IDFC First Bank Fraud: सरकार के 1100 करोड़ और LIC के 340 करोड़ डूबे, आपका भी है खाता तो क्या करें, क्या नहीं?
IDFC First Bank Fraud की खबर सामने आने के बाद से ही बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले के बाद 3.5 करोड़ से ज्यादा खाताधारकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके जमा पैसों का क्या होगा? क्या बैंक में रखा उनका पैसा सुरक्षित है?
इस खबर के बाद बैंक के सीईओ से लेकर RBI और सरकार के आला अधिकारी तक इस बारे में लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है और एक आम ग्राहक के तौर पर आपको क्या कदम उठाने चाहिए।
IDFC First Bank Fraud: आखिर कैसे हुआ 590 करोड़ का घोटाला?
सच तो ये है कि यह कोई बाहरी साइबर क्राइम नहीं, बल्कि बैंक के ही सिस्टम के अंदर की गई एक बड़ी सेंधमारी है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में कुछ कर्मचारियों ने बाहरी लोगों के साथ मिलकर 590 करोड़ रुपये का भारी फर्जीवाड़ा कर दिया।
यह धोखाधड़ी सीधे तौर पर हरियाणा सरकार के विभागों के बैंक खातों के साथ हुई है। बैंक में हरियाणा सरकार के कुल 18 विभागों के खाते मौजूद हैं। जब हरियाणा सरकार ने इनमें से कुछ खातों को बंद करने के लिए आवेदन दिया, तब इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ।
इस क्लोजर रिक्वेस्ट पर जब रिकॉर्ड खंगाला गया, तो बैंक का बैलेंस और सरकार का रिकॉर्ड बैलेंस आपस में मैच नहीं कर रहा था। गहराई से जांच करने पर पता चला कि बैंक के ही कुछ कर्मचारियों ने अनअथॉराइज (unauthorized) ट्रांजेक्शन और डिपॉजिट में भारी गड़बड़ी करके 590 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। सबसे बड़ी बात यह है कि खुद IDFC First Bank ने आगे आकर इस घोटाले का खुलासा किया है।
शेयर बाजार में भूचाल: सरकार और LIC को लगा हजारों करोड़ का झटका
इस घोटाले की खबर जैसे ही बाहर आई, शेयर बाजार में IDFC First Bank के शेयर 20% से ज्यादा क्रैश हो गए। बैंक के स्टॉक में मेहनत की कमाई लगाने वाले निवेशकों को 14,438 करोड़ रुपये से अधिक का तगड़ा झटका लगा है।
यहां लोग गलती करते हैं कि इसे सिर्फ आम लोगों का नुकसान मान लेते हैं, लेकिन सच यह है कि इस गिरावट में आम निवेशकों के साथ-साथ खुद भारत सरकार के भी करोड़ों रुपये डूब गए हैं।
शेयर होल्डिंग और नुकसान का पूरा गणित:
भारत सरकार: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में भारत सरकार की करीब 7.75 फीसदी की बड़ी हिस्सेदारी है। सरकार के पास कुल 666,570,000 शेयर्स हैं। शेयरों में आए इस भूचाल ने भारत के राष्ट्रपति के पोर्टफोलियो को सीधे 1113.83 करोड़ रुपये का नुकसान करवा दिया है।
LIC (भारतीय जीवन बीमा निगम): 25 बीमा कंपनियों के पास बैंक का 10.76 फीसदी स्टेक है, जिसमें से अकेले LIC के पास 2.35 फीसदी (202,369,591 स्टॉक्स) हिस्सेदारी है। इस क्रैश से LIC को करीब 340 करोड़ रुपये का भारी झटका लगा है।
अन्य निवेशक: बता दें कि 28 लाख रीटेल निवेशकों के पास इस बैंक की 15% ओनरशिप है। इसके अलावा 34 म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास 10.93 फीसदी स्टेक है। विदेशी निवेशक और रिटेल निवेशक भी इस भारी नुकसान की चपेट में आए हैं।
IDFC First बैंक पर RBI की पैनी नजर
इतने बड़े बैंक में फ्रॉड के खुलासे पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने फौरन सख्त एक्शन लिया है। वित्तीय सेवा सचिव और RBI बोर्ड के सदस्य संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया है कि हमारे बैंकिंग सिस्टम में कोई सिस्टेमेटिक रिस्क नहीं है।
उन्होंने बताया कि RBI लगातार हालात पर पैनी नजर बनाकर रखे हुए है। रिजर्व बैंक ने पूरी जिम्मेदारी लेते हुए भरोसा दिलाया है कि देश का बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित है। खाताधारकों और बैंक के निवेशकों को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
IDFC First Bank Account Holders: खाताधारक क्या करें और क्या नहीं?
फ्रॉड का खुलासा होने के बाद बैंक के 3.5 करोड़ ग्राहकों में चिंता का माहौल है कि उनकी जीवन भर की जमापूंजी का क्या होगा।
ध्यान रखें: अगर आपका भी बैंक खाता (IDFC First Bank Account) इस बैंक में है, तो आपको घबराने की 1% भी जरूरत नहीं है। इस स्कैम से आपकी पर्सनल सेविंग पर कोई असर नहीं होगा।
पैसा पूरी तरह सेफ है: बैंक और रिजर्व बैंक दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि आम लोगों का पैसा बैंक में पूरी तरह से सुरक्षित है।
इनकम और लोन पर असर नहीं: आपकी सेविंग्स, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), क्रेडिट कार्ड या चल रहे लोन की ईएमआई (EMI) पर इस स्कैम का कोई भी नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
यह एक इंटरनल मामला है: बैंक का ये स्कैम उसके इंटरनल कंट्रोल्स (internal controls) की खामियों और सिस्टम फेलियर का नतीजा है। इसमें आम खाताधारकों के पैसे का कोई लेना-देना नहीं है। बैंक ने खुद कहा है कि हेराफेरी सिर्फ हरियाणा सरकार के खातों में हुई है, इसमें आम जनता के खाते शामिल नहीं हैं।
अगर आपका बैंक अकाउंट IDFC फर्स्ट बैंक में है, तो सोशल मीडिया की किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। बैंक पर अपना भरोसा बनाए रखें, क्योंकि आपका पैसा कानूनी और तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित है।
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