Lok Sabha Passes MSME Bill 2026: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, 90 दिनों में सुलझेंगे अटके पेमेंट विवाद
नई दिल्ली (DeshTak News Desk): भारतीय संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में शुक्रवार को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच MSME Development (Amendment) Bill 2026 को बिना किसी लंबी बहस के पारित कर दिया गया। इस विधेयक को राज्यसभा द्वारा 3 अगस्त को ही हरी झंडी दी जा चुकी थी।
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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतने राम मांझी ने इस बिल को सदन के पटल पर रखा। यह नया कानून देश के करोड़ों छोटे व्यापारियों, सप्लायर्स और स्टार्टअप्स के लिए काफी राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि इसका मुख्य मकसद लंबे समय से रुके हुए पेमेंट्स का त्वरित निपटारा करना है।
MSME Development Amendment Bill 2026 के 5 बड़े बदलाव
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अटके पेमेंट का 50% तुरंत भुगतान: यदि किसी MSME व्यापारी का भुगतान से जुड़ा विवाद अदालत या ट्रिब्यूनल में 6 महीने से अधिक समय तक लंबित रहता है, तो कोर्ट को अपील के दौरान ही अवार्ड राशि का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा व्यापारी को तुरंत जारी करने का आदेश देना होगा।
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90 दिनों की समय-सीमा में मध्यस्थता (Mediation): लेन-देन से जुड़े सभी विवादों का समाधान मध्यस्थता प्रक्रिया के जरिए अधिकतम 90 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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TReDS सिस्टम हुआ अनिवार्य: सभी सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) के लिए TReDS (Trade Receivables Discounting System) के माध्यम से ही बिल क्लियर करना आवश्यक होगा। इससे एमएसएमई को नकदी (Cash Flow) की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
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अपराधिक मामला खत्म, सिर्फ प्रशासनिक जुर्माना: छोटे-मोटे रजिस्ट्रेशन या रिपोर्टिंग में गलतियों के लिए जेल या क्रिमिनल केस का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। अब इसके स्थान पर ₹1,000 से लेकर ₹1,00,000 तक का प्रशासनिक जुर्माना ही लागू होगा।
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निवेश की सीमा में ढील: कारोबार के वर्गीकरण के लिए फिक्स स्टेट्यूटरी इन्वेस्टमेंट थ्रेशोल्ड की अनिवार्यता को खत्म किया गया है, जिससे कंपनियों के लिए बिजनेस का विस्तार करना आसान होगा।
छोटे व्यापारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कानून?
भारत में सूक्ष्म और लघु उद्योगों को अक्सर बड़े खरीदारों और सरकारी विभागों से समय पर पेमेंट न मिलने के कारण वर्किंग कैपिटल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ता था। कानूनी पेचीदगियों और कोर्ट के चक्कर में सालों तक फंड अटका रहता था।
नए संशोधन से जहां एक तरफ 90 दिनों में फैसला होना तय हुआ है, वहीं 50% राशि तुरंत मिलने से कारोबार का दैनिक संचालन बंद नहीं होगा।
यदि आप भी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए वित्तीय योजना बना रहे हैं, तो केंद्र सरकार की विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अपने व्यापारिक मुनाफे का सही जगह निवेश करने के लिए SIP Investment Guide तथा Gold News Update भी पढ़ सकते हैं।
हंगामे के बीच स्थगित हुई लोकसभा
विधेयक पारित कराने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने तख्तियां दिखाकर और नारेबाजी कर जोरदार विरोध दर्ज कराया। पीठ पर मौजूद सभापति दिलीप सैकिया ने सदस्यों से शांति बनाए रखने और कार्यवाही में भाग लेने का अनुरोध किया, लेकिन विरोध न थमने पर लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
(संसदीय रिपोर्ट और मुख्य अपडेट्स के संदर्भ के लिए NDTV Report देखें)