Income Tax Returnकैसे भरें — स्टेप-बाय-स्टेप पूरी जानकारी हिंदी में
भूमिका (Introduction)
हर साल जैसे ही मार्च का महीना खत्म होता है, भारत के करोड़ों नौकरीपेशा और व्यापारी लोगों के मन में एक ही सवाल आता है — इस बार ITR कब और कैसे भरें? Income Tax Return यानी ITR Filing सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह आपकी वित्तीय साख का भी आईना है। चाहे आप सैलरीड हों, फ्रीलांसर हों, या छोटा-मोटा बिज़नेस चलाते हों — ITR फाइल करना आपके लिए जरूरी है।
वित्त वर्ष 2025-26 (FY 2025-26) के लिए Assessment Year 2026-27 है, और इस बार कुछ नए बदलाव भी हुए हैं जो आपको जानने चाहिए। इस गाइड में हम आपको सब कुछ आसान भाषा में बताएंगे — कौन सा फॉर्म भरें, कब भरें, कैसे भरें, और क्या-क्या सावधानी रखें।
ITR क्या होता है और इसे भरना क्यों जरूरी है?
Income Tax Return (ITR) एक ऐसा फॉर्म है जिसमें आप सरकार को अपनी सालाना आमदनी, खर्च, निवेश और टैक्स का हिसाब देते हैं। यह इनकम टैक्स विभाग को बताता है कि आपने कितना कमाया, कितना टैक्स चुकाया, और क्या आपको रिफंड मिलना चाहिए।
ITR भरने के फायदे:
- टैक्स रिफंड (TDS Refund) मिलता है
- लोन और वीज़ा आवेदन में इनकम प्रूफ के रूप में काम आता है
- कैपिटल लॉस कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है
- वित्तीय विश्वसनीयता (Financial Credibility) बढ़ती है
- सरकारी टेंडर और इंश्योरेंस क्लेम में मददगार
ITR कौन भरे? (पात्रता / Eligibility)
निम्नलिखित लोगों के लिए ITR भरना अनिवार्य है:
- जिनकी सालाना आमदनी ₹2.5 लाख से अधिक है (सामान्य करदाता)
- सीनियर सिटीजन (60-80 वर्ष) जिनकी आय ₹3 लाख से अधिक है
- सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष) जिनकी आय ₹5 लाख से अधिक है
- सभी कंपनियां, फर्म और LLP (चाहे आय हो या न हो)
- विदेश में संपत्ति या बैंक अकाउंट रखने वाले भारतीय निवासी
- जो TDS रिफंड क्लेम करना चाहते हैं
- New Tax Regime में ₹3 लाख से अधिक आय वाले
अगर आपकी आय इन सीमाओं से कम भी है, तब भी ITR भरना फायदेमंद होता है — खासकर अगर आपका TDS कटा हो।
कौन सा ITR फॉर्म भरें? (ITR Form Selection Guide)
ITR फॉर्म का चुनाव आपकी आय के स्रोत पर निर्भर करता है। नीचे सभी मुख्य फॉर्म और उनकी पात्रता दी गई है:
ITR-1 (सहज) — सबसे सरल फॉर्म
यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जिनकी आमदनी इन स्रोतों से है: वेतन/पेंशन, एक मकान से किराया, ब्याज/डिविडेंड जैसे अन्य स्रोत। कुल आय ₹50 लाख तक होनी चाहिए। नया बदलाव: AY 2025-26 से ₹1.25 लाख तक के LTCG (लिस्टेड इक्विटी) वाले भी ITR-1 भर सकते हैं।
ITR-2 — एकाधिक संपत्ति या कैपिटल गेन्स
एक से अधिक मकान, ₹1.25 लाख से अधिक LTCG, NRI, या विदेशी आय वाले लोगों के लिए।
ITR-3 — बिज़नेस और प्रोफेशन
जिनका खुद का व्यापार या प्रोफेशनल काम है। फ्रीलांसर्स जो actual income declare करते हैं।
ITR-4 (सुगम) — प्रेजम्प्टिव टैक्सेशन
छोटे व्यापारी और फ्रीलांसर जो Section 44AD/44ADA के तहत presumptive income declare करते हैं। आय ₹50 लाख (प्रोफेशन) या ₹3 करोड़ (बिज़नेस) तक।
जरूरी दस्तावेज (Required Documents)
ITR फाइल करने से पहले ये दस्तावेज तैयार रखें:
- PAN Card और Aadhaar Card
- Form 16 (नियोक्ता से मिलता है — salary TDS का विवरण)
- Form 26AS (Income Tax Portal से डाउनलोड करें)
- Annual Information Statement (AIS) — पोर्टल पर उपलब्ध
- बैंक स्टेटमेंट (ब्याज और लेन-देन के लिए)
- निवेश का प्रमाण — PPF, LIC, ELSS, NPS आदि
- होम लोन स्टेटमेंट (यदि लागू हो)
- कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट (शेयर/म्यूचुअल फंड बेचे हों तो)
- किराये की रसीद (HRA के लिए)
ITR Online कैसे भरें? (Step-by-Step Guide)
इनकम टैक्स पोर्टल (incometax.gov.in) पर ITR फाइल करना अब बेहद आसान है। नीचे पूरी प्रक्रिया दी गई है:
Step 1: Income Tax Portal पर जाएं — https://eportal.incometax.gov.in पर लॉगिन करें। पहली बार फाइल कर रहे हैं? ‘Register’ पर क्लिक करें और PAN से रजिस्ट्रेशन करें।
Step 2: e-File सेक्शन में जाएं — Dashboard पर ‘e-File’ → ‘Income Tax Returns’ → ‘File Income Tax Return’ सेलेक्ट करें।
Step 3: Assessment Year चुनें — FY 2025-26 की इनकम के लिए AY 2026-27 चुनें। Filing Mode में ‘Online’ सेलेक्ट करें।
Step 4: सही ITR फॉर्म चुनें — अपनी आय के आधार पर उपयुक्त फॉर्म चुनें (ऊपर दी गई जानकारी देखें)।
Step 5: Pre-filled Data वेरीफाई करें — सिस्टम आपकी सैलरी, TDS, बैंक ब्याज जैसी जानकारी खुद भर देगा। इसे ध्यान से जांचें।
Step 6: इनकम और डिडक्शन भरें — सभी आय स्रोत और Section 80C, 80D जैसी डिडक्शन भरें।
Step 7: Tax Calculation चेक करें — देखें कितना टैक्स बनता है और क्या रिफंड मिलेगा।
Step 8: Submit करें और E-Verify करें — Aadhaar OTP, Net Banking, या Bank Account से वेरीफाई करें। वेरीफिकेशन के बिना ITR अधूरा माना जाता है।
ITR Filing की आखिरी तारीखें (FY 2025-26 / AY 2026-27)
| करदाता की श्रेणी | अंतिम तारीख |
| सैलरीड / व्यक्तिगत (ITR-1, ITR-2) | 31 जुलाई 2026 |
| बिज़नेस/प्रोफेशन (ITR-3, ITR-4) — नॉन-ऑडिट | 31 अगस्त 2026 |
| ऑडिट केस | 31 अक्टूबर 2026 |
| Belated Return (देर से फाइलिंग) | 31 दिसंबर 2026 |
| Revised Return (संशोधित रिटर्न) | 31 दिसंबर 2026 |
| Updated Return / ITR-U | 31 मार्च 2031 तक (48 महीने) |
देरी से ITR भरने पर क्या होगा? (Late Filing Penalty)
अगर आपने समय पर ITR नहीं भरा तो ये परिणाम हो सकते हैं:
Section 234F — ₹5,000 जुर्माना (अगर आय ₹5 लाख से कम है तो केवल ₹1,000)
Section 234A — 1% प्रति माह ब्याज, बकाया टैक्स पर
Section 234B/234C — Advance Tax कम भरने पर अतिरिक्त ब्याज
इसके अलावा देर से भरने पर आप कैपिटल लॉस कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकते और कुछ डिडक्शन का लाभ भी छूट सकता है।
Old Tax Regime vs New Tax Regime 2025-26
FY 2025-26 में आप दो टैक्स स्लैब में से एक चुन सकते हैं:
Old Tax Regime: 80C, 80D, HRA, LTA जैसी डिडक्शन मिलती हैं। ज्यादा निवेश करने वालों के लिए फायदेमंद।
New Tax Regime (Default): कम टैक्स दरें लेकिन ज्यादातर डिडक्शन नहीं मिलती। Simple income वालों के लिए बेहतर।
टिप: दोनों में टैक्स कैलकुलेट करें और जो कम टैक्स बताए, वही चुनें। ITR फाइल करते समय आप रेजीम बदल सकते हैं।
प्रमुख Tax Deductions (Old Regime में)
- Section 80C — ₹1.5 लाख तक (PPF, LIC, ELSS, NSC, Home Loan Principal)
- Section 80D — Health Insurance Premium (₹25,000 – ₹1 लाख)
- Section 80CCD(1B) — NPS में अतिरिक्त ₹50,000 की छूट
- Section 24(b) — Home Loan Interest पर ₹2 लाख तक
- Section 80TTA/80TTB — Savings Account ब्याज पर छूट
- HRA Exemption — किराये पर रहने वालों के लिए
- Standard Deduction — ₹75,000 (सैलरीड कर्मचारियों के लिए)
ITR भरते समय ये गलतियां न करें
- गलत ITR फॉर्म चुनना
- Form 26AS और AIS से आंकड़े match न करना
- सभी इनकम सोर्स declare न करना (freelance, FD ब्याज आदि)
- E-Verification भूलना — बिना वेरीफाई किए ITR अधूरी रहती है
- Bank Account नंबर गलत भरना — रिफंड नहीं मिलेगा
- PAN से अलग नाम/जन्मतिथि भरना
- Belated Return में losses carry forward करने की उम्मीद करना
ITR Refund कब और कैसे मिलेगा?
अगर आपका TDS आपकी actual tax liability से ज्यादा कटा है तो आपको रिफंड मिलता है। ITR verify होने के बाद सामान्यतः 20 से 45 दिन में रिफंड आ जाता है, हालांकि कभी-कभी 6 महीने तक भी लग सकते हैं। रिफंड का स्टेटस Income Tax Portal पर ‘Check Refund Status’ से ट्रैक कर सकते हैं।
Revised और Updated Return क्या है?
Revised Return (Section 139(5)): अगर ITR भरने के बाद कोई गलती मिले तो 31 दिसंबर 2026 तक Revised Return भर सकते हैं।
Updated Return / ITR-U (Section 139(8A)): अगर दोनों deadlines miss हो जाएं या कोई income छूट गई हो, तो 48 महीने तक ITR-U भरी जा सकती है, लेकिन इस पर 25% से 50% extra tax लगता है।
ITR Filing के लिए Expert Tips
- जुलाई का इंतजार न करें — जून से ही ITR भरना शुरू करें
- Form 26AS और AIS पहले डाउनलोड करें और मिलाएं
- Old vs New Regime — दोनों में टैक्स calculate करें
- सभी निवेश के documents पहले से तैयार रखें
- E-verify जरूर करें — वरना ITR invalid मानी जाएगी
- अगर आय जटिल है तो CA की मदद लें
- Official portal (incometax.gov.in) का ही इस्तेमाल करें — phishing sites से बचें
निष्कर्ष (Conclusion)
ITR Filing 2025-26 कोई मुश्किल काम नहीं है — बस थोड़ी सी तैयारी और सही जानकारी चाहिए। इस गाइड में हमने आपको ITR से जुड़ी हर जरूरी बात बताई है — किसे भरना है, कब भरना है, कैसे भरना है और क्या-क्या सावधानी रखें। याद रखें, समय पर ITR भरना न केवल जुर्माने से बचाता है, बल्कि आपकी वित्तीय साख भी मजबूत करता है।
अगर आपको कोई सवाल हो तो नीचे कमेंट करें। और इस गाइड को अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें ताकि वे भी सही समय पर अपना ITR भर सकें।
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