UP News: बस्ती में अजफरुल हक का ‘100 शिकार’ वाला खौफनाक सिंडिकेट; कलावा पहनकर बुना था जाल
उत्तर प्रदेश के बस्ती से सामने आए लव जिहाद केस में आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस पर 100 से अधिक हिंदू युवतियों को झांसे में लेकर शोषण करने का आरोप है। फर्जी पहचान, अश्लील वीडियो और ब्लैकमेल की कहानी – जानिए पूरा मामला।
UP News की सबसे चौंकाने वाली कहानियों में से एक बस्ती जिले से सामने आई है। एक शख्स जो हाथ में कलावा बांधकर हिंदू युवतियों का विश्वास जीतता था – असली पहचान छिपाकर। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे होते गए। यह सिर्फ एक या दो लड़कियों की बात नहीं है – यह संगठित शोषण और मानसिक प्रताड़ना का जाल है।
पुलिस की जांच में यह सामने आया कि आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस ने न सिर्फ अपनी पहचान छिपाई, बल्कि अपने परिवार और गिरोह के साथ मिलकर 100 से ज्यादा हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसाया। यह कहानी है धोखे की, विश्वासघात की और संगठित अपराध की।
केस का मुख्य मुद्दा – 100+ लड़कियों का शोषण
पुलिस के अनुसार, अजफरुल हक उर्फ प्रिंस ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क बना रखा था। यह सिर्फ एकल घटना नहीं थी – यह एक सोची-समझी साजिश थी जिसमें:
- युवतियों से फर्जी पहचान के साथ दोस्ती की जाती
- निजी और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता
- धमकी देकर देह व्यापार में धकेला जाता
- कुछ पीड़िताओं को दूसरे राज्यों और सीमावर्ती इलाकों में भी भेजा गया
असली दर्द तो यह है कि अश्लील वीडियो के डर से कई पीड़िताएं खुलकर सामने ही नहीं आ पाईं। जो courage दिखा सकीं, उन्हीं की वजह से यह मामला खुला।
कैसे करता था शिकार? – कलावा और झूठ का खेल
यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अजफरुल हक सिर्फ नाम नहीं बदलता था, बल्कि पूरी पहचान ही बदल लेता था। हाथ में कलावा बांधना, हिंदू त्योहारों की बातें करना, मंदिर जाने का नाटक – सब कुछ पहले से प्लान किया हुआ था। जांच में यह पाया गया:
- पहली मुलाकात कभी अचानक नहीं होती थी – या तो किसी अस्पताल, कॉलेज या सोशल मीडिया के through
- शुरुआत में खुद को अच्छा इंसान दिखाने के लिए नौकरी दिलाने या पढ़ाई में मदद करने की बात करता
- धीरे-धीरे इमोशनल और फिजिकल नजदीकियां बढ़ाता
- शादी का वादा करके संबंध बनाता और गुपचुप वीडियो रिकॉर्ड करता
एक बार वीडियो हाथ में आ जाने के बाद शुरू होता था असली खेल। धमकियां, परिवार को बदनाम करने की बात, और फिर पैसे या दूसरी गतिविधियों में इस्तेमाल करना – यह सब एक pattern था।
पहली शिकायत – एक पीड़िता ने तोड़ी चुप्पी
मामला तब खुला जब एक पीड़िता ने 2022 में बस्ती के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में हुई मुलाकात के बारे में बताया। वह वहां काम करती थी और आरोपी ने उसे बेहतर नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया।
शिकायत के अनुसार, अजफरुल ने खुद को हिंदू बताया और प्रेम संबंध बनाने के बाद शादी का वादा किया। जब पीड़िता उसके घर पहुंची तो:
- परिवार के लोगों ने भी उसके साथ दुर्व्यवहार किया
- विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई
- वीडियो वायरल करने की बात कहकर खुलकर बोलने से रोका गया
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पीड़िता ने यह भी बताया कि अजफरुल का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड था। लेकिन कानूनी डर की वजह से किसी ने कभी इसे गंभीरता से नहीं लिया।
पुलिस की कार्रवाई – 8 आरोपी जेल में
पुलिस ने जैसे ही मामला दर्ज किया, तुरंत जांच शुरू की। अजफरुल हक उर्फ प्रिंस के अलावा उसके परिवार के कुछ सदस्य और सहयोगी भी गिरोह में शामिल पाए गए। अब तक:
- कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है
- सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है
- पुलिस अन्य संभावित पीड़िताओं की तलाश कर रही है
- वित्तीय लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है
पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरा फोकस पीड़िताओं को न्याय दिलाने और पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर है।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है। यह दिखाता है कि कैसे संगठित गिरोह युवतियों को टारगेट करते हैं और उनकी जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। असली सवाल यह है:
- अगर एक पीड़िता शिकायत नहीं करती तो कितनी और लड़कियां फंसतीं?
- क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ऐसे cases में और सख्ती दिखाएंगे?
- परिवारों को अपनी बेटियों के साथ खुलकर बात करने की जरूरत क्यों है?
यह केस एक wake-up call है – न सिर्फ parents के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए। हमें अपनी बेटियों को इतना मजबूत बनाना होगा कि वे किसी भी तरह के शोषण के खिलाफ खुलकर आवाज उठा सकें।
अधिकारियों का कहना
UP पुलिस के senior officers ने बताया कि यह सिर्फ बस्ती तक सीमित नहीं है। ऐसे कई गिरोह पूरे राज्य में सक्रिय हो सकते हैं। लेकिन शिकायत की कमी की वजह से वे पकड़ में नहीं आ पाते।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर कोई भी ऐसी स्थिति में फंसा है तो बिना डरे पुलिस के पास आए। पीड़िता की पहचान को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाएगा और उसे पूरा कानूनी सहयोग मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. बस्ती लव जिहाद केस में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है, जिसमें मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस और उसके परिवार के कुछ सदस्य शामिल हैं।
2. आरोपी कैसे अपनी पहचान छिपाता था?
अजफरुल हक खुद को हिंदू बताता था, हाथ में कलावा बांधता था और फर्जी नाम से पेश आता था। इससे युवतियों को उसकी असली पहचान का पता ही नहीं चलता था।
3. पीड़िताओं को ब्लैकमेल कैसे किया जाता था?
आरोपी पहले संबंध बनाता और निजी वीडियो रिकॉर्ड करता। फिर इन वीडियो के जरिए धमकी देकर पीड़िताओं को गलत गतिविधियों में धकेला जाता या पैसे की मांग की जाती।
4. अगर कोई ऐसी स्थिति में फंसा है तो क्या करे?
तुरंत पुलिस के पास जाएं या महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर संपर्क करें। पुलिस पीड़िता की पहचान गोपनीय रखेगी और पूरा कानूनी सहयोग देगी।
5. क्या और पीड़िताएं सामने आई हैं?
पुलिस की जांच जारी है और संभावना है कि जांच आगे बढ़ने पर और पीड़िताएं सामने आएंगी। पुलिस सभी को आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
निष्कर्ष
UP News से जुड़ी यह घटना एक गंभीर चेतावनी है। यह दिखाता है कि कैसे संगठित अपराधी नेटवर्क युवतियों को निशाना बनाते हैं और उनकी जिंदगी बर्बाद कर देते हैं। बस्ती का यह मामला सिर्फ शुरुआत हो सकता है – जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
अब जरूरत है कि parents अपनी बेटियों से खुलकर बात करें, social media पर सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत कानूनी मदद लें। सरकार और पुलिस को भी ऐसे cases में fast-track action लेना होगा ताकि और लड़कियों को इस तरह की यातना से बचाया जा सके।
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