OpenAI की पेंटागन डील ने कैसे बदल दी Anthropic की किस्मत?
दुनिया की दो सबसे बड़ी AI कंपनियों के बीच की जंग अब तकनीक से आगे बढ़कर सेना और हथियारों तक पहुंच गई है। Anthropic vs OpenAI की इस लड़ाई में OpenAI को बड़ा झटका लगा है, जहां कंपनी की टॉप एग्जीक्यूटिव ने सैन्य डील के विरोध में अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
रोबोटिक्स और कंज्यूमर हार्डवेयर की हेड केटलिन कलिनोवस्की ने OpenAI और अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के बीच हुई डील के कारण अपना पद छोड़ दिया है। कलिनोवस्की नवंबर 2024 में OpenAI में शामिल होने से पहले Meta में AR ग्लासेस और Apple में मैकबुक डिजाइनिंग का नेतृत्व कर चुकी हैं। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि कंपनी ने पेंटागन के क्लासिफाइड नेटवर्क पर अपने एआई मॉडल तैनात करने का फैसला बहुत जल्दबाजी में लिया है।
दूसरी तरफ, सरकारी बैन के बावजूद एंथ्रोपिक रिकॉर्ड बना रही है। एंथ्रोपिक के प्रवक्ता रयान डोनेगन के अनुसार, रोजाना करीब 10 लाख नए यूजर्स Claude पर अकाउंट बना रहे हैं और पेड प्लान खरीदने वालों की संख्या दोगुनी हो चुकी है।
यह विवाद सिर्फ दो टेक कंपनियों का नहीं है, बल्कि आम लोगों की निजता और वैश्विक सुरक्षा से जुड़ा है। बिना न्यायिक निगरानी के लोगों की जासूसी और इंसानी मंजूरी के बिना काम करने वाले ऑटोनॉमस हथियार (Autonomous weapons) भविष्य के लिए गंभीर खतरा हैं।
कलिनोवस्की ने साफ कहा है कि ‘हमें युद्ध के लिए AI नहीं चाहिए’। जब एआई जैसी ताकतवर तकनीक सीधे सेना के कंट्रोल में जाती है, तो इसका सीधा असर लोकतांत्रिक अधिकारों और सैन्य शक्ति के संतुलन पर पड़ता है। [AI टेक्नोलॉजी और प्राइवेसी के नए अपडेट्स]
Anthropic vs OpenAI: पेंटागन से कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब Anthropic ने पेंटागन की शर्तें मानने से साफ इंकार कर दिया। कंपनी नहीं चाहती थी कि उसके AI मॉडल का इस्तेमाल सर्विलांस या घातक हथियारों में हो। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने Anthropic को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए सरकारी कामकाज से ब्लॉक कर दिया।
[ADDED FACT – Source: The Guardian] सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए Anthropic को ‘सप्लाई चेन रिस्क’ घोषित कर दिया। यह इतिहास में पहली बार है जब किसी अमेरिकी कंपनी पर यह सख्त टैग लगाया गया है। इस विवाद के बीच ही सैम ऑल्टमैन की OpenAI ने मौका देखकर पेंटागन के साथ डील कर ली और Anthropic की जगह ले ली।
विशेषज्ञों के अनुसार, OpenAI का यह कदम उसे भारी पड़ रहा है। [ADDED FACT – Source: Times of India] रिपोर्ट के मुताबिक, इस सैन्य डील के ऐलान के बाद से करीब 1.5 मिलियन यूजर्स ने नाराजगी जताते हुए अपना ChatGPT का सब्सक्रिप्शन रद्द कर दिया है।
विवाद इतना बढ़ गया कि खुद OpenAI के भीतर भी हलचल मच गई। भारी जनविरोध को देखते हुए OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने खुद स्वीकार किया कि यह डील जल्दबाजी में की गई और यह कदम “अवसरवादी और लापरवाह” (opportunistic and sloppy) लग रहा था।
आने वाले दिनों में यह कानूनी और कारोबारी लड़ाई और तेज होगी। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो एमोडेई ने इस बैन को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। हालांकि, एक बड़ी राहत की बात यह है कि Google, Microsoft और Amazon जैसी टेक दिग्गजों ने साफ कर दिया है कि वे नॉन-डिफेंस कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए एंथ्रोपिक के Claude AI का सपोर्ट जारी रखेंगी।
एआई का भविष्य अब सिर्फ कोड और डेटा तक सीमित नहीं है। एंथ्रोपिक और ओपनएआई के इस विवाद ने टेक जगत में एआई एथिक्स की एक नई बहस छेड़ दी है, जिसका सीधा असर हमारी आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा पर पड़ेगा।
Key Takeaways:
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कलिनोवस्की ने OpenAI की सैन्य डील के विरोध में इस्तीफा दिया।
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एंथ्रोपिक ने सैन्य हथियारों में AI के इस्तेमाल से साफ इंकार किया।
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पेंटागन डील के बाद 1.5 मिलियन यूजर्स ने ChatGPT को छोड़ा।
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सैम ऑल्टमैन ने माना कि पेंटागन डील में जल्दबाजी की गई।
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बैन के बावजूद Claude AI पर रोजाना 10 लाख नए यूजर्स जुड़ रहे हैं।
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