Cricket Umpire Kaise Bane: Rules, Salary और BCCI सिलेक्शन का पूरा सच
बॉल पैड पर लगी…
गेंदबाज़ ने पूरी जान लगाकर अपील की…
हज़ारों दर्शकों की सांसें थम गईं.
अंपायर ने धीरे से सिर हिलाया, उंगली उठाई—और ये आउट!
मैदान पर चौके-छक्के लगाने वाले खिलाड़ी तो हीरो होते ही हैं, लेकिन खेल का असली ‘बॉस’ वो होता है जो बिना किसी टीम की जर्सी पहने, हर गेंद पर पैनी नज़र रखता है. जी हां, हम बात कर रहे हैं Cricket Umpire की.
ईमानदारी से कहें तो, अंपायर का काम सिर्फ ‘वाइड’ या ‘नो-बॉल’ का इशारा करना नहीं है. यह काम है जिगरे का. धूप हो या बारिश, दबाव हो या स्लेजिंग—एक अंपायर को चट्टान की तरह खड़ा रहना पड़ता है. उनका एक सही या गलत फैसला पूरे मैच का रुख पलट सकता है.
शायद आपने भी कभी मैच देखते हुए सोचा होगा—” यार, ये अंपायर बनते कैसे हैं? क्या इनकी भी करोड़ों में कमाई होती है?”
चलिए, आज Career Connect की इस सीरीज़ में हम इन सभी सवालों के जवाब ढूंढते हैं. हमने बात की है Anil Chaudhary और S.K. Bansal जैसे दिग्गज अंपायरों से, ताकि आपको वो बातें बता सकें जो गूगल पर आसानी से नहीं मिलतीं.
क्या अंपायर बनने के लिए ‘क्रिकेटर’ होना ज़रूरी है?
यह सबसे बड़ा मिथक (Myth) है.
लोगों को लगता है कि अगर आपने रणजी या डिस्ट्रिक्ट लेवल क्रिकेट नहीं खेला, तो आप अंपायर नहीं बन सकते. यह सच नहीं है.
सीधी बात—अगर आप 12वीं पास हैं, तो भी आप अंपायर बन सकते हैं.
BCCI और ICC पैनल के पूर्व अंपायर एस.के. बंसल (जिन्होंने 2001 के ऐतिहासिक भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट में अंपायरिंग की थी) साफ़ कहते हैं:
“अगर आपने क्रिकेट खेला है तो अच्छी बात है, आपको थोड़ी आसानी होगी. लेकिन अगर आपने कभी बैट नहीं पकड़ा, तब भी आप एक बेहतरीन अंपायर बन सकते हैं. बस आपको क्रिकेट के नियमों की गहरी समझ (Deep Knowledge) होनी चाहिए.”
तो अगर डिग्री की टेंशन ले रहे थे, तो उसे छोड़ दीजिये. फोकस ‘स्किल’ पर रखिये.
Qualification और Age Limit: क्या चाहिए?
अंपायरिंग की दुनिया में कदम रखने के लिए कुछ बेसिक चेकलिस्ट हैं:
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उम्र: आपकी उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए (BCCI लेवल एग्ज़ाम के लिए).
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पढ़ाई: कोई खास डिग्री नहीं. बस क्रिकेट की समझ और अच्छी Communication Skill.
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भाषा: इंग्लिश (English) थोड़ी बहुत आनी चाहिए. क्यों? क्योंकि इंटरनैशनल प्लेयर्स और दूसरे राज्यों के अंपायर्स से बात करने के लिए इंग्लिश ही ‘कॉमन लैंग्वेज’ है.

Step-by-Step Process: जीरो से हीरो कैसे बनें?
आप सीधे BCCI के पास जाकर अर्ज़ी नहीं दे सकते. इसका एक प्रोसेस है. इंटरनेशनल अंपायर अनिल चौधरी, जो आजकल कमेंट्री बॉक्स में भी छाए हुए हैं, उन्होंने हमें इसका रोडमैप समझाया.
यहां देखिए अंपायर बनने का असली रास्ता:
1. लोकल लेवल से शुरुआत (State Association)
सबसे पहले अपने राज्य के क्रिकेट एसोसिएशन में रजिस्ट्रेशन करवाएं. जैसे अगर आप दिल्ली में हैं तो DDCA, यूपी में हैं तो UPCA, या राजस्थान में RCA.
अनिल चौधरी बताते हैं, “वहां के स्पोर्ट्स ऑफिसर या अंपायरिंग इंचार्ज से मिलें. उन्हें बताएं कि आप अंपायरिंग करना चाहते हैं. वहां कोई एग्ज़ाम नहीं होता. बस फॉर्म भरें और लोकल लीग मैचों में अंपायरिंग शुरू कर दें.”
2. स्टेट पैनल का एग्जाम
जब आप लोकल मैचों में अच्छा करते हैं, तो स्टेट एसोसिएशन अपना एक इंटरनल एग्जाम करवाता है. इसमें थ्योरी, प्रैक्टिकल और वाइवा (Viva) होता है. अगर आपने यहां अपनी धाक जमा ली, तो आपका नाम आगे भेजा जाता है.
3. BCCI Exam (The Big Game)
BCCI समय-समय पर अंपायर्स के लिए वैकेंसी निकालता है (औसतन हर 3 साल में). स्टेट एसोसिएशन अपने बेस्ट अंपायर्स के नाम भेजता है.
पहले Level 1 और Level 2 के अलग-अलग एग्जाम होते थे, लेकिन अब सिस्टम थोड़ा बदल गया है. अब एक ही मेजर एग्जाम होता है. इसमें पास होने के लिए आपको 90% मार्क्स लाने होते हैं. जी हां, कॉम्पिटिशन तगड़ा है!
4. प्रमोशन और ग्रोथ
BCCI एग्जाम पास करते ही आप सीधे विराट कोहली के मैच में अंपायरिंग नहीं करेंगे.
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शुरुआत होती है Junior Level (Under-15, Under-19) से.
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परफॉरमेंस अच्छी रही तो Ranji Trophy और Duleep Trophy.
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और अगर आप बेस्ट निकले, तो फिर IPL और International Matches.
कमाई कितनी होती है? (Salary of Cricket Umpire)
अब आते हैं उस सवाल पर जिसका इंतज़ार आप सबको था. पैसा.
सच कहें तो अंपायरिंग अब सिर्फ शौक नहीं, एक हाई-पेइंग करियर है.
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लोकल/क्लब मैच: ₹3,000 प्रति दिन (अनुमानित).
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BCCI डोमेस्टिक मैच: अनिल चौधरी के मुताबिक, मैच के दिन के करीब ₹40,000 मिलते हैं.
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सबसे मज़ेदार बात: अगर 5 दिन का टेस्ट मैच 2 दिन में खत्म हो जाए, तो भी पैसे पूरे 5 दिन के मिलते हैं!
इसके अलावा 5-स्टार होटल में रुकना, फ्लाइट की टिकटें और डेली अलाउंस अलग से. जो सुविधाएं कई देशों में इंटरनेशनल अंपायर्स को नहीं मिलतीं, वो भारत में BCCI अपने डोमेस्टिक अंपायर्स को देता है.
क्या पढ़ें? (Books for Umpiring)
अनिल चौधरी सर ने कुछ “सीक्रेट बुक्स” सजेस्ट की हैं जो हर अंपायर के बैग में होनी चाहिए:
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MCC Law Book: इसे क्रिकेट का संविधान मान लीजिये. (ऑनलाइन मिल जाएगी).
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Tom Smith’s Cricket Umpiring & Scoring: रूल्स को समझने के लिए बेस्ट किताब. नया एडिशन ही लें.
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BCCI Playing Conditions: ये सबसे ज़रूरी है क्योंकि एग्जाम इसी पर आधारित होता है.
फिटनेस: सिर्फ खिलाड़ियों के लिए नहीं
क्या आप चश्मा लगाते हैं? कोई दिक्कत नहीं. लेकिन क्या आप 7-8 घंटे धूप में खड़े रह सकते हैं? यह ज़रूरी है.
अनिल चौधरी कहते हैं, “आजकल गेम बहुत तेज़ हो गया है. अगर आप फिजिकली फिट नहीं हैं, तो दिमागी तौर पर भी थक जाएंगे. और थका हुआ दिमाग ही गलत फैसले लेता है.”
एस.के. बंसल का भी यही कहना है—अगर बॉल आपकी तरफ तेज़ आ रही है, तो आपको हटना पड़ेगा. अगर आप खुद को नहीं बचा पाए, तो अंपायरिंग क्या करेंगे?
Final Words: क्या यह करियर आपके लिए है?
देखिए, अंपायरिंग में पैसा है, इज्ज़त है और ग्लैमर भी. लेकिन इसमें गालियां सुनने की क्षमता और धूप में तपस्या करने का जुनून भी चाहिए.
BCCI के पास करीब 150 अंपायर हैं, और ICC के एलीट पैनल में जगह बनाना (जैसे नितिन मेनन ने किया) माउंट एवरेस्ट चढ़ने जैसा है. लेकिन शुरुआत तो पहले कदम से ही होती है ना?
अगर आपमें वो जुनून है, तो आज ही अपने स्टेट एसोसिएशन का दरवाज़ा खटखटाइये. कौन जाने, अगला बड़ा फैसला आप ही सुना रहे हों!
FAQ:
Q: क्या अंपायर बनने के लिए कोई कोर्स होता है?
A: कोई कॉलेज डिग्री नहीं होती. आपको BCCI और स्टेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित सर्टिफिकेशन एग्जाम पास करने होते हैं.
Q: क्या चश्मा लगाने वाले लोग अंपायर बन सकते हैं?
A: जी हां, बिल्कुल. अगर चश्मे या लेंस के साथ आपकी नज़र (Vision) सही है, तो आप अंपायर बन सकते हैं.
Q: अंपायर की रिटायरमेंट उम्र क्या है?
A: आम तौर पर BCCI पैनल के अंपायर 60 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं, हालांकि कुछ मामलों में यह 65 तक जा सकती है.
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