सरकार का बड़ा एक्शन: Ullu और ALTT समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म्स बैन, जानिए पूरा मामला और इसके पीछे की वजहें
नई दिल्ली: देश में OTT प्लेटफॉर्म्स की आज़ादी पर अब सरकार की नजरें और सख्त हो गई हैं। केंद्र सरकार ने 25 ऐसे ओटीटी ऐप्स और वेबसाइट्स पर बैन लगा दिया है, जो अश्लीलता और समाज विरोधी कंटेंट के जरिए लोगों को प्रभावित कर रहे थे। इस फैसले से डिजिटल दुनिया में तहलका मच गया है, खासकर उन यूज़र्स में जो ऐसे प्लेटफॉर्म्स के कंटेंट के आदी हो चुके थे।
सरकार का क्या कहना है?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक, इन ऐप्स और वेबसाइट्स पर मनोरंजन की आड़ में अश्लील, आपत्तिजनक और समाज विरोधी वीडियो परोसे जा रहे थे।
इसलिए, सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि इन सभी 25 OTT प्लेटफॉर्म्स और उनकी वेबसाइट्स को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाए।
बैन की गई ऐप्स में कौन-कौन शामिल हैं?
इन बैन किए गए प्लेटफॉर्म्स में कई लोकप्रिय लेकिन विवादित एप्लिकेशन जैसे:
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ULLU
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ALTT
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Desi Flicks
जैसे नाम शामिल हैं, जो लंबे समय से अपने बोल्ड और एडल्ट कंटेंट के कारण चर्चा में रहे हैं।
ALTT और ULLU का बैकग्राउंड क्या है?
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ALTT एप्लिकेशन को वर्ष 2017 में मशहूर फिल्म और टीवी प्रोड्यूसर एकता कपूर ने लॉन्च किया था। शुरुआत में यह ऐप युवाओं को आकर्षित करने वाले कंटेंट के लिए जाना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी पहचान बोल्ड वेब सीरीज़ के लिए बनने लगी।
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दूसरी ओर, ULLU ऐप को विभु अग्रवाल, जो कि IIT कानपुर के ग्रेजुएट हैं, ने वर्ष 2018 में शुरू किया था। इस ऐप पर अधिकतर बोल्ड वेब सीरीज़ और छोटे एडल्ट ड्रामा मौजूद रहते हैं।
पहले भी हो चुका है ऐसा एक्शन
मार्च 2024 में भी सरकार ने इस तरह की कार्रवाई करते हुए:
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18 OTT प्लेटफॉर्म्स
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19 वेबसाइट्स
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10 मोबाइल ऐप्स
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और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स
को बंद करवाया था। उस वक्त भी मुख्य कारण यही था – अश्लील और अनुचित डिजिटल कंटेंट।
किन कानूनों के तहत कार्रवाई की गई?
सरकार ने चार प्रमुख भारतीय कानूनों के अंतर्गत यह कार्रवाई की है:
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IT अधिनियम 2000 की धारा 67
इंटरनेट पर किसी भी तरह का अश्लील कंटेंट प्रकाशित करना या फैलाना अपराध है।
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IT अधिनियम 2000 की धारा 67A
सेक्सुअल एक्ट से जुड़े वीडियो या कंटेंट को ऑनलाइन शेयर करना कानूनी अपराध है।
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BNS 2023 की धारा 294
सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील हरकतें करना या गंदे शब्दों का प्रयोग करना दंडनीय अपराध है।
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महिला अश्लील प्रदर्शन (निषेध) अधिनियम 1986 की धारा 4
किसी भी माध्यम से महिलाओं को अपमानजनक या अश्लील रूप में दिखाना गंभीर कानूनी अपराध है।
लॉकडाउन में क्यों बढ़ी थी इन ऐप्स की लोकप्रियता?
2020 के COVID-19 लॉकडाउन के दौरान जब लोग घरों में सीमित थे और मनोरंजन के साधन सीमित थे, उसी दौरान ULLU और ALTT जैसे ऐप्स की व्यूअरशिप में जबरदस्त इजाफा हुआ।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई 2020 में एक एडल्ट कॉमेडी शो को केवल एक दिन में 1.1 करोड़ बार देखा गया, वो भी MX Player जैसे प्लेटफॉर्म पर।
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मई 2020 में ALTT की व्यूअरशिप 2019 की तुलना में 60% बढ़ी और इसके मासिक सक्रिय यूज़र्स में 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से साफ है कि लोग लॉकडाउन के समय इस तरह के कंटेंट की ओर ज्यादा आकर्षित हुए।
सरकार की मौजूदा गाइडलाइन क्या कहती है?
भारत सरकार ने वर्ष 2021 में एक विस्तृत गाइडलाइन लागू की थी जिसका नाम है:
Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021
इस नियम को 6 अप्रैल 2023 को अपडेट किया गया था।
इस गाइडलाइन के कुछ मुख्य बिंदु:
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कंटेंट को टारगेट ऑडियंस के अनुसार रेट और क्लासिफाई करना जरूरी है।
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हर कंटेंट के साथ सावधानी नोटिस देना अनिवार्य है।
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हर OTT प्लेटफॉर्म को Grievance Officer नियुक्त करना होगा।
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जो कंटेंट:
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देश विरोधी हो
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यौन शोषण को बढ़ावा देता हो
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बच्चों और महिलाओं को नुकसान पहुंचाता हो
– वो प्रतिबंधित किया गया है।
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क्या इससे पहले कोई बड़ा मामला सामने आया है?
राज कुंद्रा पोर्न केस (2021):
OTT प्लेटफॉर्म्स पर पोर्न रैकेट का पहला बड़ा खुलासा 2021 में हुआ था जब अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को HotShots नामक एप के जरिए पोर्न बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
उन पर आरोप था कि उन्होंने विदेशी सर्वर और एप्स के ज़रिए कंटेंट अपलोड कर भारत में वितरित किया।
हालांकि, वे इस मामले में जमानत पर बाहर हैं, लेकिन यह मामला भारतीय डिजिटल स्पेस के लिए चेतावनी बन गया था।
भारत में OTT प्लेटफॉर्म्स की शुरुआत कब और कैसे हुई?
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2008 – देश में पहला OTT प्लेटफॉर्म BigFlix रिलायंस एंटरटेनमेंट द्वारा लॉन्च किया गया।
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2010 – nexGTv देश का पहला मोबाइल OTT ऐप बना।
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2013 – nexGTv ने IPL की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की, जिससे इसकी लोकप्रियता बढ़ी।
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2015 – IPL की स्ट्रीमिंग ने ही Hotstar (अब Disney+ Hotstar) को सबसे बड़ा ओटीटी प्लेटफॉर्म बना दिया।
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2013 के बाद – Ditto TV, SonyLiv, Zee5, Voot जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी अपनी जगह बना ली।
इन घटनाओं के बाद OTT की दुनिया में तेज़ी से क्रांति आई और लोगों ने टीवी छोड़कर स्मार्टफोन व इंटरनेट के जरिए कंटेंट देखना शुरू किया।
इस ताज़ा फैसले से साफ है कि सरकार अब OTT प्लेटफॉर्म्स पर बगैर रोकटोक वाले कंटेंट को लेकर गंभीर हो चुकी है।
अब हर कंटेंट को कानून, समाज और नैतिकता के दायरे में रहकर बनाना होगा।
यदि किसी प्लेटफॉर्म ने केवल व्यूअरशिप बढ़ाने के चक्कर में सामाजिक मूल्यों को नजरअंदाज किया, तो उस पर कार्रवाई होना तय है।