सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) एयरपोर्ट सिक्योरिटी: बिना चेकिंग एंट्री मिलने की असली वजह
हाल ही में सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का एक एयरपोर्ट वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें सचिन को बिना सिक्योरिटी चेकिंग के ही एंट्री दे दी गई. आखिर ऐसा क्यों? वो एयरपोर्ट, जहां सेफ्टी के लिए कई तरह की चेकिंग से गुजरना पड़ता है, वहां सचिन तेंदुलकर को यह छूट क्यों दी गई है? आइये बताते हैं इसका कारण.
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर इन दिनों एक बार फिर चर्चा में हैं. एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें सचिन तेंदुलकर को एयरपोर्ट पर बिना सामान्य सिक्योरिटी चेकिंग के अंदर जाते दिखाया गया है. वहीं महेंद्र सिंह धोनी को आम लोगों की तरह सिक्योरिटी चेकिंग से गुजरना पड़ता है.
ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों? क्या सचिन को स्पेशल छूट मिलती है? क्या क्रिकेट का भगवान होने का वरदान है या इसके पीछे कोई और वजह है? ज्यादातर लोगों को इसका कारण पता ही नहीं है. आइये बताते हैं कि क्यों सचिन तेंदुलकर की एयरपोर्ट पर नहीं होती है चेकिंग.
भारत रत्न के अपने फायदे
साल 2014 में सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. वे खेल जगत से भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्ति हैं. भारत सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं को देश के एयरपोर्ट पर प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट मिलती है. यह एयरपोर्ट सिक्योरिटी छूट उनके जीवन भर रहती है और उनके जीवनसाथी को भी लागू होती है.
Bureau of Civil Aviation Security (BCAS) द्वारा इनके नाम एक स्पेशल लिस्ट में रखे जाते हैं. भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है — और इसके साथ आने वाली सुविधाएं भी उतनी ही असाधारण हैं.
इनमें शामिल हैं:
- एयर इंडिया और भारतीय रेलवे में फर्स्ट क्लास या एग्जीक्यूटिव क्लास में लाइफटाइम फ्री ट्रैवल
- संसद में भाग लेने का अधिकार
- कैबिनेट मंत्री के समकक्ष औपचारिक दर्जा
- जरूरत पड़ने पर Z+ सुरक्षा कवर
- विदेश यात्रा के दौरान VVIP प्रोटोकॉल
एयरपोर्ट सिक्योरिटी छूट भी इसी श्रेणी का हिस्सा है.
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धोनी को यह छूट क्यों नहीं मिलती — और किसे मिलती है?
सोशल मीडिया पर वायरल होते वीडियो में धोनी की चेकिंग करते और सचिन को यूं ही एंट्री करते दिखाया गया था. धोनी की बात करें तो वे भी क्रिकेट आइकन हैं और उन्हें भी काफी सम्मान मिलता है. लेकिन उन्हें अभी तक भारत रत्न प्राप्त नहीं हुआ है. इसलिए उन्हें सामान्य सिक्योरिटी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है — जैसे कि CISF एयरपोर्ट पर किसी भी आम यात्री की करती है.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोटोकॉल कई देशों में उच्च सम्मान प्राप्त व्यक्तियों के लिए मौजूद है. भारत में यह संवैधानिक पदाधिकारियों, पूर्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारत रत्न जैसे सम्मानित लोगों के लिए लागू होता है. सुरक्षा की दृष्टि से भी इन लोगों की थ्रेट परसेप्शन को देखते हुए कुछ छूट दी जाती है.
सचिन तेंदुलकर ने 24 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला और 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए. ईमानदारी से कहें तो यह छूट किसी की “लोकप्रियता” पर नहीं बल्कि एक कानूनी दर्जे पर आधारित है — जो उनके योगदान को देखते हुए 2014 में उन्हें भारत रत्न देकर दिया गया था. उस समय नियमों में बदलाव करके खेल क्षेत्र को भी इस सम्मान के लिए शामिल किया गया था.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या भारत रत्न मिलने पर सचिन के परिवार को भी एयरपोर्ट चेकिंग से छूट मिलती है?
हाँ, यह सुविधा सिर्फ सचिन तक सीमित नहीं है. सरकारी प्रोटोकॉल के मुताबिक भारत रत्न प्राप्तकर्ता के जीवनसाथी को भी यही छूट मिलती है. यानी अंजलि तेंदुलकर को भी एयरपोर्ट पर प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से गुजरने की जरूरत नहीं. यह सुविधा जीवन भर के लिए होती है, किसी टर्म या समयसीमा के साथ नहीं आती.
धोनी को अब तक भारत रत्न क्यों नहीं मिला जबकि उन्होंने भी देश के लिए बहुत कुछ किया?
यह सवाल सोशल मीडिया पर बहुत बार उठ चुका है और इसका जवाब सरल नहीं है. भारत रत्न देने का फैसला केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति करते हैं — कोई तय पैमाना नहीं है. 2014 से पहले खेल क्षेत्र को इस सम्मान के लिए eligible ही नहीं माना जाता था, नियम बदलकर सचिन को दिया गया. धोनी के नाम पर विचार हो सकता है, लेकिन अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
एयरपोर्ट पर किन-किन लोगों को सिक्योरिटी चेकिंग से छूट मिलती है?
भारत में कुछ श्रेणियों को CISF और BCAS की गाइडलाइन्स के तहत प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट मिलती है — इनमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, और भारत रत्न प्राप्तकर्ता शामिल हैं. गवर्नर और कैबिनेट मंत्रियों को अलग-अलग राज्यों में अलग नियम लागू होते हैं. यह सूची कभी-कभी अपडेट भी होती है, इसलिए एक-एक नाम की पक्की लिस्ट सार्वजनिक नहीं की जाती. अगर किसी VIP की सिक्योरिटी छूट के बारे में जानना हो तो BCAS की आधिकारिक वेबसाइट सबसे भरोसेमंद स्रोत है.
सचिन का वह एयरपोर्ट वाला वीडियो असली था या एडिटेड?
जहाँ तक वायरल वीडियो की बात है — वह क्लिप असली थी. एयरपोर्ट स्टाफ ने खुद सचिन को प्रोटोकॉल के अनुसार बिना स्कैनिंग के अंदर जाने दिया, यह कोई गलती नहीं थी. लोगों ने इसे ड्रामेटिक बना दिया क्योंकि उन्हें भारत रत्न से जुड़ी यह सुविधा पता ही नहीं थी. करीब 30 साल पहले यह नियम बना था और तब से लागू है — बस पहले किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया था.
क्या सचिन जैसी एयरपोर्ट छूट किसी अभिनेता या बिजनेसमैन को भी मिलती है?
नहीं, यह छूट सिर्फ भारत रत्न और कुछ संवैधानिक पदाधिकारियों तक सीमित है. अमिताभ बच्चन जितने बड़े हों, उन्हें CISF की सामान्य प्रक्रिया से गुजरना होता है — और वे गुजरते भी हैं. मुकेश अंबानी जैसे बिजनेसमैन की प्राइवेट जेट फ्लाइट्स के नियम अलग होते हैं लेकिन कमर्शियल टर्मिनल पर वही प्रक्रिया है. यह छूट पैसे या शोहरत से नहीं, सम्मान से आती है. और भारत रत्न अब तक सिर्फ 50 से कम लोगों को मिला है — यह लिस्ट बेहद छोटी है.
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