ITR Filing 2026: हर साल टैक्स सीजन आते ही दिमाग में सवालों की भीड़ लग जाती है। इस बार वो भीड़ थोड़ी और बड़ी है। ITR Filing 2026 सिर्फ फॉर्म भरने का मामला नहीं रहा — इस बार इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह इनकम टैक्स एक्ट 2025 दस्तक दे रहा है। और यहीं से शुरू होता है असली कनफ्यूजन। कौन सा एक्ट लागू होगा? कौन सा फॉर्म भरें? तारीखें बदली हैं या नहीं? इन सभी सवालों के जवाब नीचे 28 सवालों में बिल्कुल सीधी भाषा में दिए गए हैं।
ITR फाइलिंग के बुनियादी नियम — क्या बदला, क्या नहीं?
यहां एक बात साफ कर देते हैं। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि नया कानून आते ही सब कुछ उलट-पलट हो जाएगा। पर ऐसा नहीं है।
सवाल : नए कानून में ITR फाइल करने के मुख्य नियम क्या हैं?
सिस्टम वही है, बस भाषा सरल हुई है। ITR से जुड़े सभी नियम नए एक्ट के सेक्शन 263 में एक साथ दिए गए हैं — ओरिजिनल, लेट, रिवाइज्ड और अपडेटेड रिटर्न, सब एक ही जगह।
सवाल : क्या ITR भरने की अनिवार्यता बदली है?
बिल्कुल नहीं। जो नियम पहले थे, वही अभी भी लागू हैं।
सवाल : ITR भरने की आखिरी तारीख बदली है?
नहीं। तारीखें पहले जैसी ही हैं:
- सामान्य करदाता: 31 जुलाई
- बिना ऑडिट वाले बिजनेस: 31 अगस्त
- ऑडिट केस: 31 अक्टूबर
- कुछ खास केस: 30 नवंबर
सवाल : क्या ट्रांजिशन साल 2026-27 में दो ITR भरने होंगे?
नहीं। एक समय में एक ही रिटर्न भरना होगा। FY 2025-26 का रिटर्न 2026 में और FY 2026-27 का रिटर्न 2027 में भरा जाएगा।
कौन सा एक्ट, कौन सा फॉर्म — ट्रांजिशन की असली पहेली
यह वो हिस्सा है जहां ज्यादातर लोग अटक जाते हैं। Think about it this way — पुराना साल, पुराना कानून। नया साल, नया कानून।
सवाल : FY 2025-26 का ITR किस एक्ट के तहत भरा जाएगा?
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत। भले ही आप 1 अप्रैल 2026 के बाद फाइल करें, यह नियम नहीं बदलेगा।
सवाल : AY 2026-27 के लिए कौन सा ITR फॉर्म होगा?
पुराने ITR फॉर्म ही — ITR-1 से ITR-7 तक।
सवाल : ITR में गलती हो जाए तो किस एक्ट में सुधार होगा?
AY 2026-27 के लिए Revised Return पुराने एक्ट 1961 के तहत ही फाइल होगा।
सवाल : पुराने साल के लिए कौन सा ITR फॉर्म इस्तेमाल होगा?
वही फॉर्म जो उस असेसमेंट ईयर के लिए लागू था — इसमें कोई बदलाव नहीं।
सवाल : नए ITR फॉर्म कब आएंगे?
सरकार इन्हें समय से पहले जारी करेगी।
लेट, रिवाइज्ड और अपडेटेड रिटर्न — समय सीमा और नियम
Most people skip this — don’t. यह वो हिस्सा है जो पेनल्टी से बचा सकता है।
सवाल : लेट ITR कब तक भर सकते हैं?
31 दिसंबर 2026 तक, या असेसमेंट पूरा होने से पहले — जो भी पहले हो।
सवाल : क्या नया एक्ट लागू होने के बाद भी अपडेटेड रिटर्न भर सकते हैं?
हां। पुराने एक्ट के तहत तय समय सीमा में ITR-U फाइल करने का अधिकार बना रहेगा।
सवाल : पुराने साल का लेट या रिवाइज्ड रिटर्न 1 अप्रैल 2026 के बाद भर सकते हैं?
सिर्फ अपडेटेड रिटर्न यानी ITR-U भर सकते हैं — सेक्शन 139(8A) के तहत।
सवाल : नए एक्ट में लेट, रिवाइज्ड और अपडेटेड रिटर्न की समय सीमा क्या है?
- बीलेटेड रिटर्न (Section 263(4)): 9 महीने के अंदर
- रिवाइज्ड रिटर्न (Section 263(5)): 12 महीने के अंदर
- अपडेटेड रिटर्न (Section 263(6)): 48 महीने के अंदर
सवाल 14: नए एक्ट में अपडेटेड रिटर्न के नियम क्या हैं?
48 महीने तक फाइल करने की सुविधा है। लेकिन टैक्स कम नहीं किया जा सकता और हर टैक्स ईयर में सिर्फ एक बार ही यह रिटर्न भरा जा सकता है।
सर्च, स्क्रूटिनी और नोटिस — पुराने केस का क्या होगा?
सवाल : अगर सर्च (Raid) पुराने एक्ट में हुई थी, तो रिटर्न किस एक्ट में होगा?
पुराना एक्ट 1961 का सेक्शन 158BC ही लागू होगा।
सवाल : अगर पुराने एक्ट में दस्तावेज जब्त हुए थे, तो आगे की कार्रवाई?
आगे की सभी कार्रवाई पुराने एक्ट के तहत ही होगी।
सवाल : FY 2026-27 के डिफेक्टिव ITR नोटिस (139(9)) का जवाब किस एक्ट में देंगे?
पुराने एक्ट 1961 के तहत।
सवाल : स्क्रूटिनी (Section 143(2)) किस एक्ट में होगी?
AY 2026-27 के लिए पुराना एक्ट ही लागू होगा।
सवाल : FY 2025-26 का ऑडिट रिपोर्ट किस एक्ट में फाइल होगा?
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत।
AY और Tax Year का फर्क — यही है असली कनफ्यूजन की जड़
Here’s the thing — यह एक छोटा सा अंतर है, लेकिन इसे नजरअंदाज किया तो गलत साल का रिटर्न भर सकते हैं।
सवाल : AY 2026-27 और Tax Year 2026-27 क्या एक ही हैं?
नहीं, दोनों बिल्कुल अलग हैं:
- AY 2026-27 → पुराना एक्ट, वित्त वर्ष 2025-26 की इनकम पर
- Tax Year 2026-27 → नया एक्ट, वित्त वर्ष 2026-27 की इनकम पर
सवाल : अगर AY 2026-27 और TY 2026-27 में से एक ITR नहीं भरा तो?
दोनों अलग-अलग जरूरी हैं। कोई एक भी छूट गया तो पेनल्टी लग सकती है। AY 2026-27 का सीधा मतलब है TY 2025-26।
सवाल : क्या ई-फाइलिंग पोर्टल दोनों एक्ट सपोर्ट करेगा?
हां। पोर्टल पर आप AY या Tax Year में से जो लागू हो, वो चुन सकते हैं।
लॉस कैरी फॉरवर्ड, वेरिफिकेशन और रिकॉर्ड — जरूरी बातें
सवाल : क्या पुराने साल का लॉस नए एक्ट में आगे ले जा सकते हैं?
हां, शर्तों के साथ carry forward हो सकता है।
सवाल : लॉस carry forward के लिए ITR भरना जरूरी है?
हां, और वो ITR समय पर भरा होना चाहिए।
सवाल : कई साल पुराना लॉस नए एक्ट में जारी रहेगा?
हां, बिना किसी रुकावट के।
सवाल : ITR वेरिफिकेशन में कोई बदलाव है?
नहीं। Aadhaar OTP, नेट बैंकिंग — सब पहले जैसा।
सवाल : लेट ITR फाइल करने पर फीस कितनी है?
Section 428 के तहत वही नियम हैं जो पुराने Section 234F में थे:
- ₹5 लाख तक इनकम: ₹1,000
- इससे ज्यादा इनकम: ₹5,000
सवाल : ट्रांजिशन साल में रिकॉर्ड कैसे रखें?
- दोनों साल का डेटा अलग-अलग रखें
- सही AY या Tax Year चुनें
- TDS और खर्च अलग रखें
- समय से पहले रिटर्न भरें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. क्या 1 अप्रैल 2026 से ITR फाइलिंग के सभी नियम बदल जाएंगे?
नहीं। FY 2025-26 का रिटर्न, यानी AY 2026-27, पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत ही भरा जाएगा। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 सिर्फ FY 2026-27 यानी Tax Year 2026-27 से लागू होगा। इसलिए 1 अप्रैल 2026 के बाद फाइल करने पर भी पुराना फॉर्म और पुराने नियम ही मान्य होंगे।
Q2. अगर ITR में गलती हो जाए तो कब तक सुधार कर सकते हैं?
AY 2026-27 के लिए Revised Return पुराने एक्ट के तहत भरी जाएगी। नए एक्ट में रिवाइज्ड रिटर्न की सीमा 12 महीने है और अपडेटेड रिटर्न 48 महीने तक भरी जा सकती है। ध्यान रहे कि अपडेटेड रिटर्न में टैक्स घटाया नहीं जा सकता और यह हर टैक्स ईयर में सिर्फ एक बार ही भरी जा सकती है।
Q3. क्या पुराने साल का लॉस नए एक्ट में carry forward होगा?
हां, शर्तों के साथ यह जारी रहेगा। सबसे जरूरी बात यह है कि लॉस carry forward करने के लिए उस साल का ITR समय पर भरा होना चाहिए। कई साल पुराना लॉस भी नए एक्ट में बिना किसी रुकावट के आगे ले जाया जा सकता है।
Q4. AY 2026-27 और Tax Year 2026-27 में क्या फर्क है?
दोनों बिल्कुल अलग हैं। AY 2026-27 पुराने एक्ट से जुड़ा है और इसमें वित्त वर्ष 2025-26 की इनकम पर टैक्स लगता है। Tax Year 2026-27 नए एक्ट के तहत है और इसमें वित्त वर्ष 2026-27 की इनकम शामिल होगी। दोनों को एक समझने की गलती न करें।
Q5. लेट ITR भरने पर कितना जुर्माना लगेगा?
अगर आपकी इनकम ₹5 लाख से कम है तो लेट फीस ₹1,000 होगी। अगर इनकम ₹5 लाख से ज्यादा है तो ₹5,000 का जुर्माना देना होगा। यह नियम नए एक्ट के Section 428 में दिया गया है, जो पुराने Section 234F की ही तरह काम करता है।
निष्कर्ष
ITR Filing 2026 उतनी मुश्किल नहीं है जितनी दिखती है। बस तीन बातें याद रखें — पहली, FY 2025-26 का रिटर्न पुराने एक्ट 1961 के तहत ही भरा जाएगा। दूसरी, AY और Tax Year दो अलग चीजें हैं, इन्हें एक मत समझिए। तीसरी, तारीखें, वेरिफिकेशन और लेट फीस के नियम पहले जैसे ही हैं। यह बदलाव आपको उलझाने के लिए नहीं, टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए है। अभी अपना रिकॉर्ड सही तरीके से तैयार करें और समय पर ITR फाइल करें — पेनल्टी से बचने का यही एक सबसे पक्का तरीका है।
Grah laxmi yojana: ₹2000 के लिए ऐसे करें अप्लाई 2026
(देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सबसे पहले पढ़ें Deshtak.com पर , आप हमें Facebook, Twitter, Instagram , LinkedIn और Youtube पर फ़ॉलो करे)










