Budget 2026 in Hindi: मिडिल क्लास, टैक्सपेयर्स और NRI के लिए बजट में क्या है खास?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Union Budget 2026-27 पेश कर दिया है। जहां एक तरफ सैलरीड क्लास (Salaried Class) इनकम टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहा था, वहीं सरकार ने स्थिरता बनाए रखने का फैसला किया है। Income Tax Slabs में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बजट में राहत नहीं है। वित्त मंत्री ने New Income Tax Act, कंप्लायंस (अनुपालन) को आसान बनाने, और TCS Rates में कटौती जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव किए हैं जो सीधे आपकी जेब और सेविंग्स पर असर डालेंगे।
यहाँ पढ़ें बजट 2026 का एक्सपर्ट विश्लेषण और मिडिल क्लास के लिए इसके मायने।
Budget 2026 Highlights:
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इनकम टैक्स स्लैब: पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में कोई बदलाव नहीं।
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विदेश यात्रा सस्ती: ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS 20% से घटाकर 2% किया गया।
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TCS/TDS राहत: शिक्षा और मेडिकल के लिए विदेश पैसे भेजने पर TCS अब केवल 2%।
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रिवाइज्ड रिटर्न: संशोधित ITR फाइलिंग की डेडलाइन 31 मार्च तक बढ़ाई गई।
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मोटर क्लेम: एक्सीडेंट क्लेम के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
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1. इनकम टैक्स और प्रशासनिक सुधार (Direct Tax Proposals)
बजट 2026 का मुख्य फोकस टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना है।
नया इनकम टैक्स एक्ट (New Income Tax Act)
वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि एक नया और सरल Income Tax Act 1 अप्रैल, 2026 से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य लिटिगेशन (कानूनी विवाद) को कम करना और आम टैक्सपेयर के लिए नियमों को स्पष्ट करना है। नए फॉर्म और नियम जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे।
ऑटोमेटेड NIL डिडक्शन सर्टिफिकेट
छोटे टैक्सपेयर्स और फ्रीलांसर्स के लिए यह एक बड़ी राहत है। अब Lower/NIL Deduction Certificate पाने के लिए असेसमेंट ऑफिसर के चक्कर नहीं काटने होंगे। यह प्रक्रिया अब नियम-आधारित (Rule-based) और पूरी तरह से ऑटोमेटेड होगी, जिससे कैश फ्लो में सुधार होगा।
ITR फाइलिंग डेडलाइन (ITR Filing Deadline)
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सामान्य डेडलाइन: ITR-1 और ITR-2 के लिए डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी।
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संशोधित रिटर्न (Revised ITR): अगर आपसे रिटर्न भरने में गलती हो जाती है, तो अब आप मामूली फीस देकर 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। पहले यह समय सीमा 31 दिसंबर थी। यह कदम उन लोगों के लिए बहुत मददगार है जो वित्तीय वर्ष के अंत में अपनी गलतियां सुधारना चाहते हैं।
2. TCS और TDS दरों में कटौती: बड़ी राहत
मिडिल क्लास और छात्रों के लिए बजट का सबसे सकारात्मक पहलू Tax Collected at Source (TCS) की दरों में कटौती है। नीचे दी गई तालिका (Table) से समझें कि आपको कितना फायदा होगा:
| श्रेणी (Category) | पुरानी दर (Old TCS Rate) | नई दर (New TCS Rate 2026) | प्रभाव (Impact) |
| ओवरसीज टूर पैकेज | 20% (शर्तों के साथ 5%) | 2% (बिना शर्त) | विदेश यात्रा अब सस्ती होगी और कैश फ्लो बचेगा। |
| शिक्षा और मेडिकल (LRS) | 5% | 2% | विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों के अभिभावकों को बड़ी राहत। |
| मैनपावर सप्लाई (TDS) | 1% – 10% (अस्पष्टता थी) | 1% या 2% | ठेकेदारों और सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए स्पष्टता। |
3. आम आदमी और सीनियर सिटीजन्स के लिए घोषणाएं
मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स छूट
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक मानवीय कदम उठाते हुए, वित्त मंत्री ने प्रस्ताव दिया है कि Motor Accident Claims Tribunal द्वारा दिए गए मुआवजे पर मिलने वाले ब्याज (Interest) पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही, इस पर कोई TDS भी नहीं काटा जाएगा।
डिपॉजिटरीज और फॉर्म 15G/15H
सीनियर सिटीजन्स और निवेशकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। अब अगर आपके शेयर डीमैट (Demat) में हैं, तो आपको हर कंपनी को अलग-अलग Form 15G/15H भेजने की जरूरत नहीं है। आप यह फॉर्म सीधे अपनी डिपॉजिटरी (CDSL/NSDL) को दे सकते हैं, और वे इसे संबंधित कंपनियों तक पहुंचा देंगे।
4. NRI और विदेशी संपत्ति (Foreign Assets)
बजट 2026 में नॉन-रेजिडेंट इंडियंस (NRIs) और विदेशी संपत्ति रखने वालों के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं:
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NRI प्रॉपर्टी सेल (Property Sale): अब NRI द्वारा भारत में अचल संपत्ति बेचने पर TDS काटने के लिए खरीदार को TAN (Tax Deduction Account Number) लेने की जरूरत नहीं होगी। यह प्रक्रिया अब खरीदार के PAN के जरिए आसानी से पूरी की जा सकेगी।
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विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण (Disclosure Scheme): टेक कर्मचारियों (जिन्हें ESOPs मिले हैं), छात्रों और विदेश में रहने वाले पेशेवरों के लिए एकमुश्त ‘विदेशी संपत्ति खुलासा योजना’ (6 महीने की विंडो) का प्रस्ताव है। यह उन लोगों के लिए है जो अनजाने में अपनी विदेशी संपत्ति या आय का खुलासा ITR में करना भूल गए थे।
5. कस्टम ड्यूटी: क्या हुआ सस्ता?
इम्पोर्टेड सामानों के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। निजी इस्तेमाल (Personal use) के लिए आयातित सामानों पर Customs Duty की दर को 20% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव है। इससे विदेश से मंगाए जाने वाले गैजेट्स, कपड़े और अन्य निजी वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी।
Budget 2026 in Hindi का विश्लेषण करें तो यह स्पष्ट है कि सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय प्रक्रियात्मक सरलीकरण (Procedural Simplification) पर जोर दिया है। हालांकि टैक्स स्लैब में बदलाव न होना मिडिल क्लास के लिए निराशाजनक हो सकता है, लेकिन TCS में भारी कटौती और नए इनकम टैक्स एक्ट का प्रस्ताव लंबी अवधि में टैक्सपेयर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा।
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Budget 2026 in Hindi (FAQs)
Q1: क्या बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव किया गया है?
Ans: नहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब या दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) पहले की तरह ही लागू रहेंगी।
Q2: विदेश यात्रा पैकेज पर अब कितना TCS देना होगा?
Ans: बजट 2026 के प्रस्ताव के अनुसार, ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS की दर को घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है। पहले यह कुछ शर्तों के साथ 20% तक थी। इससे विदेश यात्रा की शुरुआती लागत कम हो जाएगी।
Q3: संशोधित रिटर्न (Revised ITR) दाखिल करने की नई समय सीमा क्या है?
Ans: अब आप किसी भी वित्तीय वर्ष के लिए संशोधित आईटीआर (Revised ITR) 31 मार्च तक दाखिल कर सकते हैं। पहले यह समय सीमा 31 दिसंबर थी। इसके लिए एक मामूली विलंब शुल्क (Nominal Fee) देना होगा।
Q4: मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स के नियम में क्या बदलाव हुआ है?
Ans: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए मुआवजे की राशि पर अर्जित ब्याज (Interest) को अब पूरी तरह से टैक्स-फ्री कर दिया गया है। इस राशि पर अब कोई TDS भी नहीं कटेगा।
Q5: नया इनकम टैक्स एक्ट (New Income Tax Act) कब से लागू होगा?
Ans: वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार, सरलीकृत नियमों वाला नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होने का प्रस्ताव है।
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