विजय की सरकार को समर्थन देने के बदले डिप्टी मुख्यमंत्री का पद मांगा है। यही वजह है कि VCK का समर्थन पत्र अभी तक राज्यपाल को नहीं मिला है। गठबंधन की राजनीति में ऐसी मांगें आम हैं, लेकिन इस बार यह शर्त सीधे शपथग्रहण की तारीख को प्रभावित कर रही है।

Q3: IUML ने TVK का साथ क्यों नहीं दिया — क्या वो विपक्ष में हैं?

A: IUML ने साफ कर दिया है कि वो MK स्टालिन और DMK के साथ हैं, TVK के साथ नहीं। तमिलनाडु चुनाव 2026 में IUML ने DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था। TVK अलग मोर्चे से आई — इसलिए IUML का TVK को समर्थन न देना उनकी पुरानी राजनीतिक प्रतिबद्धता के अनुसार है।

Q4: AMMK और AIADMK में क्या अंतर है — और TTV दिनाकरन कौन हैं?

A: AIADMK, जयललिता की पार्टी है जिसके अभी महासचिव एडप्पाडी के. पलनीस्वामी हैं। AMMK उसी से अलग हुई पार्टी है, जिसे TTV दिनाकरन ने बनाया। दिनाकरन, जयललिता के करीबी थे और उनकी राजनीतिक पारी में उतार-चढ़ाव रहे हैं। AMMK ने राज्यपाल को पत्र देकर पलनीस्वामी का समर्थन किया है — यह संकेत है कि विपक्ष एकजुट होने की कोशिश में है।

Q5: विजय के CM बनने के बाद तमिलनाडु में सबसे बड़ी चुनौतियां क्या होंगी?

A: राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की होगी। रोजगार सृजन, सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की दशा सुधारना, और निवेश आकर्षित करना — यही तीन मोर्चे हैं जहां जनता नतीजे चाहती है। साथ ही, गठबंधन सहयोगियों की मांगों को संतुलित करते हुए प्रशासन चलाना भी आसान नहीं होगा।

(देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सबसे पहले पढ़ें Deshtak.com पर , आप हमें FacebookTwitterInstagram , LinkedIn और  Youtube पर फ़ॉलो करे)

deshtak
deshtakhttps://deshtak.com
DeshTak.com – Desh ki Baat, Sidhe Aap Tak DeshTak.com is a reliable and fast digital news platform dedicated to bringing every important news of the country and the world straight to you. Here you get breaking news, real-time updates, and in-depth analytical reporting - that too in both Hindi and English. From politics to technology, entertainment to sports and global events, DeshTak provides verified, unbiased content on every topic. Our aim is to give you fast, accurate and reliable information - so that you stay connected with every news, from anywhere.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments