BMC Exit Polls: UP-बिहार वालों को ‘गाली’ देना पड़ा महँगा, ठाकरे ब्रदर्स का मुंबई से सफाया
महाराष्ट्र के 29 नगर निगम चुनावों के एग्जिट पोल ने बड़ा संकेत दिया है कि बीजेपी-एकनाथ शिंदे गुट की महायुति को मुंबई BMC में जबरदस्त जीत मिलने वाली है। [BMC Exit Polls] के जो आँकड़े सामने आ रहे हैं, उनसे साफ है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन को उनके अपने ही घर यानी मुंबई में करारी शिकस्त मिलती दिख रही है।
Axis My India एग्जिट पोल के अनुसार, बीजेपी+ को 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं दूसरी तरफ, शिवसेना (UBT) गठबंधन को सिर्फ 58 से 68 सीटें मिल सकती हैं। कॉन्ग्रेस की हालत और भी पतली है, उन्हें महज 12 से 16 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है।
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उत्तर भारतीयों के वोट ने पलटा खेल
यह चुनाव पूरी तरह से उत्तर भारतीयों के वोट बैंक पर केंद्रित रहा। Axis My India के आँकड़ों के मुताबिक, 68% उत्तर भारतीयों ने महायुति को वोट दिया, जबकि ठाकरे गठबंधन को सिर्फ 19% वोट मिले।
यूपी-बिहार के मतदाताओं ने एकजुट होकर बीजेपी-शिंदे को चुना, जिसने उन्हें सुरक्षा और सम्मान का वादा किया था। ‘बाहरी’ और ‘गाली’ वाली राजनीति ने इस वोट बैंक को पूरी तरह बीजेपी की गोद में डाल दिया।
अलग-अलग पोल्स, एक ही नतीजा
सिर्फ एक नहीं, बल्कि लगभग सभी BMC Exit Polls एक ही इशारा कर रहे हैं।
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JVC एग्जिट पोल: महायुति को 138 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि शिवसेना (UBT) को 59 सीटें और कांग्रेस को 23 सीटें मिल सकती हैं।
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Sakal पोल: यहाँ महायुति को 119 सीटें मिलने की बात कही गई है, जबकि ठाकरे गठबंधन 75 सीटों पर सिमट सकता है।
अच्छी बात ये है कि सभी पोल्स में महायुति बहुमत के जादुई आंकड़े (114 सीटें) को आसानी से पार करती दिख रही है।
‘असली शिवसेना’ की लड़ाई का फैसला? (New Section)
इस चुनाव में एक और जरूरी बात यह थी कि शिवसेना के टूटने के बाद यह पहला बड़ा मुकाबला था। मुंबईकरों को तय करना था कि ‘असली शिवसेना’ कौन सी है—उद्धव वाली या शिंदे वाली?
BMC Exit Polls के नतीजों से तो यही लग रहा है कि जनता ने एकनाथ शिंदे गुट को ही असली शिवसेना मान लिया है। बाल ठाकरे की विरासत अब शिंदे और बीजेपी के साथ जाती दिख रही है, जो उद्धव ठाकरे के लिए बहुत बड़ा झटका है। ग्राउंड पर काम करने वाले शिवसैनिक भी शिंदे गुट के साथ ज्यादा एक्टिव दिखे।
‘मराठी मानूस’ का दांव हुआ फेल
उत्तर भारतीयों और अन्य राज्यों के मतदाताओं ने तो एकतरफा बीजेपी का साथ दिया ही, लेकिन ठाकरे ब्रदर्स की ‘मराठी मानूस’ और उत्तर भारतीय विरोधी रणनीति भी उल्टी पड़ गई।
हैरानी की बात ये है कि मराठी वोटर भी पूरी तरह उनके साथ नहीं आए। एग्जिट पोल बता रहे हैं कि युवाओं और महिलाओं ने भी बीजेपी-शिंदे गठबंधन पर ज्यादा भरोसा जताया है। पुराना इमोशनल कार्ड इस बार नहीं चला।
एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका पर किसका कब्जा?
BMC चुनाव सिर्फ साख की लड़ाई नहीं है, बल्कि पैसों का भी खेल है। बीएमसी एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका मानी जाती है, जिसका बजट कई छोटे राज्यों से भी ज्यादा होता है।
BMC Exit Polls अगर सही साबित होते हैं, तो बीजेपी-शिंदे सरकार के पास मुंबई के विकास के लिए बड़े फंड का कंट्रोल आ जाएगा। डबल इंजन की सरकार (राज्य और बीएमसी दोनों में) होने से प्रोजेक्ट्स की रफ्तार भी बढ़ने की उम्मीद है। मुंबई की सड़कों और बारिश के पानी वाली समस्याओं पर जनता ने शायद इसी उम्मीद में वोट दिया है।
बाकी शहरों में भी महायुति का डंका
सिर्फ मुंबई ही नहीं, अन्य नगर निगमों में भी महायुति मजबूत दिख रही है।
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अमरावती, अकोला, लातूर, चंद्रपुर और जलगाँव जैसे शहरों में बीजेपी की जीत पक्की मानी जा रही है।
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कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर में भी महायुति आगे चल रही है।
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सांगली और भिवंडी में कॉन्ग्रेस को थोड़ी बहुत उम्मीद है।
काउंटिंग डे: कब आएगा फाइनल रिजल्ट?
मतगणना शुक्रवार सुबह 10 बजे से शुरू होगी। मुंबई में कुल 15 केंद्रों पर गिनती का काम होगा और शाम 4 बजे तक फाइनल नतीजे आने की उम्मीद है। कुल 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है और 64,000 कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
यह चुनाव ठाकरे परिवार के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है। मुंबई जैसे महानगर में ‘देश सबका है’ वाली सोच को मतदाताओं ने अपनाया है। BMC Exit Polls ने साफ संदेश दिया है कि अब सिर्फ नाम और परिवार के भरोसे राजनीति नहीं होगी, काम और सबको साथ लेकर चलने वाले की ही जीत होगी।
FAQs
Q1: BMC चुनाव के फाइनल नतीजे कब आएँगे?
Ans: शुक्रवार सुबह 10 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और शाम 4-5 बजे तक पूरी पिक्चर साफ हो जाएगी कि मुंबई का बॉस कौन है।
Q2: एग्जिट पोल में कौन जीत रहा है?
Ans: सारे एग्जिट पोल (Axis My India, JVC, Sakal) यही बता रहे हैं कि बीजेपी और शिंदे गुट की महायुति भारी बहुमत से जीत रही है। ठाकरे गुट काफी पीछे है।
Q3: उद्धव ठाकरे के हारने की सबसे बड़ी वजह क्या है?
Ans: सबसे बड़ी वजह है उत्तर भारतीय वोटर्स की नाराजगी और शिवसेना में हुई टूट। साथ ही, मराठी वोटर्स का भी पूरी तरह साथ न मिलना उनके खिलाफ गया।
Q4: BMC में बहुमत के लिए कितनी सीटें चाहिए?
Ans: बीएमसी में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 114 सीटों की जरूरत होती है।
Q5: क्या एग्जिट पोल हमेशा सही होते हैं?
Ans: देखो, एग्जिट पोल सिर्फ एक अनुमान होते हैं। अक्सर ये सही निकलते हैं, लेकिन कभी-कभी नतीजे थोड़े ऊपर-नीचे भी हो सकते हैं। असली पता तो रिजल्ट वाले दिन ही चलेगा।
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