Delhi Transport Department New Order: दिल्ली में अब बिना नोटिस जब्त होंगी गाड़ियां, ये 1 गलती पड़ेगी भारी

February 16, 2026 8:57 AM
Delhi Transport Department New Order

दिल्लीवालों सावधान! चाहे खड़ी हों या सड़क पर चल रही हों, अब बिना नोटिस के जब्त होंगी ये गाड़ियां

हाल ही में जारी Delhi Transport Department New Order के तहत, दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए परिवहन विभाग ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। अब आपकी पुरानी कार या बाइक घर के बाहर खड़ी हो या सड़क पर चल रही हो, ट्रांसपोर्ट डिपार्मेंट उसे बिना बताए उठाकर सीधे स्क्रैप (कबाड़) कर देगा।

अगले कुछ दिनों तक दिल्ली की सड़कों और कॉलोनियों में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर पीला पंजा चलने वाला है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह पूरा नियम क्या है, किन गाड़ियों पर लागू होगा और आप अपने वाहन को कबाड़ होने से कैसे बचा सकते हैं।

Delhi Transport Department New Order: क्या है नया नियम?

देश की राजधानी दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियां जब्त होनी शुरू हो गई हैं। सबसे बड़ी और डराने वाली बात यह है कि ये गाड़ियां चाहे सड़क पर चल रही हों या फिर आपके घर के बाहर पार्किंग में शांति से खड़ी हों, दोनों ही सूरतों में इन्हें जब्त किया जाएगा।

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने यह बेहद सख्त आदेश जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में वाहन मालिकों के बीच कोहराम मच सकता है। अब विभाग के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह आपकी तय सीमा पार कर चुकी गाड़ी को बिना किसी पूर्व सूचना (Notice) के उठा ले।

सच कहूं तो, अगर आपने अपनी पुरानी गाड़ी को घर की गली में या सोसायटी की पार्किंग में ढक कर भी रखा है, तो अब सावधान हो जाने का वक्त आ गया है।

लोगों में फैले सबसे बड़े भ्रम (Myths Busted)

यहां मैं कुछ ऐसी बातें साफ कर दूं जिन्हें लेकर लोग सबसे ज्यादा कंफ्यूज रहते हैं:

  • भ्रम: “नियम सिर्फ कारों के लिए है।”

    • सच्चाई: विभाग ने साफ कर दिया है कि यह आदेश दोपहिया स्कूटर, बाइक, चार पहिया कार, जीप और कमर्शियल वाहन—सभी पर समान रूप से लागू होता है।

  • भ्रम: “पार्किंग में खड़ी गाड़ी सेफ है।”

  • भ्रम: “गाड़ी उठाने से पहले नोटिस मिलेगा।”

    • सच्चाई: कोई पूर्व सूचना या चालान नहीं दिया जाएगा। गाड़ी सीधे जब्त होगी और स्क्रैप के लिए जाएगी।

प्रदूषण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’: यह कड़ा फैसला क्यों?

परिवहन विभाग का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में जहरीले धुएं और जानलेवा प्रदूषण को कम करना है। इस प्रदूषण में पुराने BS-3 (या उससे कम) मानक वाले इंजनों का सबसे ज्यादा योगदान है।

एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली की सड़कों पर और घरों की पार्किंग में अभी भी लगभग 20 से 25 लाख ऐसी गाड़ियां मौजूद हैं जो अपनी तकनीकी उम्र (Technical Life) पूरी कर चुकी हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या दोपहिया वाहनों की है।

पिछले कुछ वर्षों में लाखों गाड़ियों का पंजीकरण (Registration) रद्द किया जा चुका है। लेकिन विभाग की असली चिंता यह है कि ये गाड़ियां कागजों में भले ही रद्द हो गई हों, लेकिन वे अभी भी शहर के भीतर मौजूद हैं और समय-समय पर सड़क पर उतरकर प्रदूषण का कारण बनती हैं।

पुरानी गाड़ियों को हटाने का ऐतिहासिक सफर

यह जब्ती की प्रक्रिया रातों-रात शुरू नहीं हुई है। इसके पीछे एक लंबा कानूनी सफर और कई चेतावनियां शामिल हैं:

  • 2014-2015 (NGT का आदेश): नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहली बार दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर सख्त प्रतिबंध लगाया था।

  • 2018 (सुप्रीम कोर्ट की मुहर): सर्वोच्च न्यायालय ने एनजीटी के आदेश को बरकरार रखते हुए परिवहन विभाग को कड़े निर्देश दिए कि ऐसी गाड़ियों की लिस्ट सार्वजनिक की जाए और उन्हें सड़कों से हटाया जाए।

  • 2021-2022 (रजिस्ट्रेशन कैंसलेशन): दिल्ली सरकार ने बड़े पैमाने पर ऐसी गाड़ियों का पंजीकरण रद्द करना शुरू किया और ‘डी-रजिस्टर’ वाहनों की आधिकारिक सूची जारी की।

  • 2023-2024 (स्क्रैप पॉलिसी का विस्तार): सरकार ने निजी वेंडरों के साथ मिलकर अधिकृत (Authorized) स्क्रैपिंग सेंटर बनाए और लोगों को खुद अपनी गाड़ी सरेंडर करने पर नए वाहन के टैक्स में छूट का लालच भी दिया।

  • 2026 (ताजा फरमान): अब विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना ली है। इसका मतलब है सीधे जब्ती और स्क्रैपिंग, कोई नोटिस नहीं, कोई मोहलत नहीं।

आंकड़ों की जुबानी: दिल्ली में कितनी गाड़ियां हैं निशाने पर?

परिवहन विभाग के 2025 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में लगभग 62 लाख ऐसे पंजीकृत (Registered) वाहन थे जिनकी उम्र पूरी हो चुकी थी।

  • कुल वाहन: 62 लाख

  • टू-व्हीलर्स: 41 लाख

  • चारपहिया वाहन: 18 लाख

हालांकि, राहत की बात यह है कि वास्तविक संख्या इससे एक-चौथाई से भी कम रह गई है। कई वाहन पहले ही डी-रजिस्टर्ड होकर कबाड़ में जा चुके हैं या एनसीआर से बाहर के राज्यों में ले जाए गए हैं। मौजूदा हालात में, निशाने पर आने वाले दोपहिया वाहनों की संख्या अब लगभग 2 से 3 लाख के आसपास हो सकती है।

अपनी गाड़ी को कबाड़ (Scrap) होने से कैसे बचाएं?

अगर आपकी गाड़ी की उम्र पूरी होने वाली है (यानी डीजल 10 साल और पेट्रोल 15 साल के करीब पहुंचने वाला है), तो विभाग ने आपके लिए एक छोटा सा, लेकिन बेहद जरूरी रास्ता खुला रखा है।

NOC लें और ट्रांसफर करें: आप समय रहते परिवहन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC – No Objection Certificate) लेकर अपनी गाड़ी को दिल्ली-एनसीआर से बाहर के उन राज्यों में स्थानांतरित (Transfer) कर सकते हैं, जहां 15 साल से पुरानी गाड़ियों पर प्रतिबंध नहीं है।

सबसे जरूरी बात: एक बार आपकी गाड़ी दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा जब्त हो गई, तो उसे वापस पाने या उस पर एनओसी लेने का कोई कानूनी रास्ता नहीं बचेगा। जब्त की गई गाड़ी सिर्फ और सिर्फ कबाड़ (Scrap) बनने ही जाएगी।

इसलिए, अगर आपके पास भी कोई ऐसा वाहन है, तो आज ही उसका रजिस्ट्रेशन चेक करें और तुरंत उचित कदम उठाएं।

FAQs (Frequently Asked Questions)

Q1. क्या मेरे घर के अंदर या सोसायटी की प्राइवेट पार्किंग में खड़ी 15 साल पुरानी गाड़ी भी उठाई जा सकती है?

हां, Delhi Transport Department New Order के अनुसार, सार्वजनिक सड़कों के साथ-साथ अगर गाड़ी आपकी गली या सोसायटी के बाहर खुली पार्किंग में खड़ी है, तो प्रवर्तन दल (Enforcement teams) उसे जब्त कर सकते हैं।

Q2. मेरी बाइक अभी 14 साल 10 महीने पुरानी है, क्या मैं अभी भी NOC ले सकता हूं?

बिल्कुल। 15 साल की अवधि पूरी होने से पहले आप दूसरे राज्य (जहां पुराने वाहन अलाउड हैं) के लिए RTO से NOC अप्लाई कर सकते हैं। समय सीमा पार होने के बाद NOC नहीं मिलेगी।

Q3. अगर मेरी गाड़ी जब्त हो गई, तो क्या जुर्माना भरकर वापस मिल सकती है?

नहीं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक बार गाड़ी जब्त होने के बाद उसे किसी भी हालत में मालिक को वापस नहीं किया जाएगा। वह सीधे अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर भेजी जाएगी।

Q4. क्या कमर्शियल गाड़ियों (जैसे छोटा हाथी, टैक्सी) पर भी यही नियम लागू है?

हां, यह नियम सभी निजी (Private) और व्यावसायिक (Commercial) वाहनों पर समान रूप से लागू होता है।

Q5. मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी गाड़ी की वैलिडिटी खत्म हो गई है?

आप अपनी RC (Registration Certificate) पर ‘Registration Date’ या ‘Validity’ चेक कर सकते हैं। इसके अलावा आप ‘mParivahan’ ऐप पर अपनी गाड़ी का नंबर डालकर भी उसकी उम्र और फिटनेस की जानकारी ले सकते हैं।

Mahindra UDO Review in Hindi: मार्केट में आया नया ‘ऑटोप्लेन’, 200km रेंज और कार वाले फीचर्स, जानें असली सच्चाई

(देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सबसे पहले पढ़ें Deshtak.com पर , आप हमें FacebookTwitterInstagram , LinkedIn और  Youtube पर फ़ॉलो करे)

deshtak

DeshTak.com – Desh ki Baat, Sidhe Aap Tak DeshTak.com is a reliable and fast digital news platform dedicated to bringing every important news of the country and the world straight to you. Here you get breaking news, real-time updates, and in-depth analytical reporting - that too in both Hindi and English. From politics to technology, entertainment to sports and global events, DeshTak provides verified, unbiased content on every topic. Our aim is to give you fast, accurate and reliable information - so that you stay connected with every news, from anywhere.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment