Nissan Magnite SUV बनी Export King: Creta और Swift को पछाड़कर हासिल किया No. 1 स्थान
Top Car Exporter Dec 2026: Quick Highlights
No. 1 Car: Nissan Magnite (9,268 यूनिट्स)
Top Runner-up: Hyundai Verna (6,125 यूनिट्स)
Biggest Surprise: Maruti Dzire (564 से बढ़कर 3,489 यूनिट्स)
Key Insight: Nissan Magnite ने साल-दर-साल (YoY) 260% की भारी बढ़त दर्ज की है, जो इसे ‘Global South’ मार्केट्स में सबसे सफल ‘Made-in-India’ प्रोडक्ट बनाता है।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में भले ही मारुति सुजुकी और हुंडई का दबदबा हो, लेकिन ग्लोबल मार्केट की कहानी बिल्कुल अलग है। Nissan Magnite ने दिसंबर 2025 के एक्सपोर्ट आंकड़ों में जो प्रदर्शन किया है, उसने ऑटो एक्सपर्ट्स को भी चौंका दिया है। देश के बाहर भेजे जाने वाले वाहनों (Exports) की रेस में इस किफायती SUV ने न केवल टॉप पोजीशन हासिल की, बल्कि अपनी ही पुरानी सेल्स के रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए हैं।
क्यों फीकी पड़ गईं मारुति और हुंडई की गाड़ियां?
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो विदेशी सरजमीं पर मैग्नाइट का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। दिसंबर 2025 में Nissan ने 9,268 यूनिट्स एक्सपोर्ट कीं। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दिसंबर 2024 में यह संख्या मात्र 2,570 थी। यानी, कंपनी ने सीधे तौर पर 260% की Year-on-Year (YoY) ग्रोथ दर्ज की है।
वहीं दूसरी तरफ, भारतीय सड़कों पर राज करने वाली Hyundai Creta, Maruti Swift और Baleno एक्सपोर्ट चार्ट में काफी नीचे खिसक गई हैं। ₹5.62 लाख की शुरुआती कीमत (Ex-Showroom) वाली मैग्नाइट ने यह साबित कर दिया है कि ‘Cost-effectiveness’ और ‘Build Quality’ का सही मेल विदेशी ग्राहकों की प्राथमिकता है।
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Top 5 Performing Cars (Technical Analysis)
केवल मैग्नाइट ही नहीं, सेडान सेगमेंट में भी दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है। टॉप 5 गाड़ियों का विश्लेषण नीचे दिया गया है:
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Nissan Magnite: 9,268 यूनिट्स के साथ यह मार्केट लीडर बनकर उभरी है। इसका प्रमुख कारण दक्षिण अफ्रीका और मिडिल ईस्ट देशों में इसकी ‘High Ground Clearance’ और CVT गियरबॉक्स की मांग है।
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Hyundai Verna: 6,125 यूनिट्स के साथ दूसरे नंबर पर रही। सेडान की घटती मांग के बावजूद, वरना ने 51% की ग्रोथ दिखाई है।
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Toyota Hyryder: 5,164 यूनिट्स। यह मॉडल हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के कारण यूरोप और एशियाई बाजारों में जगह बना रहा है।
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Maruti Jimny: 4,592 यूनिट्स। भले ही भारत में इसकी बिक्री धीमी हो, लेकिन 5-डोर जिम्नी की ग्लोबल ऑफ-रोड कम्युनिटी में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है।
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Grand i10 Nios: 4,234 यूनिट्स। एंट्री-लेवल हैचबैक के तौर पर यह अब भी एक मजबूत दावेदार है।
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कार एक्सपोर्ट डेटा: दिसंबर 2025 vs 2024 (Detailed Breakdown)
यहाँ उन गाड़ियों की सूची है जिन्होंने ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह बनाई है। ध्यान दें कि Maruti Dzire ने सबसे बड़ी छलांग (500%+) लगाई है।
| टॉप कार मॉडल वाइज एक्सपोर्ट दिसंबर 2025 | |||
|---|---|---|---|
| नंबर | मॉडल | दिसंबर 2025 | दिसंबर 2024 |
| 1 | मैग्नाइट | 9,268 | 2,570 |
| 2 | वरना | 6,125 | 4,054 |
| 3 | हाइराडर | 5,164 | 4,642 |
| 4 | जिम्नी | 4,592 | 4,699 |
| 5 | ग्रैंड i10 | 4,234 | 4,072 |
| 6 | सनी | 4,202 | 6,988 |
| 7 | डिजायर | 3,489 | 564 |
| 8 | ऑरा | 3,261 | 2,423 |
| 9 | ई विटारा | 2,724 | 0 |
| 10 | स्विफ्ट | 2,395 | 7,243 |
| 11 | फ्रोंक्स | 2,390 | 8,373 |
| 12 | एस-प्रेसो | 2,229 | 3,022 |
| 13 | बलेनो | 2,199 | 4,089 |
| 14 | सेलेरियो | 2,029 | 2,294 |
| 15 | अर्टिगा | 1,705 | 1,705 |
| 16 | सिटी | 1,677 | 1,164 |
| 17 | कैरेंस | 1,001 | 539 |
| 18 | XUV 3XO | 999 | 834 |
| 19 | क्विड | 989 | 1,321 |
| 20 | सोनेट | 966 | 1,230 |
| 21 | ग्रैंड विटारा | 849 | 2,388 |
| 22 | काइगर | 751 | 301 |
| 23 | ईको | 693 | 789 |
| 24 | i20 | 655 | 95 |
| 25 | एक्सटर | 634 | 553 |
| 26 | ट्राइबर | 616 | 988 |
| 27 | एलिवेट | 615 | 2,693 |
| 28 | क्रेटा | 511 | 386 |
| 29 | अल्कजार | 450 | 858 |
| 30 | वेन्यू | 416 | 429 |
| 31 | सेल्टोस | 357 | 381 |
| 32 | वर्टूस | 212 | 2,489 |
| 33 | कम्पास | 165 | 50 |
| 34 | C3 | 105 | 0 |
| 35 | ताइगुन | 103 | 1,604 |
| 36 | कुशाक | 84 | 102 |
| 37 | विक्टोरिस | 83 | 0 |
| 38 | अमेज | 60 | 0 |
| 39 | ब्रेजा | 53 | 85 |
| 40 | स्कॉर्पियो | 50 | 222 |
| टोटल | 69,100 | 76,239 | |
‘Made in India’ का ग्लोबल जलवा
निसान इंडिया के ऑपरेशन्स के लिए यह एक ‘Turnaround Moment’ है। मैग्नाइट अकेली ऐसी कार है जो भारत में निसान के पूरे बिजनेस को ड्राइव कर रही है। एक्सपोर्ट में नंबर 1 होना यह दर्शाता है कि चेन्नई स्थित निसान का प्लांट ग्लोबल सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
वहीं, Maruti Suzuki e-Vitara की एंट्री (2,724 यूनिट्स) भी एक बड़ा संकेत है। यह पहली बार है जब मारुति की कोई इलेक्ट्रिक गाड़ी एक्सपोर्ट लिस्ट के टॉप 10 में शामिल हुई है, जो भविष्य के ‘Electric Transition’ की ओर इशारा करती है।
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FAQs
Q1: Nissan Magnite का एक्सपोर्ट बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
Ans: इसकी आक्रामक कीमत (Value for Money proposition), 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग और कम कीमत में CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प इसे विदेशी बाजारों, खासकर विकासशील देशों में लोकप्रिय बनाता है।
Q2: क्या यह एक्सपोर्ट डेटा भारत में मैग्नाइट की बिक्री को प्रभावित करेगा?
Ans: सीधे तौर पर नहीं, लेकिन इससे ‘Brand Value’ और ‘Resale Value’ में सुधार होता है। साथ ही, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता लंबे समय तक सुनिश्चित रहती है।
Q3: Maruti Swift के एक्सपोर्ट में इतनी गिरावट क्यों आई?
Ans: स्विफ्ट के एक्सपोर्ट में गिरावट का कारण ‘Model Transition’ हो सकता है। कई देशों में नए जनरेशन मॉडल के लॉन्च और पुरानी इन्वेंट्री खत्म होने के कारण शिपमेंट रोके गए हो सकते हैं।
Q4: Nissan Magnite की शुरुआती कीमत क्या है?
Ans: भारत में Nissan Magnite की एक्स-शोरूम कीमत ₹5.62 लाख से शुरू होती है, जो इसे अपनी श्रेणी में सबसे किफायती SUVs में से एक बनाती है।
Q5: किस देश में भारतीय गाड़ियाँ सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट होती हैं?
Ans: ‘Made in India’ कारें मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, लैटिन अमेरिका (Mexico, Chile), मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में एक्सपोर्ट की जाती हैं।
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