Budget 2026: आम आदमी से चुनावी राज्यों तक टूटी उम्मीदें; नहीं मिली कोई ‘बड़ी सौगात’, जानिए A to Z विश्लेषण
1 फरवरी 2026 को जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने अपना लगातार 9वां बजट पेश किया, तो देश की निगाहें टीवी स्क्रीन पर थीं। मिडिल क्लास टैक्स स्लैब में बदलाव की आस लगाए बैठा था, तो किसान एमएसपी की गारंटी ढूंढ रहे थे। लेकिन भाषण खत्म होते ही यह साफ हो गया कि बजट 2026 ‘पॉपुलिस्ट’ नहीं, बल्कि ‘Prudent’ (सधे हुए) फैसलों का दस्तावेज है।
इस विस्तृत रिपोर्ट में जानिए बजट 2026 के उन 5 बड़े झटकों के बारे में, जिन्होंने आम आदमी और चुनावी राज्यों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
1. इनकम टैक्स: स्लैब वही, बस ‘नए एक्ट’ का झुनझुना
मिडिल क्लास की सबसे बड़ी उम्मीद Income Tax में राहत की थी। पिछले बजट में ₹12 लाख तक की आय को टैक्स-फ्री (रिबेट के जरिए) किया गया था। इस बार उम्मीद थी कि महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाकर ₹13-14 लाख किया जाएगा, या 80C की लिमिट बढ़ाई जाएगी।
हकीकत (Reality Check): वित्त मंत्री ने टैक्स स्लैब में ₹1 का भी बदलाव नहीं किया।
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New Tax Act: घोषणा की गई कि 1 अप्रैल 2026 से नया ‘Direct Tax Code’ लागू होगा।
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निराशा: स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) और HRA के नियमों में कोई रियायत नहीं दी गई। केवल इतना कहा गया कि रिटर्न भरने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा। करदाता के हाथ में खर्च करने के लिए कोई एक्स्ट्रा पैसा नहीं बचा।
2. चुनावी राज्य: सिर्फ ‘कॉरिडोर’ मिले, डायरेक्ट बेनिफिट नदारद
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी—इन 5 चुनावी राज्यों को उम्मीद थी कि वोट बैंक को लुभाने के लिए कोई ‘स्पेशल पैकेज’ या डायरेक्ट कैश स्कीम आएगी।
क्या मिला? (Technical Details):
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पश्चिम बंगाल: डांकुनी (Dankuni) से सूरत तक Dedicated Freight Corridor और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा।
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तमिलनाडु और केरल: Rare Earth Corridor (दुर्लभ खनिज कॉरिडोर) बनाने का ऐलान, जो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा।
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असम: बाढ़ नियंत्रण और टूरिज्म सर्किट के लिए फंड।
विश्लेषण: हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से ये प्रोजेक्ट्स बड़े हैं, लेकिन आम जनता को सीधे लाभ पहुंचाने वाली कोई ‘फ्रीबी’ या विशेष अनुदान राशि (Grant-in-aid) नहीं दी गई, जिससे क्षेत्रीय दलों को केंद्र पर हमला करने का मौका मिल गया है।
3. किसान: MSP और सम्मान निधि पर सन्नाटा
किसानों को उम्मीद थी कि PM Kisan Samman Nidhi की राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 या ₹12,000 की जाएगी। साथ ही, कुछ और फसलों को MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के दायरे में लाने की मांग थी।
बजट में क्या हुआ?
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एग्री-क्रेडिट: कृषि ऋण का लक्ष्य बढ़ाया गया, लेकिन यह कर्ज है, आय नहीं।
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सन्नाटा: खाद-बीज पर सब्सिडी और पुरानी कर्ज माफी पर वित्त मंत्री ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना’ का जिक्र जरूर हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर नकदी प्रवाह (Cash Flow) बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
4. राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) और बाजार का गणित
आम आदमी की नजर से दूर, लेकिन अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण—सरकार ने खर्च पर लगाम लगाई है।
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Fiscal Deficit Target: वित्त वर्ष 2027 के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% तय किया गया है (FY26 में यह 4.4% था)।
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Market Borrowing: सरकार बाजार से ₹17.2 लाख करोड़ उठाएगी।
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BioPharma Push: बायोफार्मा सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो भविष्य की नौकरियों के लिए एक अच्छा संकेत है, लेकिन इसका असर तुरंत नहीं दिखेगा।
5. रोजगार और सीनियर सिटीजन: सिर्फ वादे
युवाओं को ‘बेरोजगारी भत्ता’ या किसी बड़ी ‘Urban Employment Guarantee Scheme’ की उम्मीद थी।
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रोजगार: बजट में Data Centers और Content Creation को स्कूलों में बढ़ावा देने की बात हुई, लेकिन यह स्किलिंग से जुड़ा है, सीधी भर्ती से नहीं।
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सीनियर सिटीजन: रेलवे किराए में रियायत की पुरानी मांग को फिर से नजरअंदाज कर दिया गया। आयुष्मान भारत के विस्तार की बातें जरूर हुईं, लेकिन टीडीएस (TDS) कटौती या ब्याज आय पर छूट की सीमा नहीं बढ़ाई गई।
Budget 2026 in Hindi: मिडिल क्लास, टैक्सपेयर्स और NRI के लिए बजट में क्या है खास?
Conclusion
Budget 2026 ने साफ कर दिया है कि सरकार ‘Revari culture’ से दूर हटकर CapEx (Capital Expenditure) और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रखना चाहती है। लंबी अवधि में ‘Rare Earth Corridor’ और ‘Freight Corridor’ जैसे कदम फायदेमंद होंगे, लेकिन महंगाई से जूझ रहे आम आदमी के लिए यह बजट ‘नो-रिलीफ’ (No-Relief) बजट साबित हुआ है।
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Budget 2026 in Hindi (FAQs)
Q1: बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में क्या बदलाव हुए हैं? A: वित्त मंत्री ने मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, घोषणा की गई है कि 1 अप्रैल 2026 से एक नया और सरल ‘इनकम टैक्स एक्ट’ लागू किया जाएगा।
Q2: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को बजट 2026 में क्या खास मिला? A: पश्चिम बंगाल को डांकुनी-सूरत फ्रेट कॉरिडोर और सिलीगुड़ी के लिए हाई-स्पीड रेल लिंक मिला है। तमिलनाडु और केरल में ‘Rare Earth Corridor’ स्थापित किए जाएंगे।
Q3: बजट 2026 में राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) का लक्ष्य क्या है? A: सरकार ने FY27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GDP का 4.3% रखा है, जो वित्तीय अनुशासन (Fiscal Discipline) की ओर इशारा करता है।
Q4: क्या पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाई गई है? A: नहीं, इस बजट में पीएम किसान सम्मान निधि की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यह ₹6,000 वार्षिक पर ही स्थिर है।
Q5: बजट 2026 में सीनियर सिटीजन के लिए क्या घोषणाएं हुईं? A: सीनियर सिटीजन के लिए कोई विशेष वित्तीय राहत (जैसे रेलवे रियायत या टैक्स छूट) नहीं दी गई है। फोकस केवल हेल्थकेयर कवरेज और डिजिटल सुविधाओं पर रहा।
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