‘AI के कारण नौकरी गई? घबराएं नहीं’ — Perplexity CEO अरविंद श्रीनिवास ने बताया आगे का रास्ता
आज के वक्त में नौकरी जाने की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है AI। लेकिन Perplexity के CEO अरविंद श्रीनिवास इस पूरी स्थिति को एक अलग नजर से देखते हैं — और उनका नजरिया सुनकर हैरानी होती है।
AI की वजह से छंटनी? इसे मौके की तरह देखें
जहां हर तरफ लोगों में AI को लेकर डर फैला हुआ है, वहीं श्रीनिवास ने इस माहौल में एक ऐसी बात कही जो हौसला देती है — और एक नई दिशा भी। Fortune की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में Nvidia GTC इवेंट में All-In पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने साफ कहा कि AI की वजह से होने वाली छंटनी से डरना नहीं चाहिए। बल्कि इसे आंत्रप्रन्योरशिप के लिए एक बड़े अवसर की तरह लेना चाहिए। और honestly, यह बात ज्यादातर लोग सुनना ही नहीं चाहते।
नौकरी से खुश ना होने वालों के लिए नया मौका
सच्चाई यह है — श्रीनिवास के मुताबिक — कि ज्यादातर लोग वैसे भी अपनी नौकरियों से खुश नहीं होते। उन्हें अपना काम पसंद नहीं होता। तो ऐसे लोगों के सामने अचानक एक रास्ता खुल गया है। AI टूल्स को सीखना, उन्हें इस्तेमाल करना, और खुद का छोटा बिजनेस खड़ा करना। यह मौका है। भले ही कुछ वक्त बिना नौकरी के निकालना पड़े, भले ही उस दौरान परेशानियां आएं — लेकिन एक शानदार भविष्य के लिए इंतजार करना ज़रूरी है। और यही वह जगह है जहां ज्यादातर लोग हिम्मत हार देते हैं।
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AI है Startup की नींव
अरविंद श्रीनिवास की नजर में AI सिर्फ एक टूल नहीं — यह स्टार्टअप का असली इंजन है। छोटे बिजनेस AI की मदद से ज्यादा फुर्तीले हो जाते हैं, जिसकी वजह से बड़ी टीम रखने और भारी फंडिंग जुटाने की ज़रूरत काफी कम हो जाती है। इसे समझाने के लिए उन्होंने TurboAI का उदाहरण दिया। यह एक AI-पावर्ड फ्लैशकार्ड और क्विज टूल है जिसे कॉलेज के दो छात्रों ने बनाया — सिर्फ 300 डॉलर (करीब 28,175 रुपये) से भी कम की लागत में। आज उस स्टार्टअप के 8.5 बिलियन यूजर्स हैं। और सिर्फ 13 लोगों की टीम के साथ यह हर महीने 1 मिलियन डॉलर यानी लगभग 94 करोड़ रुपये कमाता है। बस सोचिए।
Sam Altman ने भी दी ये सलाह
यह सिर्फ श्रीनिवास की सोच नहीं है। OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी कुछ समय पहले यह अनुमान लगाया था कि AI की वजह से एक ऐसा पहला बिलियन डॉलर बिजनेस संभव हो सकता है जिसे अकेला एक इंसान चलाएगा। श्रीनिवास ने भी इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ऐसे “one-person unicorn” के लिए सबसे बेहतर ज़मीन वही छोटे बिजनेस हैं जिन्हें AI की मदद से तराशा गया हो। मतलब साफ है — AI एक तरफ नौकरियां ले रहा है, लेकिन दूसरी तरफ कम लोगों के साथ बड़ा बिजनेस बनाने का दरवाज़ा भी खोल रहा है। और यही वह बात है जो सबसे ज्यादा मायने रखती है।
FAQ
Q1. क्या AI सच में नौकरियां छीन रहा है?
हां, AI की वजह से कई कंपनियां छंटनी कर रही हैं। लेकिन Perplexity CEO अरविंद श्रीनिवास का कहना है कि यही वक्त खुद का बिजनेस शुरू करने का सबसे बड़ा मौका है। AI टूल्स से कम लागत में काम हो सकता है।
Q2. AI से नौकरी जाने पर क्या करना चाहिए?
घबराने की जरूरत नहीं। AI टूल्स सीखें, छोटा बिजनेस शुरू करें। श्रीनिवास के मुताबिक, ज्यादातर लोग वैसे भी अपनी नौकरी से खुश नहीं होते — तो यह एक नई शुरुआत का मौका है।
Q3. TurboAI क्या है और इसकी सफलता की कहानी क्या है?
TurboAI एक AI-पावर्ड फ्लैशकार्ड और क्विज टूल है जिसे दो कॉलेज स्टूडेंट्स ने 300 डॉलर से कम में बनाया। आज इसके 8.5 बिलियन यूजर्स हैं और यह हर महीने करीब 94 करोड़ रुपये कमाता है।
Q4. सैम ऑल्टमैन ने AI बिजनेस के बारे में क्या कहा?
OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा कि AI की मदद से एक अकेला इंसान भी बिलियन डॉलर की कंपनी चला सकता है। यह सोच पहले impossible लगती थी, लेकिन AI ने इसे हकीकत में बदल दिया है।
Q5. AI स्टार्टअप के लिए बड़ी फंडिंग की जरूरत है क्या?
नहीं। अरविंद श्रीनिवास के अनुसार AI छोटे बिजनेस को इतना फुर्तीला बना देता है कि बड़ी टीम या भारी फंडिंग की जरूरत ही नहीं पड़ती। TurboAI इसकी सबसे अच्छी मिसाल है।
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