Biotin and Hair Loss: हेयर फॉल रोकने में कितना फायदेमंद है बायोटिन? डॉक्टर्स ने बताया, कितने काम का है ये सप्लीमेंट
Biotin and hair loss: बाल झड़ने की समस्या में आपने लोगों को अक्सर कहते सुने होगा कि बायोटिन सप्लीमेंट काफी मदद करता है। लेकिन क्या ऐसा सच में होता है, इस बारे में आज हम विस्तार से जानेंगे।
बालों का झड़ना (hair fall) पुरुषों और महिलाओं दोनों की सबसे आम समस्याओं में से एक है जो अक्सर न केवल जेनेटिक्स, पॉल्यूशन, स्टाइलिंग प्रोडक्ट से जुड़े होते हैं, बल्कि ये आपके रोजमर्रा के न्यूट्रिशन से भी गहराई से जुड़े होते हैं।
हालांकि शैम्पू और ऑयलिंग के अलावा बालों को असली मजबूती शरीर के अंदर से मिलती है जिसमें विटामिन और मिनरल्स अहम भूमिका निभाते हैं और बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं।
आज के समय में बालों की ग्रोथ के लिए बायोटिन सप्लीमेंट्स का काफी अधिक प्रयोग हो रहा है। तो आइए आज जानते हैं कि बायोटिन क्या होता है, बालों की ग्रोथ में कैसे फायदेमंद है और कौन लोग इसे ले सकते हैं।
बायोटिन क्या है और यह कैसे काम करता है?
Clevelandclinic के मुताबिक, बायोटिन को विटामिन B7 (Vitamin B7) भी कहा जाता है और ये शरीर में कई काम करता है। बायोटिन भोजन को पचाने में मदद करता है और उसे एनर्जी में बदलता है।
दावा किया जाता है कि बायोटिन बाल, स्किन और नाखूनों की हेल्थ में भी सुधार करता है। दरअसल, यह शरीर में केराटिन (Keratin) के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाता है, जो बालों का मुख्य प्रोटीन है।
बायोटिन सहित बी विटामिन पानी में घुलनशील (water-soluble) होते हैं। इसका मतलब है कि आपका शरीर जरूरत से ज्यादा बायोटिन जमा नहीं करता, बल्कि अतिरिक्त मात्रा को यूरिन के ज़रिए बाहर निकाल देता है।
आजकल मार्केट में कई ऐसे शैंपू और सप्लीमेंट्स मौजूद हैं जो दावा करते हैं कि उनके प्रोडक्ट में बायोटिन उपलब्ध है जो बालों को मजबूती, चमक देता है।
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जब बायोटिन का स्तर शरीर में कम होने लगता है (biotin deficiency) तो बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं या झड़ सकते हैं। हालांकि काफी कम लोगों को इसकी कमी होती है लेकिन खराब डाइट, डाइजेशन डिसऑर्डर या कुछ दवाओं के लंबे समय के उपयोग से बायोटिन का अवशोषण कम हो सकता है।
शरीर को कितना बायोटिन चाहिए?
अधिकतर लोगों को उनकी हेल्दी डाइट से बायोटिन मिल जाता है और इसके कारण उनमें इसकी कमी नहीं होती। किस उम्र के लोगों को कितने बायोटिन की जरूरत होती है, ये भी जान लीजिए:
6 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए : 5 माइक्रोग्राम
7 से 12 महीने : 6 माइक्रोग्राम
1 से 3 साल : 8 माइक्रोग्राम
4 से 8 साल : 12 माइक्रोग्राम
9 से 13 साल : 20 माइक्रोग्राम
14 से 18 साल : 25 माइक्रोग्राम
19 साल और उससे अधिक आयु के लिए : 30 माइक्रोग्राम
गर्भवती महिलाएं : 30 माइक्रोग्राम
ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं : 35 माइक्रोग्राम
सच तो ये है कि गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को बायोटिन की थोड़ी ज़्यादा ज़रूरत होती है, जिसे सही आहार से पूरा किया जा सकता है।
क्या सच में प्रभावी है बायोटिन? (Biotin & Hair Growth)
डायटीशियन डेलप्रा का कहना है, ‘किसी भी रिसर्च ने यह साबित नहीं किया है कि बायोटिन सप्लीमेंट लेने से आपके बालों, त्वचा या नाखूनों में बदलाव आता है। लेकिन कुछ लोग आपको जरूर कह सकते हैं कि बायोटिन सप्लीमेंट लेने से उनके बालों और नाखूनों की हेल्थ में सुधार हुआ है।’
2017 के एक रिव्यू में 18 केस‑रिपोर्ट्स देखी गईं, जहां बायोटिन सप्लीमेंट देने के बाद बाल या नाखून बेहतर हुए। लेकिन लगभग सभी मरीजों में कोई न कोई प्रॉब्लम थी जैसे वो डाइट सही नहीं लेते थे, कोई बीमारी थी या फिर किसी एंजाइम की कमी थी। नॉर्मल लोगों पर कोई मजबूत ट्रायल नहीं मिला।
2023 के रिव्यू Biotin for Hair Loss: Teasing Out the Evidence के निष्कर्ष में सामने आया था कि हेयर ग्रोथ के लिए बायोटिन पर न तो अच्छे कंट्रोल्ड ट्रायल हैं और न ही हाई‑क्वालिटी एविडेंस। अधिकतर डेटा केस‑रिपोर्ट या छोटी ऑब्जर्वेशनल स्टडीज तक ही सीमित हैं।
बायोटिन लेने के लिए कौन सी चीजें खाएं?
अमेरिका की रजिस्टर्ड डायटीशियन कोर्टनी डेलप्रा का कहना है लोगों को सबसे पहले अपनी डाइट से ही बायोटिन लेने की कोशिश करनी चाहिए।
बायोटिन कई फूड्स में पाया जाता है इसलिए बेहतर यही होता है कि विटामिन और मिनरल्स बैलेंस डाइट से लेने पर जोर रहना चाहिए ना कि सप्लीमेंट से।
बायोटिन अंडे, सैल्मन मछली, नॉनवेज, ड्राईफ्रूट और सीड्स जैसी चीजों में पाया जाता है। इसके अलावा आप मूंगफली, शकरकंद और पालक को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जो हेयर फॉल कंट्रोल करने में असरदार होते हैं।
मार्केट से खरीदकर बिना सलाह के ले सकते हैं बायोटिन?
यहाँ लोग सबसे बड़ी गलती करते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से मेडिकल स्टोर जाकर सप्लीमेंट खरीदना सेहत पर भारी पड़ सकता है।
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुरंजित चटर्जी का कहना है, ‘पर्याप्त पोषक तत्व न मिलने से हड्डियों की कमजोरी और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं लेकिन इनका अधिक सेवन, विशेष रूप से फैट में घुलनशील विटामिन जैसे विटामिन ए और डी भी खतरनाक हो सकते हैं।‘
कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले किसी हेल्थ प्रोफेशनल की सलाह जरूर लेनी चाहिए क्योंकि वो व्यक्ति की हेल्थ, डाइट और ब्लड रिपोर्ट जांचने के बाद ही सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, ओखला में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. पंकज सोनी के अनुसार, ‘फैट में घुलनशील विटामिन (ए, डी, ई, के) फैट वाले खाने के बाद लेना चाहिए। इन्हें दूध के साथ भी लिया जा सकता है। बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी जैसे पानी में घुलनशील विटामिन खाली पेट पानी के साथ लेने चाहिए।‘
पीएसआरआई हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अनुराग महाजन का कहना है, ‘सप्लीमेंट्स सभी के लिए आवश्यक नहीं हैं। 80 वर्ष से अधिक उम्र के कुछ लोग बिना किसी सप्लीमेंट के भी स्वस्थ रहते हैं क्योंकि वे अच्छा खान-पान रखते हैं और हेल्दी लाइफस्टाइल रखते हैं।’
लेकिन वहीं कुछ कम उम्र के लोगों को सप्लीमेंट की जरूरत हो सकती है क्योंकि वो गलत खान-पान के साथ इनेक्टिव लाइफस्टाइल जीते हैं।
ध्यान रखें, बायोटिन वाले सप्लीमेंट लेने से कुछ मेडिकल टेस्ट (खासकर थायरॉइड टेस्ट) की रिपोर्ट गलत आ सकती है। इसलिए यदि आप कोई सप्लीमेंट ले रहे हैं जिसमें बायोटिन उपलब्ध है तो टेस्ट कराने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य रिसर्च और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है। इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का ऑप्शंस न समझें।









