India Beats Japan: भारत ने रचा इतिहास: जापान पीछे छूटा, अब हम हैं दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था!
केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक बड़ी खुशखबरी साझा की है। सरकार ने बताया कि India beats Japan और अब भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत की अर्थव्यवस्था का आकार फिलहाल 4.18 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹374.5 लाख करोड़) आंका गया है।
केंद्र का अनुमान है कि अगर देश की मौजूदा रफ्तार बनी रही, तो 2030 तक भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 7.3 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹649.70 लाख करोड़) तक पहुंच सकता है।
ऐसा हुआ तो भारत जर्मनी को भी पीछे छोड़ देगा। फिलहाल अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, चीन दूसरे और जर्मनी तीसरे नंबर पर है।
India beats Japan: आखिर कैसे हुआ यह कमाल?
बात ये है कि जहाँ जापान अपनी ढलती आबादी और करेंसी (येन) की कमजोरी से जूझ रहा है, वहीं भारत की ग्रोथ रेट काफी तगड़ी रही है। भारत में युवाओं की बढ़ती तादाद और बढ़ता हुआ डिजिटल मार्केट इस जीत की सबसे बड़ी वजह है।
सरकार के बयान के मुताबिक, भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 8.2% रही।
इससे पहले पहली तिमाही में यह 7.8% और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7.4% थी। यानी भारत की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही है।
वैश्विक एजेंसियों का GDP में लगातार ग्रोथ का अनुमान
केंद्र के मुताबिक, वैश्विक व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं के बावजूद 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की GDP छह तिमाहियों के उच्चस्तर पर पहुंची।
इस वृद्धि में घरेलू मांग, खासकर निजी खपत की अहम भूमिका रही। सरकार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी भारत की विकास दर को लेकर सकारात्मक अनुमान जताए हैं।
विश्व बैंक ने 2026 के लिए 6.5% वृद्धि का अनुमान लगाया है। मूडीज के अनुसार भारत 2026 में 6.4% और 2027 में 6.5% वृद्धि के साथ G-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
दुनिया भर की नजरें अब भारत पर
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने 2025 के लिए वृद्धि अनुमान 6.6% और 2026 के लिए 6.2% किया है।
ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (OCD) ने 2025 में 6.7% और 2026 में 6.2% वृद्धि का अनुमान दिया है। एसएंडपी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.5% और अगले वित्त वर्ष में 6.7% रह सकती है।
एशियाई विकास बैंक ने 2025 के लिए अनुमान बढ़ाकर 7.2% किया है, जबकि फिच ने मजबूत उपभोक्ता मांग के आधार पर 2026 के लिए GDP वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान जताया है।
केंद्र बोला- 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने का लक्ष्य
सरकार ने कहा कि भारत 2047 तक उच्च मध्यम-आय वाला देश बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इसके लिए आर्थिक वृद्धि, सुधार और सामाजिक प्रगति को आधार बनाया जा रहा है।
बयान में कहा गया कि महंगाई अभी नियंत्रण में है। बेरोजगारी धीरे-धीरे कम हो रही है और देश के निर्यात (Export) में लगातार सुधार हो रहा है।
और हाँ, आर्थिक हालात भी अब पहले से काफी बेहतर दिख रहे हैं। कारोबारियों को बैंकों से आसानी से कर्ज मिल रहा है। बाजार में मांग बनी हुई है और शहरों में लोगों के खर्च बढ़ने से बाजार को सहारा मिल रहा है।
GDP क्या है? आसान भाषा में समझें
इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए GDP का इस्तेमाल होता है। ये देश के भीतर एक तय समय में बनाए गए सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को दिखाती है।
इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं उन्हें भी शामिल किया जाता है।
दो तरह की होती है GDP
GDP दो तरह की होती है। रियल GDP और नॉमिनल GDP।
रियल GDP में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल GDP को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। वहीं नॉमिनल GDP का कैलकुलेशन करंट प्राइस पर किया जाता है।
कैसे कैलकुलेट की जाती है GDP?
GDP को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है।
$GDP = C + G + I + NX$
यहाँ:
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C का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन (हमारा खर्च)
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G का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग (सरकारी खर्च)
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I का मतलब इन्वेस्टमेंट (निवेश)
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NX का मतलब नेट एक्सपोर्ट (निर्यात माइनस आयात)
GDP की घट-बढ़ के लिए कौन जिम्मेदार है?
GDP को चलाने के लिए चार ज़रुरी इंजन होते हैं। पहला है, आप और हम। आप जितना खर्च करते हैं, वो हमारी इकोनॉमी में योगदान देता है।
दूसरा है, प्राइवेट सेक्टर की बिजनेस ग्रोथ। ये GDP में 32% योगदान देती है। तीसरा है, सरकारी खर्च। इसका मतलब है गुड्स और सर्विसेस प्रोड्यूस करने में सरकार कितना खर्च कर रही है। इसका GDP में 11% योगदान है।
और चौथा है, नेट डिमांड। इसके लिए भारत के कुल एक्सपोर्ट को कुल इम्पोर्ट से घटाया जाता है। क्योंकि भारत में एक्सपोर्ट के मुकाबले इम्पोर्ट ज्यादा है, इसलिए इसका इम्पैक्ट GDP पर थोड़ा निगेटिव ही पड़ता है।
नतीजा यह है कि India beats Japan के बाद अब भारत का अगला निशाना जर्मनी को पीछे छोड़ना है, जो कि बहुत जल्द मुमकिन लग रहा है।
FAQs (India beats Japan to become world’s 4th largest economy)
1. क्या सच में भारत ने जापान को पीछे छोड़ दिया है?
हाँ, ताज़ा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 4.18 ट्रिलियन डॉलर की GDP के साथ भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन गया है और जापान पांचवें पर खिसक गया है।
2. India beats Japan होने से आम आदमी को क्या फायदा होगा?
जब देश की इकोनॉमी बढ़ती है, तो नए बिजनेस शुरू होते हैं और नौकरियां पैदा होती हैं। साथ ही बैंकों से लोन मिलना आसान हो जाता है और देश में इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे सड़कें, मेट्रो) बेहतर होता है।
3. अब भारत का अगला नंबर किसका है?
भारत का अगला टारगेट जर्मनी है। माना जा रहा है कि 2030 तक भारत जर्मनी को भी पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।1
4. जापान पीछे क्यों रह गया?2
जापान की आबादी बूढ़ी हो रही है और वहां खर्च करने वाले लोग कम हो रहे हैं। साथ ही उनकी करेंसी ‘येन’ काफी कमजोर हुई है, जिसका फायदा भारत को मिला।3
54. GDP का 8.2% होना अच्छी बात है या बुरी?
यह बहुत अच्छी खबर है! 8.2% की ग्रोथ का मतलब है कि भारत की रफ्तार दुनिया की बाकी बड़ी इकोनॉमी के मुकाबले सबसे तेज़ है।
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