AI in Education: भारत कैसे बना रहा है 12.5 लाख AI एक्सपर्ट्स की फौज
भारत तेज़ी से एक वैश्विक AI महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में देश के 89% नए स्टार्टअप AI-संचालित थे और 87% उद्यम सक्रिय रूप से AI का उपयोग कर रहे हैं। भारतीय AI बाज़ार 2027 तक 25-35% की वार्षिक दर से बढ़ने की उम्मीद है। NASSCOM के अनुसार, 2027 तक 15% CAGR की दर से 12.5 लाख से अधिक AI पेशेवरों की आवश्यकता होगी, जबकि 2024 में AI प्रतिभा पूल मात्र 6-6.5 लाख था।
इस अंतर को पाटने के लिए सरकार ने NEP 2020 और IndiaAI मिशन के तहत स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक, और कौशल विकास से लेकर अनुसंधान तक — एक व्यापक रणनीति तैयार की है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और AI
NEP 2020 स्वीकार करती है कि AI, बिग डेटा और मशीन लर्निंग श्रम बाज़ारों को बदल देंगे। इसलिए इस नीति में AI, कंप्यूटर साइंस और डेटा साइंस को बहुविषयक शिक्षा के केंद्र में रखा गया है। चूँकि शिक्षा समवर्ती सूची में है, NEP 2020 की सिफारिशें केंद्र और राज्य — दोनों स्तरों की नीतियों को प्रभावित करती हैं।
NEP 2020 के तीन मुख्य लक्ष्य:
- वैश्विक नेतृत्व — तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास में भारत की स्थिति मज़बूत करना
- आर्थिक महत्वाकांक्षा — $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को AI से सहारा देना
- प्रतिभा विकास — युवाओं को वैश्विक AI क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए तैयार करना
स्कूलों में AI की शुरुआत
शिक्षा मंत्रालय ने CBSE और NCERT के ज़रिए NCF 2023 के तहत स्कूली पाठ्यक्रम में AI को शामिल किया है:
- CBSE — कक्षा VI से 15 घंटे का AI स्किल मॉड्यूल; कक्षा IX-XII में AI वैकल्पिक विषय
- NCERT — कक्षा XI की कंप्यूटर साइंस पाठ्यपुस्तकों में AI सामग्री; AI/ML से कक्षा 1-2 की पुस्तकों का 22 भारतीय भाषाओं में अनुवाद
- अटल इनोवेशन मिशन (AIM) — 722 जिलों में 10,000 अटल टिंकरिंग लैब्स, जहाँ AI, रोबोटिक्स, IoT, 3D प्रिंटिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है
डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI कोर्स
DIKSHA प्लेटफॉर्म
Digital Infrastructure for Knowledge Sharing — शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के लिए मोबाइल ऐप। इसमें दृष्टिबाधित छात्रों के लिए read-aloud फीचर और AI-आधारित वीडियो सर्च जैसी खासियतें हैं।
SOAR — Skilling for AI Readiness
कौशल विकास मंत्रालय की यह पहल कक्षा 6-12 के छात्रों और शिक्षकों के लिए तीन-स्तरीय AI पाठ्यक्रम प्रदान करती है:
- AI को जानो (Aware) — AI क्या है, यह कैसे काम करता है, दैनिक जीवन में AI
- AI सीखो (Acquire) — कोडिंग, एल्गोरिदम, मशीन लर्निंग टूल्स
- AI से करियर बनाओ (Aspire) — AI ethics, ज़िम्मेदार AI और करियर पाथवे
शिक्षकों के लिए अलग से 45 घंटे का ‘AI for Educators’ मॉड्यूल भी है।
SWAYAM प्लेटफॉर्म
IITs और IISc द्वारा 110+ मुफ्त AI कोर्स उपलब्ध, जिनमें अब तक 41.2 लाख से अधिक छात्र नामांकित हो चुके हैं।
उच्च शिक्षा में AI
UGC और AICTE दोनों ने उच्च शिक्षा में AI को मुख्यधारा में ला दिया है:
- UGC — 2022 के UG पाठ्यक्रम में AI, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, ड्रोन तकनीक और डीप लर्निंग शामिल
- AICTE — सभी IT-संबंधित कोर्सेज़ में AI अनिवार्य; 250 से अधिक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम; महिलाओं के लिए PRAGATI व Saraswati स्कॉलरशिप
- IITs — डीप लर्निंग, रीइन्फोर्समेंट लर्निंग, डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग, Probabilistic Reasoning जैसे विशेष AI कोर्स; कार्यरत पेशेवरों के लिए शॉर्ट-टर्म प्रोग्राम
- Perplexity-AICTE साझेदारी — 14,000 संस्थानों के 4 करोड़ छात्रों को AI सर्च टूल की सुविधा
ICT इन्फ्रास्ट्रक्चर: ग्रामीण से शहरी तक
Samagra Shiksha योजना के अंतर्गत फरवरी 2026 तक की स्थिति:
- 1,79,153 ICT लैब स्वीकृत — ₹7,634.95 करोड़ का आवंटन
- 9,33,987 स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी
- 4,50,919 स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम; 5,13,533 में डेस्कटॉप/PC
- 27 NIELIT Data & AI Labs (Tier-2 और Tier-3 शहरों में); 174 ITI & Polytechnic Labs (27 राज्यों और UTs में)
कौशल विकास: सबके लिए AI
सरकार ने छात्रों, कामगारों और सरकारी अधिकारियों — सभी के लिए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं:
- PMKVY 4.0 — 36,584 प्रशिक्षित (45% महिलाएं); अप्रैल 2025 में महिलाओं के लिए AI करियर पहल (8,000 बालिकाएं)
- SkillSaksham (MSDE + Microsoft) — 200 ITIs में 1,200 घंटे AI ट्रेनिंग; 8,500+ पहले ही प्रशिक्षित
- FutureSkills PRIME (सरकार + NASSCOM) — 16.29 लाख+ नामांकित; 500+ AI/빅डेटा/क्लाउड कोर्स
- YUVA AI For All (IndiaAI Mission) — 1 करोड़ नागरिकों के लिए मुफ्त 4-4.5 घंटे का AI कोर्स
- iGOT Karmayogi — सरकारी अधिकारियों के लिए AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कोर्स
IndiaAI मिशन: ₹10,372 करोड़ का संकल्प
मार्च 2024 में लॉन्च IndiaAI मिशन को पाँच साल के लिए ₹10,371.92 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह AI मॉडल विकास के लिए कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटासेट और व्यावहारिक अनुप्रयोग तैयार कर रहा है।
IndiaAI और Meta ने IIT जोधपुर में ‘Center for Generative AI — Srijan (सृजन)’ स्थापित किया है। YuvAI Initiative के तहत 18-30 वर्ष के 1 लाख छात्रों और डेवलपर्स को तीन साल में AI समाधान विकसित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा — स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, स्मार्ट सिटी और वित्तीय समावेश जैसे क्षेत्रों में।
विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों के लिए भी AI समाधान विकसित हो रहे हैं — जैसे Readabled (डिस्लेक्सिया), ScreenPlay (ऑटिज्म स्क्रीनिंग) और Jiveesha (SLD की जल्दी पहचान)।
निष्कर्ष
भारत की AI शिक्षा रणनीति सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है — यह ग्रामीण, आदिवासी और आकांक्षी जिलों तक भी पहुँच रही है। NEP 2020 और IndiaAI मिशन के तालमेल से तैयार यह रोडमैप प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक, पाठ्यक्रम से लेकर कौशल विकास तक — एक समग्र बदलाव का प्रतीक है।
यह पहल विकसित भारत 2047 के सपने को ज़मीन पर उतारने की दिशा में एक मजबूत कदम है — सर्वजनम हिताय, सर्वजनम सुखाय।
स्रोत: PIB Research Unit,
Best Free AI Tools 2026 — 21 Tools That Cost $0 Forever
11 Best AI Video Generator Tools in Hindi 2026 Free – Real Testing ke Baad
Top 10 AI Tools for Business Growth and Automation: 2026 की सबसे सटीक रिपोर्ट
(देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सबसे पहले पढ़ें Deshtak.com पर , आप हमें Facebook, Twitter, Instagram , LinkedIn और Youtube पर फ़ॉलो करे)









