सावधान! अगर नहीं बनवाई ‘Farmer ID’ तो रुक सकती है सरकारी योजनाओं की सब्सिडी
केंद्र सरकार खेती-किसानी को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए Digital Agriculture Mission के तहत एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। ताजा अपडेट के मुताबिक, सरकार यूरिया (Urea) और फर्टिलाइजर की बिक्री को व्यवस्थित करने के लिए ‘डिजिटल फार्मर आईडी’ (Digital Farmer ID) का उपयोग अनिवार्य कर सकती है।
यह आईडी ठीक उसी तरह काम करेगी जैसे आधार कार्ड, लेकिन यह विशेष रूप से किसानों की पहचान, उनकी भूमि के रिकॉर्ड और फसलों की जानकारी को एक प्लेटफार्म पर लाएगी।
क्या है Digital Farmer ID और यह क्यों जरूरी है?
Digital Farmer ID (जिसे Unique Farmer ID भी कहा जा रहा है) किसानों के लिए एक विशिष्ट पहचान पत्र है। यह AgriStack (एग्री स्टैक) पहल का हिस्सा है। आसान शब्दों में कहें तो यह किसानों का ‘डिजिटल आधार’ है।
सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—सब्सिडी और योजनाओं का लाभ बिचौलियों को नहीं, बल्कि वास्तविक किसानों को मिले।
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मौजूदा स्थिति: अभी 7.67 करोड़ से अधिक किसानों की आईडी बन चुकी है।
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लक्ष्य: PM Kisan Samman Nidhi, फसल बीमा (Crop Insurance), और फर्टिलाइजर सब्सिडी को इस सिंगल आईडी से लिंक करना।
बड़ी खबर: यूरिया खरीदने के लिए अनिवार्य होगी फार्मर आईडी?
सरकार फर्टिलाइजर सब्सिडी को तर्कसंगत (Rationalize) बनाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर रही है।
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AgriStack से एकीकरण: यूरिया की बिक्री को एग्री स्टैक डेटाबेस से जोड़ा जाएगा।
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पायलट फेज: शुरुआत में इसे 7 जिलों में लागू किया जा रहा है, जहाँ किसानों की डिजिटल आईडी का घनत्व (Density) सबसे ज्यादा है।
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मकसद: यह सुनिश्चित करना कि सब्सिडी वाला खाद केवल उन्हीं को मिले जो वास्तव में खेती कर रहे हैं (भू-स्वामी या बटाईदार)।
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बजट का दबाव: FY26 में यूरिया की रिकॉर्ड खपत (दिसंबर तक 31.15 मिलियन टन) के कारण सब्सिडी बिल ₹1.91 ट्रिलियन पार करने की संभावना है। डिजिटल आईडी इस लीकेज को रोकेगी।
Digital Farmer ID बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले, किसानों के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य हैं। इनके बिना Farmer Registry में डेटा वेरीफाई नहीं होगा:
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आधार कार्ड (Aadhar Card): मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य।
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भूमि दस्तावेज (Land Records): खसरा-खतौनी की नकल (भू-अभिलेख पोर्टल से सत्यापित)।
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बैंक पासबुक: जो आधार से सीडेड (Seeded) हो।
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पासपोर्ट साइज फोटो
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मोबाइल नंबर: OTP वेरिफिकेशन के लिए।
Farmer ID कैसे बनवाएं? (Step-by-Step Registration Process)
किसान आईडी बनवाने के दो प्रमुख तरीके हैं—स्वयं ऑनलाइन (Self Registration) या CSC सेंटर के जरिए। नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:
तरीका 1: खुद ऑनलाइन आवेदन (Self Registration)
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पोर्टल पर जाएं: अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या केंद्र के Digital Agriculture Mission पोर्टल पर जाएं। (कई राज्यों में ‘Farmer Registry App’ भी उपलब्ध है)।
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नया पंजीकरण चुनें: होमपेज पर “New Farmer Registration” या “Create Farmer ID” लिंक पर क्लिक करें।
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Aadhar Authentication: अपना आधार नंबर दर्ज करें और e-KYC (OTP या बायोमेट्रिक) पूरा करें।
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भूमि का विवरण जोड़ें: अपने खेत का सर्वे नंबर/खसरा नंबर दर्ज करें। सिस्टम इसे भू-लेख (Land Records) सर्वर से वेरीफाई करेगा।
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व्यक्तिगत जानकारी: बैंक खाता, फसल का पैटर्न और अन्य विवरण भरें।
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सहमति (Consent) और सबमिट: डेटा शेयरिंग के लिए अपनी सहमति दें और फॉर्म सबमिट करें।
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ID Generation: वेरिफिकेशन सफल होने पर एक यूनिक Farmer ID जेनरेट हो जाएगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।
तरीका 2: जन सेवा केंद्र (CSC) के जरिए
अगर आप तकनीकी प्रक्रिया में सहज नहीं हैं:
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नजदीकी Common Service Centre (CSC) पर जाएं।
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अपने साथ आधार कार्ड और खतौनी (Land Record) की कॉपी ले जाएं।
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VLE (Village Level Entrepreneur) आपका बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करेगा और फार्मर रजिस्ट्री में आपका नाम दर्ज कर देगा।
AgriStack (एग्री स्टैक) क्या है? (Technical Insight)
अक्सर लोग पूछते हैं कि एग्री स्टैक क्या है? यह एक डिजिटल फाउंडेशन (Digital Infrastructure) है। इसमें तीन प्रमुख डेटा पॉइंट्स को लिंक किया जा रहा है:
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Farmer Registry: किसान की पहचान।
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Geo-referencing of Village Maps: गाँव के नक्शों की जियो- टैगिंग।
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Crop Sown Registry: किस खेत में कौन सी फसल बोई गई है, इसका रियल-टाइम डेटा।
इससे भविष्य में बैंक लोन, फसल नुकसान का मुआवजा और MSP पर खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह से पेपरलेस (Paperless) हो जाएगी।
डिजिटल फार्मर आईडी आने वाले समय में खेती का ‘पासपोर्ट’ बन जाएगी। यूरिया की किल्लत से बचने और सरकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ लेने के लिए, किसानों को जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन Farmer Registry में करवा लेना चाहिए। सरकार की सख्ती यह संकेत दे रही है कि बिना आईडी के भविष्य में इनपुट (खाद-बीज) मिलना मुश्किल हो सकता है।
Frequently Asked Questions (Digital Farmer ID)
Q1: क्या जिनके पास जमीन नहीं है (बटाईदार/Pahikasht), उनकी भी Farmer ID बनेगी?
Ans: हाँ, AgriStack के फ्रेमवर्क में वास्तविक खेती करने वालों (Cultivators) को भी शामिल करने का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए भू-स्वामी की सहमति या स्थानीय राजस्व विभाग का सत्यापन (Verification) आवश्यक हो सकता है।
Q2: क्या Farmer ID और PM Kisan Registration एक ही है?
Ans: नहीं, दोनों अलग हैं। PM Kisan केवल एक योजना है, जबकि Digital Farmer ID एक मास्टर डेटाबेस (Master Database) है। एक बार Farmer ID बनने के बाद, आपको अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे।
Q3: अगर मेरा आधार मोबाइल नंबर से लिंक नहीं है, तो आईडी कैसे बनेगी?
Ans: ऐसे में आप खुद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। आपको नजदीकी CSC सेंटर जाना होगा, जहाँ बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) के जरिए आपका e-KYC और रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाएगा।
Q4: यूरिया खरीदते समय Farmer ID का उपयोग कैसे होगा?
Ans: खाद की दुकानों (PoS Machines) पर आपको अपनी Farmer ID या आधार नंबर देना होगा। सिस्टम चेक करेगा कि आपके पास कितनी जमीन है और उसी अनुपात में आपको सब्सिडी वाला यूरिया आवंटित किया जाएगा।
Q5: क्या Farmer ID बनवाने की कोई फीस है?
Ans: सरकारी पोर्टल पर खुद रजिस्ट्रेशन करना पूरी तरह नि:शुल्क है। लेकिन, यदि आप CSC सेंटर से सेवा लेते हैं, तो वे निर्धारित मामूली सेवा शुल्क (Service Charge) ले सकते हैं।
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