Bihar Kanya Vivah Mandap Yojana: ग्राम पंचायतों में फ्री विवाह भवन – पूरी जानकारी
Gram Panchayat Marriage Hall: बिहार में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों की शादी करना अब बोझ नहीं बनेगा। बिहार सरकार (Bihar Government) और पंचायती राज विभाग ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य की पंचायतों में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना’ (Gram Panchayat Marriage Hall Scheme) की शुरुआत की है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को शादी-विवाह के लिए महंगे होटल या मैरिज हॉल की जगह, उनके ही गांव में आधुनिक सुविधाओं से युक्त निःशुल्क विवाह स्थल उपलब्ध कराना है।
नीचे इस योजना के लाभ, निर्माण प्रक्रिया, और बुकिंग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है।
सावधान! अगर नहीं बनवाई ‘Farmer ID’ तो रुक सकती है सरकारी योजनाओं की सब्सिडी
बिहार कन्या विवाह मंडप योजना (Bihar Kanya Vivah Mandap Yojana) क्या है?
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर देखा जाता है कि गरीब परिवारों को शादी-समारोह के लिए जगह की कमी या महंगे किराए का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार राज्य की सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से विवाह मंडप (Marriage Halls) का निर्माण कराएगी।
यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक सामुदायिक केंद्र होगा जहाँ बिजली, पानी, सजावट और स्वच्छता की पूरी व्यवस्था होगी। सबसे खास बात यह है कि इसका संचालन जीविका दीदियों (Jeevika Didis) के हाथों में होगा, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
योजना के मुख्य बिंदु
-
विभाग: पंचायती राज विभाग, बिहार
-
लाभार्थी: ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवार (सभी धर्म/जाति)
-
उद्देश्य: शादियों के लिए सस्ता और सुलभ स्थान देना
-
संचालन: जीविका समूह द्वारा
-
शुल्क: गरीब परिवारों के लिए पूर्णतः निःशुल्क (रखरखाव शुल्क लागू हो सकता है)
विवाह मंडप की विशेषताएं और सुविधाएं (Infrastructure & Facilities)
सरकार द्वारा बनाए जाने वाले ये विवाह भवन केवल चारदीवारी नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। एक मानक विवाह मंडप के लिए लगभग 13,000 वर्ग फीट भूमि चिन्हित की जा रही है।
-
भव्य मंच और हॉल: शादी की रस्मों के लिए सजा-धजा स्टेज और मेहमानों के बैठने के लिए बड़ा हॉल।
-
लाइटिंग और सजावट: कृत्रिम लाइटों, फूलों की सजावट और शहनाई-ढोल की व्यवस्था के लिए पर्याप्त जगह।
-
आवश्यक सुविधाएं: पेयजल, शौचालय, और दूल्हा-दुल्हन के लिए अलग कमरे (Green Rooms)।
-
किफायती: ग्रामीणों को अब शादी के लिए शहर जाने या लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लेटेस्ट अपडेट: रामगढ़वा (पूर्वी चंपारण) में निर्माण शुरू
योजना के क्रियान्वयन में पूर्वी चंपारण का रामगढ़वा प्रखंड एक मॉडल बनकर उभरा है। यहाँ पहले चरण में 10 पंचायतों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और सरकार द्वारा 5-5 लाख रुपये की अग्रिम राशि (Advance Amount) आवंटित कर दी गई है।
चयनित पंचायतें जहाँ जल्द शुरू होगा काम:
-
बैरिया, पटनी, बेला, अधकपरिया
-
धनहर दिहुली, आमोदेई, रघुनाथपुर
-
सकरार, जैतापुर, अहिरौलिया
बीडीओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, इन पंचायतों में भूमि चिन्हित कर ली गई है। यह निर्माण कार्य पंचायत के माध्यम से कराया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित होगा।
बुकिंग और संचालन प्रक्रिया (Booking & Management)
इस योजना की सफलता की कुंजी इसका प्रबंधन मॉडल है। बिहार सरकार ने इसे नौकरशाही से दूर रखते हुए जीविका स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी सौंपी है।
1. जीविका दीदियों की भूमिका
-
देखरेख: भवन की साफ-सफाई और रखरखाव जीविका दीदियां करेंगी।
-
बुकिंग: शादी या अन्य समारोह के लिए बुकिंग जीविका कार्यालय या पंचायत भवन से होगी।
-
रोजगार: कैटरिंग, सजावट और प्रबंधन के जरिए जीविका दीदियों को आय का साधन मिलेगा।
2. बुकिंग कौन कर सकता है? (Eligibility)
-
आवेदक संबंधित पंचायत का निवासी होना चाहिए।
-
प्राथमिकता BPL (गरीबी रेखा से नीचे) और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दी जाएगी।
-
सभी जाति और धर्म के लोग इसका लाभ उठा सकते हैं।
-
अमीर या सक्षम परिवारों से निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है, जिसका उपयोग भवन के रखरखाव में होगा।
योजना का सामाजिक प्रभाव (Social Impact)
बीपीआरओ इंद्रजीत दास का कहना है कि यह योजना केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि सामाजिक बदलाव की मुहीम है।
-
कर्ज से मुक्ति: गरीब पिता को मैरिज हॉल के भारी-भरकम किराए के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
-
सामुदायिक एकता: एक ही छत के नीचे सभी वर्गों के आयोजन होने से सामाजिक समरसता बढ़ेगी।
-
पर्यावरण संरक्षण: गांव में ही आयोजन होने से परिवहन प्रदूषण कम होगा और स्थानीय संसाधनों का उपयोग होगा।
Bihar Kanya Vivah Mandap Yojana ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने वाला एक क्रांतिकारी कदम है। जहाँ एक ओर गरीब बेटियों की डोली सम्मान के साथ उठेगी, वहीं दूसरी ओर जीविका दीदियों के हाथों में प्रबंधन होने से नारी शक्ति भी मजबूत होगी। रामगढ़वा प्रखंड की तरह जल्द ही पूरे बिहार की पंचायतों में शहनाई की गूंज इन सरकारी मंडपों में सुनाई देगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: क्या विवाह मंडप की बुकिंग पूरी तरह फ्री है?
Ans: हाँ, गरीब और BPL परिवारों के लिए यह सुविधा निःशुल्क है। हालांकि, बिजली और साफ-सफाई के लिए एक बहुत ही मामूली रखरखाव शुल्क लिया जा सकता है। सक्षम परिवारों के लिए शुल्क निर्धारित होगा।
Q2: विवाह मंडप की बुकिंग कैसे करें?
Ans: बुकिंग के लिए आपको अपने ग्राम पंचायत कार्यालय या स्थानीय ‘जीविका’ समूह के कार्यालय में संपर्क करना होगा। वहां उपलब्ध तारीखों के अनुसार बुकिंग की जाएगी।
Q3: एक विवाह मंडप में कितनी जगह होगी?
Ans: मानकों के अनुसार, विवाह मंडप के लिए लगभग 13,000 वर्ग फीट जमीन की आवश्यकता होती है, जिसमें हॉल, कमरे, किचन और पार्किंग स्पेस शामिल है।
Q4: इस योजना का लाभ किन जिलों को मिलेगा?
Ans: यह योजना पूरे बिहार के लिए है। राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से (Phase-wise) मंडप बनाए जाएंगे। फिलहाल पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में काम शुरू हो चुका है।
Q5: विवाह मंडप के निर्माण के लिए फंड कहाँ से आता है?
Ans: इसका निर्माण पंचायती राज विभाग और मनरेगा (MNREGA) या अन्य राज्य योजनाओं के कन्वर्जेंस (अभिसरण) फंड से किया जाता है। शुरुआती चरण में पंचायतों को अग्रिम राशि आवंटित की जाती है।
(देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सबसे पहले पढ़ें Deshtak.com पर , आप हमें Facebook, Twitter, Instagram , LinkedIn और Youtube पर फ़ॉलो करे)










