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Anthropic AI ने इंसानी रिसर्चर्स को पछाड़ा: खुद कर रहा दूसरे AI की ट्रेनिंग, जानें AGI क्या है?

एंथ्रोपिक (Anthropic) की नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा। Claude Opus 4.8 ने AI ट्रेनिंग में इंसानी रिसर्चर्स को पछाड़ा। जानें AGI और AI Alignment क्या है। Talkaaj की खास रिपोर्ट।
Anthropic AI ने इंसानी रिसर्चर्स को पछाड़ा: खुद कर रहा दूसरे AI की ट्रेनिंग, जानें AGI क्या है?
Anthropic AI ने इंसानी रिसर्चर्स को पछाड़ा: खुद कर रहा दूसरे AI की ट्रेनिंग, जानें AGI क्या है?

AGI के बेहद करीब दुनिया: Anthropic के AI ने इंसानी रिसर्चर्स को पछाड़ा, खुद कर रहा दूसरे AI की ट्रेनिंग

Artificial Intelligence (AI) की दुनिया में एक ऐसा मुकाम हासिल हुआ है जिसे अब तक केवल साइंस फिक्शन माना जाता था। दिग्गज AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) की एक नई रिसर्च से यह साबित हो गया है कि अब AI मॉडल्स को स्मार्ट बनाने के लिए इंसानों की नहीं, बल्कि खुद AI की ही जरूरत होगी। इस तकनीक को 'रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट' (Recursive Self-Improvement) कहा जाता है। टेक जगत में इसे आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) की दिशा में सबसे निर्णायक कदम माना जा रहा है।

अगर AI बिना इंसानी मदद के अपनी खामियां दूर कर सकता है, तो इसका सीधा मतलब है कि इंसानी दिमाग जैसी क्षमता वाला AGI अब हमारी सोच से भी ज्यादा करीब आ चुका है।

एंथ्रोपिक (Anthropic) की नई रिसर्च में क्या सामने आया?

हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स और एंथ्रोपिक के फेलो प्रोग्राम रिसर्चर चेन यूह-हान (Chen Yueh-Han) द्वारा पब्लिश किए गए रिसर्च पेपर में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस पेपर का शीर्षक "ऑटोमेटेड रिसर्चर्स कैन रिलायबली मिटिगेट अलाइनमेंट फेलियर्स" (Automated Researchers Can Reliably Mitigate Alignment Failures) है।

इस रिसर्च के दौरान 'क्लाउड ओपस 4.8' (Claude Opus 4.8) पर आधारित ऑटोमेटेड अलाइनमेंट रिसर्चर्स तैयार किए गए। इन ऑटोमेटेड AI सिस्टम्स को 10 अलग-अलग 'अलाइनमेंट बेंचमार्क' को सुधारने का टास्क दिया गया था। नतीजों में यह सामने आया कि AI ने मुख्य सिस्टम की परफॉर्मेंस को धीमा किए बिना, सभी 10 पैमानों पर शानदार सुधार दर्ज किया।

इंसान vs AI: समय और खर्च का चौंकाने वाला अंतर

इस रिसर्च का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा कि ऑटोमेटेड AI रिसर्चर्स ने अनुभवी इंसानी वैज्ञानिकों को हर मोर्चे पर पीछे छोड़ दिया। AI ने खुद लिटरेचर सर्च किया, ट्रेनिंग के नए तरीके खोजे और एनवीडिया (Nvidia) H200 GPU पर टारगेट मॉडल को लगातार ट्रेन किया।

लागत और समय के आंकड़े एक नजर में:

  • काम करने की गति: जहां इंसानी रिसर्चर्स को ट्रेनिंग मेथड तैयार करने में लंबा समय लगता है, वहीं बेस्ट AI रिसर्चर ने औसतन मात्र 6 घंटे के भीतर बेहतर नतीजे दे दिए।

  • रिसर्च का खर्च: एक अनुभवी इंसानी रिसर्चर की लागत करीब 150 डॉलर (लगभग 12,500 रुपये) प्रति घंटा आती है। इसके मुकाबले, AI का खर्च महज 4 डॉलर (करीब 335 रुपये) प्रति घंटा दर्ज किया गया।

यह साफ दर्शाता है कि AI न केवल काम में इंसानों से तेज है, बल्कि व्यावसायिक रूप से बेहद किफायती भी है।

क्या होता है AI अलाइनमेंट (Alignment) और यह क्यों जरूरी है?

अलाइनमेंट का आसान मतलब है— AI को इस तरह से ट्रेन करना कि वह इंसानी मूल्यों (Human Values) और सुरक्षा मानकों के भीतर रहकर काम करे। यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि कोई भी एडवांस AI सिस्टम इंसानों के लिए खतरनाक न बने। एंथ्रोपिक की इस रिसर्च ने साबित किया है कि भविष्य में AI खुद ही अपने सिस्टम में मौजूद कमियों को पहचानकर उन्हें सुरक्षित बना सकेगा।

AGI की रेस में OpenAI भी कर रहा बड़े दावे

एंथ्रोपिक की यह रिसर्च ऐसे समय में सामने आई है जब उसकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी कंपनी OpenAI भी AGI (ऐसा AI जो हर काम में इंसान के बराबर या उससे बेहतर हो) हासिल करने के बिल्कुल करीब खड़ी है।

OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) पहले ही दावा कर चुके हैं कि AGI इसी साल (2024-2025 के लक्ष्य) तक हकीकत बन सकता है। वहीं, कंपनी के चीफ रिसर्च ऑफिसर मार्क चेन के मुताबिक, उनकी टीम AGI तक पहुंचने का 80% सफर तय कर चुकी है। AI का खुद को अपग्रेड करना इस 80% से 100% तक पहुंचने की सबसे अहम सीढ़ी है।

निष्कर्ष: क्या अब इंसानी वैज्ञानिकों की जरूरत नहीं रहेगी?

हालांकि इस रिसर्च ने साबित कर दिया है कि AI मॉडल इंसानों से तेज और सस्ते हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह इंसानी वैज्ञानिकों की पूरी तरह जगह नहीं ले सकता।

ऑटोमेटेड AI फिलहाल केवल उन्हीं 'बेंचमार्क' या नियमों पर काम कर पाता है, जो इंसानों द्वारा तय किए गए हों। नए रिसर्च लिटरेचर को समझने, नए लक्ष्य निर्धारित करने और AI सिस्टम की 'लक्ष्मण रेखा' तय करने के लिए हमेशा इंसानी दिमाग और गाइडेंस की जरूरत बनी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और एंथ्रोपिक की रिसर्च के आधार पर तैयार किया गया है। टेक जगत के दावों की समय-सीमा में बदलाव संभव है।)

FAQ

Q1. AI अलाइनमेंट (AI Alignment) क्या होता है? Ans. AI अलाइनमेंट का अर्थ है AI सिस्टम्स को इस तरह डिजाइन करना कि वे इंसानी मूल्यों, सुरक्षा नियमों और नैतिकता के दायरे में रहकर काम करें। एंथ्रोपिक का नया AI मॉडल इस काम को बिना इंसानी मदद के सुधारने में सक्षम पाया गया है।

Q2. एंथ्रोपिक (Anthropic) के रिसर्च में किस AI मॉडल का इस्तेमाल हुआ? Ans. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रिसर्च में ऑटोमेटेड अलाइनमेंट रिसर्चर्स तैयार करने के लिए 'क्लाउड ओपस 4.8' (Claude Opus 4.8) का इस्तेमाल किया गया था।

Q3. AGI का क्या मतलब है (What is AGI)? Ans. AGI का फुल फॉर्म Artificial General Intelligence है। यह AI का वह स्तर है जहां एक मशीन किसी भी बौद्धिक काम को इंसानी दिमाग के बराबर या उससे बेहतर तरीके से सोच और समझ सकती है।

Q4. क्या AI इंसानी वैज्ञानिकों की जगह ले लेगा? Ans. पूरी तरह से नहीं। भले ही AI ट्रेनिंग और रिसर्च में इंसानों से तेज और सस्ता साबित हुआ है, लेकिन नया लक्ष्य तय करने और मशीन की सीमाएं (Boundaries) निर्धारित करने के लिए इंसानी वैज्ञानिकों की हमेशा जरूरत रहेगी।

"Accurate analysis of every big news, in the right language at the right time."— DESHTAK Bureau
pp singh Profile
pp singh

Founder & Editor-in-Chief of TAL KAAJ News, dedicated to delivering accurate, timely and independent journalism with a focus on important national and regional developments.

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