Online Cyber Fraud Complaint Kaise Kare 2025: Online Cyber Fraud Complaint दर्ज करने का सबसे तेज़ तरीका 1930 डायल करना है। यह नेशनल हेल्पलाइन ‘Golden Hour’ में आपके पैसे फ्रीज़ करने में मदद करती है। इसके अलावा, आप cybercrime.gov.in पर जाकर ‘File a Complaint’ पर क्लिक करें, अपनी डिटेल्स भरें और धोखाधड़ी के सबूत (screenshots) अपलोड करके शिकायत रजिस्टर कर सकते हैं।
नमस्ते दोस्तों। मैं पिछले 10 सालों से टेक्नोलॉजी और इंटरनेट की दुनिया को करीब से देख रहा हूँ।
आजकल इंटरनेट का इस्तेमाल जितना बढ़ा है, उतनी ही तेजी से Online Cyber Fraud के मामले भी बढ़े हैं। कभी UPI scam, कभी लॉटरी का लालच, तो कभी ‘Digital Arrest’ के नाम पर डराना—तरीके बदल रहे हैं, लेकिन मकसद एक ही है: आपकी मेहनत की कमाई चुराना।
अगर आप इस पेज पर आए हैं, तो हो सकता है आपके या आपके किसी जानने वाले के साथ धोखा हुआ हो। घबराइए नहीं। 2025 में शिकायत दर्ज करने का प्रोसेस काफी आसान और तेज हो गया है। इस ब्लॉग में मैं आपको बिल्कुल सरल भाषा में बताऊंगा कि Online cyber fraud complaint कैसे करें और अपने पैसे सुरक्षित करने के लिए आपको तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए।
सीधे पॉइंट पर आते हैं।
What is Online Cyber Fraud Complaint?
सरल शब्दों में, जब इंटरनेट या डिजिटल माध्यम (जैसे मोबाइल, कंप्यूटर, UPI) का इस्तेमाल करके आपके साथ धोखा किया जाता है, तो उसे साइबर फ्रॉड कहते हैं। इसकी रिपोर्ट सरकार के आधिकारिक पोर्टल या पुलिस को देना ही ‘Cyber Fraud Complaint’ है।
यह सिर्फ पुलिस में FIR लिखाना नहीं है। आज के समय में यह एक ऑनलाइन सिस्टम है जो सीधे बैंकों से जुड़ा होता है, ताकि फ्रॉड करने वाले के खाते को फ्रीज किया जा सके।
Why it Matters: The ‘Golden Hour’ Concept (यह क्यों जरूरी है?)
Cyber Crime की दुनिया में एक शब्द बहुत चलता है—Golden Hour।
फ्रॉड होने के तुरंत बाद का 1-2 घंटा ‘गोल्डन आवर’ कहलाता है। अगर आप इस समय के भीतर 1930 पर कॉल कर देते हैं या पोर्टल पर शिकायत कर देते हैं, तो आपके पैसे वापस मिलने की संभावना 90% तक बढ़ जाती है। देरी करने पर ठग पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते हैं या ATM से निकाल लेते हैं, फिर रिकवरी मुश्किल हो जाती है।
Step-by-Step Guide: Online Cyber Fraud Complaint कैसे करें
यहाँ मैं आपको दो मुख्य तरीके बता रहा हूँ। अगर पैसे का नुकसान हुआ है, तो तरीका 1 सबसे पहले अपनाएं।
तरीका 1: Helpline Number 1930 (सबसे तेज)
अगर आपके बैंक खाते या वॉलेट से पैसे चोरी हुए हैं, तो वेबसाइट खोलने का इंतज़ार न करें।
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अपने मोबाइल से 1930 डायल करें (यह ऑल इंडिया नंबर है)।
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ऑपरेटर को अपनी समस्या बताएं।
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वे आपसे कुछ जानकारी मांगेंगे:
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आपका नाम और मोबाइल नंबर।
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बैंक खाता / कार्ड / UPI ID जिससे पैसे कटे।
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फ्रॉड की तारीख और समय।
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ट्रांजेक्शन ID (SMS में आता है)।
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शिकायत दर्ज होते ही आपको SMS पर एक Acknowledgement Number मिलेगा।
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इसके बाद पुलिस और बैंक मिलकर उस ट्रांजेक्शन को रोकने की कोशिश करेंगे।
तरीका 2: National Cyber Crime Portal (विस्तृत रिपोर्ट)
अगर हेल्पलाइन पर बात नहीं हो पा रही या फ्रॉड किसी और तरह का है (जैसे सोशल मीडिया हैकिंग, ब्लैकमेलिंग), तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
Step 1: पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले सरकार की आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाएं।
Step 2: फाइल ए कम्प्लेंट (File a Complaint)
होमपेज पर आपको ‘File a Complaint’ का बटन दिखेगा।
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अगर वित्तीय धोखा (Financial Fraud) है, तो “Report Cyber Crime Related to Women/Child” के अलावा जो ऑप्शन है (Other Cyber Crime), उसे चुनें या सीधे Financial Fraud ऑप्शन पर क्लिक करें।
Step 3: रजिस्ट्रेशन (Login/Register)
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‘Click here for New User’ पर क्लिक करें।
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अपना राज्य, मोबाइल नंबर भरें और OTP से वेरीफाई करें।
Step 4: घटना की जानकारी (Incident Details)
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Category: सही श्रेणी चुनें (जैसे Online Social Media Related, Online Financial Fraud, etc.)।
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Sub-Category: (जैसे UPI Fraud, Debit Card Fraud)।
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Date/Time: घटना कब हुई, सही समय डालें।
Step 5: संदिग्ध की जानकारी (Suspect Details)
अगर आपको पता है कि फ्रॉड किसने किया (जैसे कोई फ़र्ज़ी नाम, मोबाइल नंबर, या बैंक अकाउंट नंबर जो उसने दिया), तो वो यहाँ भरें। नहीं पता तो खाली छोड़ दें।
Step 6: शिकायत का विवरण और सबूत (Details & Evidence)
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बॉक्स में पूरी कहानी लिखें (क्या हुआ, कैसे हुआ)।
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Evidence Upload: यह सबसे ज़रूरी है। चैट के स्क्रीनशॉट, ट्रांजेक्शन का SMS, बैंक स्टेटमेंट की फोटो अपलोड करें।
Step 7: सबमिट
फॉर्म सबमिट करें। आपको एक शिकायत संख्या (Complaint ID) मिलेगी। इसे संभाल कर रखें।
Key Features of the Portal (खास फीचर्स)
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Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System (CFCFRMS): यह 1930 हेल्पलाइन के पीछे का सिस्टम है जो रियल टाइम में काम करता है।
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Track Your Complaint: आप लॉगिन करके कभी भी देख सकते हैं कि आपकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई।
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Anonymous Reporting: अगर मामला महिलाओं या बच्चों से जुड़ा है और आप पहचान नहीं बताना चाहते, तो आप बिना नाम बताए भी रिपोर्ट कर सकते हैं (Report Anonymously)।
Benefits (फायदे)
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घर बैठे शिकायत: आपको बार-बार थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
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बैंक अकाउंट फ्रीज: तुरंत शिकायत से ठग का अकाउंट फ्रीज हो सकता है।
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पूरे भारत में मान्य: आप किसी भी राज्य में हों, यह पोर्टल केंद्रीय है।
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पारदर्शिता: डिजिटल होने के कारण आपकी शिकायत दबाई नहीं जा सकती।
Common Mistakes (आम गलतियां जो लोग करते हैं)
मैंने अपने अनुभव में देखा है कि लोग हड़बड़ी में ये गलतियां करते हैं:
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SMS डिलीट करना: गुस्से में आकर बैंक का SMS डिलीट न करें, उसमें ट्रांजेक्शन ID होती है।
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देरी करना: “कल बैंक जाऊंगा” ऐसा सोचकर रात भर इंतज़ार करना सबसे बड़ी गलती है।
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Google से नंबर निकालना: कस्टमर केयर का नंबर Google सर्च से न निकालें, वहां भी ठगों ने अपने नंबर डाल रखे होते हैं।
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सबूत न रखना: स्क्रीनशॉट नहीं लेना। बाद में चैट डिलीट हो सकती है।
Expert Tips (मेरी सलाह)
ध्यान दें: साइबर पुलिस कभी भी आपको WhatsApp वीडियो कॉल करके ‘गिरफ्तारी’ की धमकी नहीं देती। यह नया ‘Digital Arrest’ स्कैम है। अगर ऐसा कॉल आए, तो डरें नहीं, सीधे काट दें और रिपोर्ट करें।
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दो अलग अकाउंट रखें: ऑनलाइन पेमेंट के लिए एक अलग बैंक अकाउंट रखें जिसमें कम पैसे हों। मुख्य सेविंग अकाउंट को हर जगह लिंक न करें।
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Limit सेट करें: अपने कार्ड और UPI की डेली लिमिट सेट करके रखें।
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Check Complaint Status: शिकायत करके भूल न जाएं। हर 3-4 दिन में स्टेटस चेक करें और अगर देरी हो रही है तो नजदीकी साइबर सेल में जाकर ID दिखाएं।
Real-Life Example (असली उदाहरण)
चलिए एक उदाहरण से समझते हैं। जयपुर के रहने वाले रमेश (काल्पनिक नाम) को OLX पर पुराना सोफा बेचना था।
एक खरीदार ने कॉल किया और कहा, “मैं आपको QR कोड भेज रहा हूँ, इसे स्कैन करें, आपको पैसे मिल जाएंगे।”
रमेश ने जैसे ही स्कैन करके PIN डाला, उसके खाते से 10,000 रुपये कट गए।
रमेश ने क्या सही किया?
उसने रोने या झगड़ने में वक़्त बर्बाद नहीं किया।
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तुरंत 1930 पर कॉल किया (15 मिनट के अंदर)।
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ट्रांजेक्शन ID बताई।
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साइबर सेल ने उस वॉलेट को फ्रीज कर दिया जहाँ पैसा गया था।
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10 दिन की प्रक्रिया के बाद, रमेश को उसके पैसे वापस मिल गए।
अगर रमेश 24 घंटे बाद शिकायत करता, तो शायद पैसा निकल चुका होता।
Comparison Table: Complaint Methods
| सुविधा | 1930 Helpline | Cybercrime.gov.in Portal | नजदीकी पुलिस स्टेशन |
| सबसे अच्छा कब है? | जब तुरंत पैसे कटे हों (Emergency) | जब विस्तृत रिपोर्ट और सबूत देने हों | जब FIR की कॉपी कोर्ट/बैंक के लिए चाहिए हो |
| स्पीड | बहुत तेज़ (Real-time) | मध्यम | प्रक्रिया में समय लग सकता है |
| दस्तावेज़ | फ़ोन पर जानकारी | स्क्रीनशॉट/फाइल्स अपलोड | हार्ड कॉपी देनी पड़ सकती है |
| समय | 24×7 | 24×7 | ऑफिस के समय (आमतौर पर) |
10 FAQs (Online Cyber Fraud Complaint Kaise Kare 2025)
Q1. क्या साइबर फ्रॉड के पैसे वापस मिलते हैं?
हाँ, अगर आप ‘Golden Hour’ (फ्रॉड के तुरंत बाद) में 1930 पर शिकायत करते हैं, तो पैसे वापस मिलने (hold होने) के चांस बहुत ज्यादा होते हैं।
Q2. 1930 नंबर पर कॉल नहीं लग रहा, क्या करें?
नेटवर्क बिजी हो सकता है। तुरंत अपने राज्य की साइबर पुलिस के नंबर पर ट्राई करें या सीधे cybercrime.gov.in पर शिकायत रजिस्टर करें।
Q3. क्या ऑनलाइन शिकायत के बाद थाने जाना पड़ता है?
आमतौर पर नहीं। लेकिन अगर मामला बड़ा है और FIR में तब्दील होता है, तो पुलिस आपको बयान या हस्ताक्षर के लिए बुला सकती है।
Q4. शिकायत दर्ज करने की कोई फीस है?
नहीं, यह भारत सरकार की निशुल्क सेवा है।
Q5. क्या मैं अनाम (Anonymous) रहकर शिकायत कर सकता हूँ?
हाँ, लेकिन केवल बाल शोषण (Child Pornography) या महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में। वित्तीय धोखाधड़ी में आपको पहचान देनी होगी ताकि पैसे आपको वापस मिल सकें।
Q6. मेरे पास स्मार्टफ़ोन नहीं है, मैं कैसे शिकायत करूँ?
आप 1930 पर साधारण फ़ोन से भी कॉल कर सकते हैं। या किसी मित्र के कंप्यूटर/फ़ोन से पोर्टल की मदद ले सकते हैं।
Q7. बैंक ने कहा पुलिस के पास जाओ, पुलिस कह रही है बैंक जाओ। क्या करूँ?
आप सीधे 1930 पर कॉल करके कम्प्लेंट ID जनरेट करें। यह ID लेकर बैंक जाएं, वे मना नहीं कर सकते। यह RBI का निर्देश है।
Q8. कितने दिन में समाधान होता है?
इसका कोई निश्चित समय नहीं है। यह केस की जटिलता और बैंक के रिस्पॉन्स पर निर्भर करता है। आमतौर पर 15 से 90 दिन लग सकते हैं।
Q9. Digital Arrest की धमकी मिली है, क्या करूँ?
घबराएं नहीं। तुरंत कॉल काट दें। 1930 पर रिपोर्ट करें। कोई भी पुलिस एजेंसी वीडियो कॉल पर जांच नहीं करती।
Q10. गलत शिकायत करने पर क्या होगा?
कभी भी झूठी शिकायत न करें। यह कानूनन अपराध है और इसके लिए आप पर कार्रवाई हो सकती है।
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Overview
2025 में online Cyber Fraud की शिकायत के लिए भारत सरकार ने National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP) और 1930 हेल्पलाइन को और भी सुदृढ़ बनाया है। अगर आपके साथ वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) हुई है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। यह सिस्टम बैंकों के साथ मिलकर आपके पैसे को तुरंत होल्ड करने की कोशिश करता है। अगर फ्रॉड सिर्फ सोशल मीडिया या हैरासमेंट से जुड़ा है, तो आप पोर्टल पर जाकर ‘Report Other Cyber Crime’ चुन सकते हैं। शिकायत के लिए मोबाइल नंबर, घटना का विवरण और सबूत (जैसे स्क्रीनशॉट या ट्रांजेक्शन आईडी) का होना अनिवार्य है। शिकायत के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट नंबर मिलता है जिससे आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
Conclusion
दोस्तों, डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही बचाव है। लेकिन अगर कभी चूक हो भी जाए, तो सिस्टम अब आपकी मदद के लिए तैयार है। 2025 में Online cyber fraud complaint करना बहुत आसान हो गया है। बस याद रखें: डरें नहीं, छुपाएं नहीं, तुरंत रिपोर्ट करें।
1930 नंबर को अपने मोबाइल में ‘Cyber Helpline’ के नाम से आज ही सेव कर लें। क्या पता कब किसी दोस्त या रिश्तेदार को इसकी ज़रूरत पड़ जाए। सुरक्षित रहें, जागरूक रहें।

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