नीतीश कुमार का राज्यसभा शपथ ग्रहण — बिहार में नए CM की रेस शुरू
बिहार की सियासी पारी आज एक बड़े मोड़ पर आ खड़ी हुई है। दो दशक तक राज्य की बागडोर थामे रखने वाले नीतीश कुमार आज दोपहर 12:15 बजे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। यह सिर्फ एक समारोह नहीं — यह बिहार की सत्ता का एक पूरा दौर बदलने की शुरुआत है।
राष्ट्रीय राजनीति के गलियारों में नीतीश कुमार का यह कदम पहले से ही चर्चा में था। बिहार राजनीति 2025 के लिहाज़ से देखें तो यह बदलाव जितना बड़ा दिखता है, उससे कहीं ज़्यादा गहरा है।
बिहार में CM बदलाव: राज्यसभा की शपथ के बाद क्या होगा अगला कदम?
राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन नीतीश कुमार को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण के बाद वे उसी शाम पटना लौटेंगे — और उनके वापस आते ही नई NDA सरकार बनाने की कवायद तेज़ हो जाएगी।
30 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद नीतीश ने उसी दिन बिहार विधान परिषद की सदस्यता छोड़ दी थी। एक व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं हो सकता — यह संविधान की बाध्यता है, इसलिए वह कदम अपरिहार्य था।
वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी साफ कह चुके हैं — शपथ लेने के बाद नीतीश मुख्यमंत्री का पद भी जल्द छोड़ेंगे। देरी की कोई गुंजाइश नहीं।
नया मुख्यमंत्री कौन? — BJP के पोस्टर से लेकर कोर ग्रुप तक सस्पेंस बरकरार
बिहार के नए मुख्यमंत्री का नाम अभी आधिकारिक तौर पर तय नहीं हुआ है — यह बात खुद BJP भी मानती है। लेकिन पटना में BJP दफ्तर के बाहर जो पोस्टर लगे, उन्होंने नाम की दौड़ को सतह पर ला दिया।
उन पोस्टरों में सम्राट चौधरी को बिहार का अगला CM बताया गया था। उन पर ‘वाल्मीकि समाज’ का नाम भी था। दफ्तर के कर्मचारियों ने इन्हें हटा दिया — लेकिन जो संदेश जाना था, वो जा चुका था।
हालांकि पोस्टर लगाना और पार्टी का फैसला — दोनों बिल्कुल अलग चीज़ें हैं।
14 अप्रैल की NDA बैठक — जहाँ नाम पर मुहर लगेगी
आज दिल्ली में BJP कोर ग्रुप की अहम बैठक बुलाई गई है। केंद्रीय नेतृत्व बिहार के प्रमुख नेताओं के साथ बैठकर नई सरकार का खाका तैयार करेगा।
दोनों उपमुख्यमंत्री — सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा — पहले से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। सूत्रों के अनुसार 14 अप्रैल को NDA विधायक दल की बैठक में नए CM के नाम पर आखिरी मुहर लग सकती है।
तब तक हर नाम एक अटकल है — चाहे जितने पोस्टर लगें।
नीतीश मॉडल आगे भी चलेगा — लेकिन चलाएगा कौन?
विजय कुमार चौधरी ने एक बात पूरी तरह साफ की — अगली NDA सरकार नीतीश मॉडल पर ही चलेगी। पिछले 20 साल में बिहार में जो शासन शैली बनी — कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढाँचा, महिला सशक्तिकरण — वह कहीं नहीं जाएगी।
नाम बदलेगा। नीति नहीं।
गुरुवार को नीतीश दिल्ली पहुँचे तो जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। बिहार के CM की कुर्सी से राज्यसभा की बेंच तक का यह सफर — नीतीश के लिए एक नई पारी की शुरुआत है, और बिहार एनडीए के लिए एक बड़ी परीक्षा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नीतीश कुमार राज्यसभा जाने के बाद बिहार के CM कौन बनेंगे?
अभी कोई आधिकारिक नाम नहीं आया। सम्राट चौधरी के नाम पर पटना में पोस्टर ज़रूर लगे, पर BJP ने इसे पार्टी का निर्णय नहीं माना। 14 अप्रैल को NDA विधायक बैठक में नाम तय होने की उम्मीद है। उससे पहले हर दावा सिर्फ अनुमान है।
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद कब छोड़ेंगे?
राज्यसभा की शपथ के बाद 24 घंटों के भीतर इस्तीफे की संभावना है। विजय कुमार चौधरी पहले ही इसकी पुष्टि कर चुके हैं। शपथ के तुरंत बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी — इसमें कोई देरी नहीं होगी।
बिहार में BJP कोर ग्रुप की बैठक में क्या तय होगा?
यह बैठक नई सरकार का ढाँचा तय करेगी। केंद्रीय नेतृत्व और बिहार के वरिष्ठ नेता मिलकर रणनीति बनाएंगे। दोनों उपमुख्यमंत्री पहले से दिल्ली में हैं। इस बैठक का नतीजा 14 अप्रैल की विधायक बैठक की दिशा तय करेगा।
नीतीश कुमार ने MLC सदस्यता कब और क्यों छोड़ी?
30 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जाने के उसी दिन उन्होंने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दिया। संवैधानिक नियम के तहत एक साथ दो सदनों की सदस्यता नहीं रखी जा सकती। यह कोई राजनीतिक चाल नहीं — सीधी संवैधानिक ज़रूरत थी।
नीतीश मॉडल क्या है और क्या यह अगली सरकार में भी जारी रहेगा?
नीतीश मॉडल का मतलब है — कानून-व्यवस्था, सड़क-बिजली-पानी और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित शासन, जो पिछले 20 साल में बिहार की पहचान बना। BJP की आधिकारिक लाइन यही है कि अगली सरकार इसी ढाँचे पर चलेगी। नाम बदल सकता है — नीति नहीं बदलेगी।
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