4 Crore Tax भरने वाला Bengaluru Entrepreneur देश छोड़ने को तैयार?
Bengaluru के Entrepreneur ने Linkedin पर लिखा कि पिछले 12 से 18 महीनों में उन्होंने 4 करोड़ रुपये टैक्स भरा है.
बेंगलुरु (Bengaluru) के एक Entrepreneur (कारोबारी) रोहित श्रॉफ, भारत के टैक्स सिस्टम से काफी परेशान हैं. उनका कहना है कि जो लोग ईमानदारी से टैक्स देते हैं, उन्हें भी बार-बार जांच और कड़ी निगरानी का सामना करना पड़ता है.
रोहित ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले 12 से 18 महीनों में उन्होंने जीएसटी और इनकम टैक्स मिलाकर करीब 4 करोड़ रुपये सरकार को दिए हैं. इसके बावजूद उन्हें ऐसा लगता है कि सरकार कारोबारियों पर भरोसा नहीं करती.
Aflog फाउंडर का गुस्सा क्यों फूटा?
अफलॉग (Aflog) ग्रुप के फाउंडर रोहित श्रॉफ ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत में कारोबार करने की व्यवस्था ‘दोषपूर्ण’ है और इसी वजह से उन्होंने 2026 तक भारत छोड़कर विदेश में बिजनेस करने की कसम खाई है.
उन्होंने लिखा,
“भारत में, आबादी का एक छोटा सा हिस्सा (5% से भी कम) टैक्स भरता है. फिर भी, दुर्भाग्य यह है कि यह सिस्टम बार-बार इस छोटे हिस्से को ही निशाना बनाता है, जो पहले से ही नियमों का पालन कर रहा है.”
रोहित श्रॉफ का कहना है कि टैक्स सिस्टम में बार-बार वही लोग निशाने पर आते हैं जो नियम मानते हैं. उन्हें जीएसटी से लेकर इनकम टैक्स तक जांच झेलनी पड़ती है.
‘बदले में कोई सम्मान नहीं मिलता’
उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा,
“कंपनियां फिर भी हर महीने जीएसटी, टीडीएस और सालाना इनकम टैक्स भरती रहती हैं, लेकिन बदले में कोई फायदा या सम्मान नहीं मिलता. सिस्टम से लड़ना इतना महंगा और समय लेने वाला है कि ज्यादातर कारोबारी टैक्स भरते हैं और आगे बढ़ते हैं.”
रोहित श्रॉफ ने कहा कि यह सिस्टम, टैक्स देने वाले छोटे समूह के बजाय, बहुसंख्यक वर्ग को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है. इसी वजह से उन्होंने 2026 में भारत छोड़ने का फैसला किया है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
रोहित की इस पोस्ट के बाद इंटरनेट पर एक नई बहस शुरू हो गई है. कई दूसरे Entrepreneurs और बिजनेस ओनर्स भी उनकी बात से सहमत दिख रहे हैं.
लोगों का कहना है कि अगर ईमानदारी से काम करने वालों को ही परेशान किया जाएगा, तो देश में बिजनेस करना मुश्किल हो जाएगा. हालांकि, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि सिस्टम को सुधारने के लिए देश में रहकर ही काम करना चाहिए, भागना हल नहीं है.
‘देशभक्ति का नहीं, हकीकत का मामला’
उन्होंने लिंक्डइन पर लिखा कि जब ऐसे लोग देश छोड़ते हैं, तो इसकी वजह ये नहीं होती कि वे देश से नफरत करते हैं. इसका कारण यह है कि सिस्टम, विकास को बढ़ावा नहीं देता, बल्कि उसे परेशान करता है.
उन्होंने लिखा,
“यह देशभक्ति का मामला नहीं है. यह हकीकत का मामला है. सिस्टम में खामियां हैं.”
रोहित की ये बातें ये सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या वाकई हमारा सिस्टम बिजनेस करने वालों के लिए फ्रेंडली है या नहीं. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो टैलेंट और पैसा दोनों देश से बाहर जाते रहेंगे.
10 Best AI Tools for Accounting in 2026: Simplifying Your Financial Management
Hindi news website – Deshtak.com
(देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सबसे पहले पढ़ें Deshtak.com पर , आप हमें Facebook, Twitter, Instagram , LinkedIn और Youtube पर फ़ॉलो करे)







